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वेद के मार्ग पर चलकर ही उन्नति संभव- अरविंद शास्त्री
Updated Tue, 06 Feb 2018 01:09 AM IST
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दोघट। योगाचार्य अरविंद कुमार शास्त्री ने कहा कि वेदों के बताए मार्ग पर चलने से राष्ट्र की उन्नति संभव हो सकती है।
आजमपुर मुलसम गांव में सात दिवसीय चतुर्वेद पारायण महायज्ञ के दूसरे दिन अरविंद कुमार शास्त्री ने कहा कि वेदों का पढ़ना-पढ़ाना मनुष्य जीवन में अति आवश्यक है। वेद ही हमें उन्नति के मार्ग पर ले जाते हैं। कहा कि मनुष्य अपने जीवन में बुरे कर्मों का त्याग कर अच्छे कर्मों को ग्रहण करें तो वह मनुष्य महान कहलाता है। मनुष्य जीवन में जैसी संगति में रहेगा, जैसा खान-पान करेगा उस पर वैसा ही प्रभाव पड़ेगा। जो मनुष्य सात्विक भोजन करता है उसका जीवन भी स्वस्थ सुखमय रहेगा। उन्होंने कहा कि कर्म ही मनुष्य की पहचान बनाते हैं। बुरे कर्म मनुष्य के पतन का कारण बनते हैं, जबकि उत्तम कर्म मनुष्य को विद्वानों की श्रेणी में ले जाते हैं। यज्ञमान रविंद्र, अनिल, नवीन, संजय, कपिल रहे। वेदपाठ स्वामी ब्रह्ममुनि, आचार्य अंकुर, रोहित, सुनील, ऋषि, जयकृष्ण, विशाल ने किया। डॉ. चंद्रवीर राणा, जयपाल, सुभाष, टिंकू, संजीव, कृष्णपाल, धर्मेंद्र, ब्रह्मचारी आर्य, सोमपाल आदि मौजूद रहे।
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आजमपुर मुलसम गांव में सात दिवसीय चतुर्वेद पारायण महायज्ञ के दूसरे दिन अरविंद कुमार शास्त्री ने कहा कि वेदों का पढ़ना-पढ़ाना मनुष्य जीवन में अति आवश्यक है। वेद ही हमें उन्नति के मार्ग पर ले जाते हैं। कहा कि मनुष्य अपने जीवन में बुरे कर्मों का त्याग कर अच्छे कर्मों को ग्रहण करें तो वह मनुष्य महान कहलाता है। मनुष्य जीवन में जैसी संगति में रहेगा, जैसा खान-पान करेगा उस पर वैसा ही प्रभाव पड़ेगा। जो मनुष्य सात्विक भोजन करता है उसका जीवन भी स्वस्थ सुखमय रहेगा। उन्होंने कहा कि कर्म ही मनुष्य की पहचान बनाते हैं। बुरे कर्म मनुष्य के पतन का कारण बनते हैं, जबकि उत्तम कर्म मनुष्य को विद्वानों की श्रेणी में ले जाते हैं। यज्ञमान रविंद्र, अनिल, नवीन, संजय, कपिल रहे। वेदपाठ स्वामी ब्रह्ममुनि, आचार्य अंकुर, रोहित, सुनील, ऋषि, जयकृष्ण, विशाल ने किया। डॉ. चंद्रवीर राणा, जयपाल, सुभाष, टिंकू, संजीव, कृष्णपाल, धर्मेंद्र, ब्रह्मचारी आर्य, सोमपाल आदि मौजूद रहे।