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भागवत कथा से दूर होगा मनुष्य का दुख- अतुल कृष्ण महाराज
Updated Fri, 05 Oct 2018 01:20 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
कथा व्यास अतुल कृष्ण महाराज ने श्रीमद् भागवत का महत्व बताते हुए कहा कि मनुष्य तीन प्रकार के कष्टों से परेशान होता है। जिनका निवारण कलयुग में भागवत कथा से हो सकता है।
वे बृहस्पतिवार को अग्रसेन भवन में सनातन धर्म प्रचारिणी समिति के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद भागवत कथा में बोल रहे थे। उन्होंने कहा केवल शिक्षा प्राप्त करके व्यक्ति विद्वान बन सकता है, जिस प्रकार रावण को तुलसीदास ने विद्वान बताया, परंतु शिक्षा के साथ वन्य के आने से व्यक्ति संपूर्ण होता है। जिसका उदाहरण तुलसीदास ने हनुमान को बताया। हनुमान जी को विद्वान नहीं विद्यावान कहा जाता है। संचालन डॉ. दीपक गौतम और रणजय लांबा ने किया। इसमें डॉ. जगमोहन शर्मा, राम कुमार शर्मा, राजेंद्र, रविंद्र तिवारी, संजीव शर्मा, अरविंद ठेकेदार, उमेश शर्मा, दिनेश, सुधा, विधा, माया, मालवी आदि रहे।
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कथा व्यास अतुल कृष्ण महाराज ने श्रीमद् भागवत का महत्व बताते हुए कहा कि मनुष्य तीन प्रकार के कष्टों से परेशान होता है। जिनका निवारण कलयुग में भागवत कथा से हो सकता है।
वे बृहस्पतिवार को अग्रसेन भवन में सनातन धर्म प्रचारिणी समिति के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद भागवत कथा में बोल रहे थे। उन्होंने कहा केवल शिक्षा प्राप्त करके व्यक्ति विद्वान बन सकता है, जिस प्रकार रावण को तुलसीदास ने विद्वान बताया, परंतु शिक्षा के साथ वन्य के आने से व्यक्ति संपूर्ण होता है। जिसका उदाहरण तुलसीदास ने हनुमान को बताया। हनुमान जी को विद्वान नहीं विद्यावान कहा जाता है। संचालन डॉ. दीपक गौतम और रणजय लांबा ने किया। इसमें डॉ. जगमोहन शर्मा, राम कुमार शर्मा, राजेंद्र, रविंद्र तिवारी, संजीव शर्मा, अरविंद ठेकेदार, उमेश शर्मा, दिनेश, सुधा, विधा, माया, मालवी आदि रहे।
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