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गौरीपुर-निवाड़ा में रोक दी यमुना की धार, एनजीटी में हाजिर हुए खनन अधिकारी
Updated Fri, 14 Dec 2018 12:59 AM IST
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बागपत। नियम ताक पर रखकर यमुना की धार रोक कर नदी के बीच से खनन परिवहन के लिए कच्चा पुल तैयार किया। शिकायत पर एनजीटी की टीम ने निरीक्षण कराया। बृहस्पतिवार को खनन अधिकारी और बागपत कोतवाली प्रभारी एनजीटी में हाजिर हुए। पुलिस ने कहा उन्होंने दो पॉपलेन मशीनें सीज की। प्रकरण में कार्रवाई के निर्देश दिए और अगली सुनवाई के लिए 14 जनवरी की तिथि तय की। दूसरी तरफ एनजीटी ने अगले आदेश तक गौरीपुर क्षेत्र में खनन पर रोक लगा दी।
गौरीपुर-निवाड़ा में यमुना में रेत के टीले खड़े कर यमुना की धार मोड़ने की कोशिश की। यही नहीं खादर में रेत खनन के परिवहन के लिए यमुना नदी के बीच से कच्चा रास्ता तैयार कराया। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) तक मामला पहुंचा तो बृहस्पतिवार को एनजीटी में कोतवाली प्रभारी आरके सिंह एवं खनन अधिकारी अनुराग श्रीवास्तव हाजिर हुए। पुलिस ने एनजीटी को बताया कि उन्होंने रेत खनन कर रही दो पॉपलेन मशीनों को सीज किया। कोतवाल आरके सिंह ने बताया कि पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई को एनजीटी के समक्ष रखा। नदी की धार मोड़ कर कच्चा पुल बनाने में खनन अधिकारी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। खनन कमिश्नर लखनऊ डॉ. रोशन जैकब भी मौजूद रहे। अगली सुनवाई 14 जनवरी को होगा। एनजीटी ने प्रमुख सचिव को भी तलब किया है।
आंख बंद किए रहा सिस्टम और रोक दी यमुना की धार
बागपत। गौरीपुर-निवाड़ा गांव के यमुना खादर में यमुना नदी की धार रोककर कच्चा पुल तैयार किया। इस पुल से खनन परिवहन की तैयारी है। एनजीटी ने तलब किया तो अधिकारी जागे, जबकि इससे पहले कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
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नैथला के किसानों ने उठाई थी आवाज
बागपत। यमुना खादर में रेत खनन की शिकायत नैथला गांव के लोगों ने की थी। डीएम और एसपी से शिकायत की, जिसकी जांच कराई जा रही है।
पहले यमुना पुल के निकट रोकी धारा
बागपत। पिछले वर्ष सोनीपत मार्ग पर यमुना के पुल के निकट यमुना की धार रोकी। इसे लेकर एनजीटी और प्रदूषण विभाग तक मामला पहुंचा। इस बार सोनीपत पुल के बजाए करीब एक किमी अंदर जाकर यमुना नदी की धार को रोका। यही नहीं कई जगह रेत के टीले खड़े कर दिए और पानी की धार भी मोड़ दी ।
छपरौली में रोज हंगामा, सड़कों पर उतर सकते हैं किसान
बागपत। छपरौली और कोताना में खनन को लेकर रोज हंगामे की स्थिति बन रही है। कई बार ट्रक चालकों और किसानों के बीच झड़प हो चुकी है। भाकियू और ग्रामीणों ने यहां पर खनन नहीं रोके जाने पर आंदोलन का ऐलान किया है। किसान सड़क पर उतरकर हंगामा कर सकते हैं।
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गौरीपुर-निवाड़ा में यमुना में रेत के टीले खड़े कर यमुना की धार मोड़ने की कोशिश की। यही नहीं खादर में रेत खनन के परिवहन के लिए यमुना नदी के बीच से कच्चा रास्ता तैयार कराया। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) तक मामला पहुंचा तो बृहस्पतिवार को एनजीटी में कोतवाली प्रभारी आरके सिंह एवं खनन अधिकारी अनुराग श्रीवास्तव हाजिर हुए। पुलिस ने एनजीटी को बताया कि उन्होंने रेत खनन कर रही दो पॉपलेन मशीनों को सीज किया। कोतवाल आरके सिंह ने बताया कि पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई को एनजीटी के समक्ष रखा। नदी की धार मोड़ कर कच्चा पुल बनाने में खनन अधिकारी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। खनन कमिश्नर लखनऊ डॉ. रोशन जैकब भी मौजूद रहे। अगली सुनवाई 14 जनवरी को होगा। एनजीटी ने प्रमुख सचिव को भी तलब किया है।
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आंख बंद किए रहा सिस्टम और रोक दी यमुना की धार
बागपत। गौरीपुर-निवाड़ा गांव के यमुना खादर में यमुना नदी की धार रोककर कच्चा पुल तैयार किया। इस पुल से खनन परिवहन की तैयारी है। एनजीटी ने तलब किया तो अधिकारी जागे, जबकि इससे पहले कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
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नैथला के किसानों ने उठाई थी आवाज
बागपत। यमुना खादर में रेत खनन की शिकायत नैथला गांव के लोगों ने की थी। डीएम और एसपी से शिकायत की, जिसकी जांच कराई जा रही है।
पहले यमुना पुल के निकट रोकी धारा
बागपत। पिछले वर्ष सोनीपत मार्ग पर यमुना के पुल के निकट यमुना की धार रोकी। इसे लेकर एनजीटी और प्रदूषण विभाग तक मामला पहुंचा। इस बार सोनीपत पुल के बजाए करीब एक किमी अंदर जाकर यमुना नदी की धार को रोका। यही नहीं कई जगह रेत के टीले खड़े कर दिए और पानी की धार भी मोड़ दी ।
छपरौली में रोज हंगामा, सड़कों पर उतर सकते हैं किसान
बागपत। छपरौली और कोताना में खनन को लेकर रोज हंगामे की स्थिति बन रही है। कई बार ट्रक चालकों और किसानों के बीच झड़प हो चुकी है। भाकियू और ग्रामीणों ने यहां पर खनन नहीं रोके जाने पर आंदोलन का ऐलान किया है। किसान सड़क पर उतरकर हंगामा कर सकते हैं।