{"_id":"5c69b9b1bdec222817470174","slug":"181550432689-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वच्छ भारत मिशन से दूर है निवाड़ा गांव, गंदगी का है अंबार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वच्छ भारत मिशन से दूर है निवाड़ा गांव, गंदगी का है अंबार
विज्ञापन
बागपत। निवाड़ा गांव के लोग गंदगी में जीवन यापन करने को मजबूर है। गलियों में जलभराव है और जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। सामाजिक और छात्र संगठन ग्रामीणों को स्वच्छता का पाठ पढ़ा रहे हैं, लेकिन प्रशासन का कोई सहयोग नहीं मिल रहा है। जबकि प्रधान बजट न होने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं।
स्वच्छ भारत मिशन की सच्चाई जिला मुख्यालय से सटे गांव निवाड़ा में देखी जा सकती है। यहां के लोग गंदगी में जीवन बसर कर रहे हैं। गलियों में गंदगी पड़ी है। नालियों की सफाई नहीं होती हैं। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। ग्रामीणों के लिए स्वच्छता की कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। गांव के एक भी कोने में कूड़ेदान नहीं रखाए हैं। सामाजिक संगठन के पदाधिकारी फिरोज, प्रेम, नरेश, सुरेंद्र, जगदीश, अनिल और छात्रों के संगठन गर्वित, हेमंत, निशांत, शाद, अंकित ने गांव में लोगों को स्वच्छता को तो पाठ पढ़ा दिया, लेकिन उपकरणों न होने के कारण अभियान का कोई असर नजर नहीं आ रहा है। कई बार गांव में स्वच्छता रैली निकाल चुके हैं। बताया कि ग्राम प्रधान की ओर से कोई सहयोग नहीं मिल रहा है। शनिवार को भी उन्होंने गांव का भ्रमण किया। कई जगह गंदगी मिली। जल्द डीएम और सीडीओ से संगठन के लोग गांव की समस्या को अवगत कराने का निर्णय लिया है। उधर गांव प्रधान के पति सरवर का कहना है कि अभी बजट की कमी चल रही है। वैसे कहीं भी गांव में गंदगी नहीं है। बजट मिलते ही हरे और नीले रंग के कूड़ेदान रखवा दिए जाएंगे। लोगों को भी स्वच्छता के लिए जागरूक किया जा रहा है। सीडीओ पीसी जायसवाल ने कहा कि डस्टबीन के लिए कोई अलग से बजट की व्यवस्था नहीं की गई है। गांव के लोगों को भी जागरूक होने की आवश्यकता है।
विज्ञापन
स्वच्छ भारत मिशन की सच्चाई जिला मुख्यालय से सटे गांव निवाड़ा में देखी जा सकती है। यहां के लोग गंदगी में जीवन बसर कर रहे हैं। गलियों में गंदगी पड़ी है। नालियों की सफाई नहीं होती हैं। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। ग्रामीणों के लिए स्वच्छता की कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। गांव के एक भी कोने में कूड़ेदान नहीं रखाए हैं। सामाजिक संगठन के पदाधिकारी फिरोज, प्रेम, नरेश, सुरेंद्र, जगदीश, अनिल और छात्रों के संगठन गर्वित, हेमंत, निशांत, शाद, अंकित ने गांव में लोगों को स्वच्छता को तो पाठ पढ़ा दिया, लेकिन उपकरणों न होने के कारण अभियान का कोई असर नजर नहीं आ रहा है। कई बार गांव में स्वच्छता रैली निकाल चुके हैं। बताया कि ग्राम प्रधान की ओर से कोई सहयोग नहीं मिल रहा है। शनिवार को भी उन्होंने गांव का भ्रमण किया। कई जगह गंदगी मिली। जल्द डीएम और सीडीओ से संगठन के लोग गांव की समस्या को अवगत कराने का निर्णय लिया है। उधर गांव प्रधान के पति सरवर का कहना है कि अभी बजट की कमी चल रही है। वैसे कहीं भी गांव में गंदगी नहीं है। बजट मिलते ही हरे और नीले रंग के कूड़ेदान रखवा दिए जाएंगे। लोगों को भी स्वच्छता के लिए जागरूक किया जा रहा है। सीडीओ पीसी जायसवाल ने कहा कि डस्टबीन के लिए कोई अलग से बजट की व्यवस्था नहीं की गई है। गांव के लोगों को भी जागरूक होने की आवश्यकता है।
विज्ञापन