{"_id":"5aca70904f1c1b516b8b478c","slug":"181523216528-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"यात्रियों से मनमाना किराया वसूल रहे डग्गामार वाहन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यात्रियों से मनमाना किराया वसूल रहे डग्गामार वाहन
Updated Mon, 09 Apr 2018 01:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बड़ौत (बागपत)।
बड़ौत-मेरठ मार्ग पर अवैध रूप से संचालित डग्गामार वाहन पुलिस की संरक्षण में दौड़ रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद कई बार परिवहन विभाग के अधिकारी इन पर प्रतिबंध लगाने के लिए अभियान भी चलाते हैं, लेकिन अभियान बंद होने के अगले ही दिन दोबारा से ये वाहन धड़ल्ले से सड़कों पर दौड़ने लगते हैं। इससे आम जन यात्रियों में आक्रोश पनप रहा है। उन्होंने इन पर प्रतिबंध लगाने की मांग उठाई।
यात्रियों के अनुसार बड़ौत-मेरठ मार्ग पर रोडवेज बसों का संचालन ठीक नहीं है, जिस कारण यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए डग्गामार वाहनों में सफर करना पड़ता है। यात्रियों की मजबूरी का फायदा डग्गामार वाहन चालक जमकर उठाते हैं। दोगुना किराया देकर यात्रियों को यहां पर वाहनों की छतों पर बैठा दिया जाता है या फिर खिड़कियां पर लटका दिया जाता है। इतना ही नहीं महिला यात्रियों को चालक अपनी बराबर की सीट पर बैठता है, कई बार चालकों पर महिला यात्रियों के साथ छेड़खानी का भी आरोप लग चुका है, लेकिन बार-बार शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही। यात्रियों ने परिवहन विभाग के अफसरों पर इन पर अंकुश लगाकर रोडवेज बसों की संख्या बढ़वाने की मांग की। इनमें अरुण, देव, प्रताप, रविंद्र, राजेश, रवि, ओमपाल, ऋषिपाल, जगवीर, संदीप आदि रहे।
विज्ञापन
बड़ौत-मेरठ मार्ग पर अवैध रूप से संचालित डग्गामार वाहन पुलिस की संरक्षण में दौड़ रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद कई बार परिवहन विभाग के अधिकारी इन पर प्रतिबंध लगाने के लिए अभियान भी चलाते हैं, लेकिन अभियान बंद होने के अगले ही दिन दोबारा से ये वाहन धड़ल्ले से सड़कों पर दौड़ने लगते हैं। इससे आम जन यात्रियों में आक्रोश पनप रहा है। उन्होंने इन पर प्रतिबंध लगाने की मांग उठाई।
यात्रियों के अनुसार बड़ौत-मेरठ मार्ग पर रोडवेज बसों का संचालन ठीक नहीं है, जिस कारण यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए डग्गामार वाहनों में सफर करना पड़ता है। यात्रियों की मजबूरी का फायदा डग्गामार वाहन चालक जमकर उठाते हैं। दोगुना किराया देकर यात्रियों को यहां पर वाहनों की छतों पर बैठा दिया जाता है या फिर खिड़कियां पर लटका दिया जाता है। इतना ही नहीं महिला यात्रियों को चालक अपनी बराबर की सीट पर बैठता है, कई बार चालकों पर महिला यात्रियों के साथ छेड़खानी का भी आरोप लग चुका है, लेकिन बार-बार शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही। यात्रियों ने परिवहन विभाग के अफसरों पर इन पर अंकुश लगाकर रोडवेज बसों की संख्या बढ़वाने की मांग की। इनमें अरुण, देव, प्रताप, रविंद्र, राजेश, रवि, ओमपाल, ऋषिपाल, जगवीर, संदीप आदि रहे।
विज्ञापन