{"_id":"5c7c2aeebdec2259b05bd281","slug":"181551641326-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाजपा दलित और पिछड़ा वर्ग विरोधी : राम आसरे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाजपा दलित और पिछड़ा वर्ग विरोधी : राम आसरे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागपत। पूर्व राज्यमंत्री एवं अखिल भारतीय विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राम आसरे विश्वकर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार दलित, पिछड़ा वर्ग की विरोधी है। पिछड़ों का आरक्षण को समाप्त करना चाहती है।
डौला गांव में विश्वकर्मा एकता विकास सभा के कार्यालय में पूर्व राज्यमंत्री एवं अखिल भारतीय विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राम आसरे विश्वकर्मा का समाज के लोगों ने स्वागत किया। इस मौके पर उन्होंने कहा भाजपा राज में मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने रविदास जयंती पर छुट्टी घोषित कर दी, लेकिन आराध्य देव भगवान विश्वकर्मा के पूजा दिवस की छुट्टी को निरस्त कर अपमान किया है। भगवान को मजदूर महापुरुष बता विश्वकर्मा समाज की पहचान मिटाना चाहती है। वहीं कांग्रेस विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव एडवोकेट मनीष विश्वकर्मा ने कहा कि जब तक विश्वकर्मा समाज के लोग राजनीति में भागीदारी नहीं करेंगे और समाज के विधायक, सांसद, मंत्री नहीं बनेंगे, तब तक न तो समाज का सम्मान होगा और न भागीदारी मिलेगी। समाज के लोगों को एक नजर अपने कारोबार पर ओर एक नजर सरकार पर रखे। जो सरकार समाज के हितों के विपरीत काम करें, उस सरकार को बदल देना चाहिए। समाज एकजुट होकर अत्याचार और उत्पीड़न की लड़ाई खुद लड़ें, तभी सम्मान बचेगा और लोग सुरक्षित होंगे। इस दौरान रूपचंद विश्वकर्मा, महेंद्र सिंह, प्रधान रोहतास विश्वकर्मा, सत्यप्रकाश, बाबूराम, सतीश, रविंद्र फौजी, राजेंद्र पांचाल, गौरव पांचाल आदि रहे।
विज्ञापन
डौला गांव में विश्वकर्मा एकता विकास सभा के कार्यालय में पूर्व राज्यमंत्री एवं अखिल भारतीय विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राम आसरे विश्वकर्मा का समाज के लोगों ने स्वागत किया। इस मौके पर उन्होंने कहा भाजपा राज में मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने रविदास जयंती पर छुट्टी घोषित कर दी, लेकिन आराध्य देव भगवान विश्वकर्मा के पूजा दिवस की छुट्टी को निरस्त कर अपमान किया है। भगवान को मजदूर महापुरुष बता विश्वकर्मा समाज की पहचान मिटाना चाहती है। वहीं कांग्रेस विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव एडवोकेट मनीष विश्वकर्मा ने कहा कि जब तक विश्वकर्मा समाज के लोग राजनीति में भागीदारी नहीं करेंगे और समाज के विधायक, सांसद, मंत्री नहीं बनेंगे, तब तक न तो समाज का सम्मान होगा और न भागीदारी मिलेगी। समाज के लोगों को एक नजर अपने कारोबार पर ओर एक नजर सरकार पर रखे। जो सरकार समाज के हितों के विपरीत काम करें, उस सरकार को बदल देना चाहिए। समाज एकजुट होकर अत्याचार और उत्पीड़न की लड़ाई खुद लड़ें, तभी सम्मान बचेगा और लोग सुरक्षित होंगे। इस दौरान रूपचंद विश्वकर्मा, महेंद्र सिंह, प्रधान रोहतास विश्वकर्मा, सत्यप्रकाश, बाबूराम, सतीश, रविंद्र फौजी, राजेंद्र पांचाल, गौरव पांचाल आदि रहे।
विज्ञापन