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जिनेन्द्र भगवान की आरधाना ही भव्य सागर से पार लगा सकती है
Updated Thu, 10 May 2018 01:29 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
वीर संत सागर महाराज ने कहा कि जिनेंद्र भगवान की आराधना से ही भव्य सागर से पार लगा सकता है। बुधवार को दिगंबर जैन अजित नाथ मंदिर मेें आयोजित धर्मसभा मेें वीर संत सागर महाराज ने कहा कि वर्तमान समय में व्यक्ति लोभ लालच के कारण रुपये के पीछा भाग रहा है, प्रभु आराधना तो दूर है, व्यक्ति को खाने पीने का भी समय नहीं है, दुख में भगवान को याद करता है, यदि अच्छे समय मेें भगवान का स्मरण करते तो दुख आएगा नहीं, अंत मेें मानस आलस्य को त्यागकर भगवान का ध्यान करे, तभी मनुष्य का जीवन सार्थक हो सकता है। इस दौरान विजयेश और विश्व सूर्य महाराज ने विचार व्यक्त किए। संचालन वरदान जैन ने किया। मंगल चरण त्रिसला जैन ने किया। इसमें सुभाष जैन, प्रदीप जैन, सतीश जैन, प्रवीण जैन, अतुल जैन, संजय जैन, संजीव, वकील चंद जैन, विपिन जैन, इंद्राणी, मधु जैन आदि उपस्थित रहे।
बच्चों को दी जाएगी जैन धर्म की शिक्षा
बड़ौत। मीडिया प्रभारी वरदान जैन ने बताया कि 10 मई को मुनि विहर्ष सागर महाराज के सानिध्य मेें सुबह पांच बजे से ध्यान शिविर और 12 मई को ओके फाउंडेशन के सौजन्य से फ्री चिकित्सा शिविर अतिथि भवन में होगा। 13 मई को शिलान्यास समाज छोटा मंदिर मेें होगी। 20 से 27 मई संस्कार शिविर के माध्यम से बच्चों को जैन धर्म की शिक्षा दी जाएगी।
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वीर संत सागर महाराज ने कहा कि जिनेंद्र भगवान की आराधना से ही भव्य सागर से पार लगा सकता है। बुधवार को दिगंबर जैन अजित नाथ मंदिर मेें आयोजित धर्मसभा मेें वीर संत सागर महाराज ने कहा कि वर्तमान समय में व्यक्ति लोभ लालच के कारण रुपये के पीछा भाग रहा है, प्रभु आराधना तो दूर है, व्यक्ति को खाने पीने का भी समय नहीं है, दुख में भगवान को याद करता है, यदि अच्छे समय मेें भगवान का स्मरण करते तो दुख आएगा नहीं, अंत मेें मानस आलस्य को त्यागकर भगवान का ध्यान करे, तभी मनुष्य का जीवन सार्थक हो सकता है। इस दौरान विजयेश और विश्व सूर्य महाराज ने विचार व्यक्त किए। संचालन वरदान जैन ने किया। मंगल चरण त्रिसला जैन ने किया। इसमें सुभाष जैन, प्रदीप जैन, सतीश जैन, प्रवीण जैन, अतुल जैन, संजय जैन, संजीव, वकील चंद जैन, विपिन जैन, इंद्राणी, मधु जैन आदि उपस्थित रहे।
बच्चों को दी जाएगी जैन धर्म की शिक्षा
बड़ौत। मीडिया प्रभारी वरदान जैन ने बताया कि 10 मई को मुनि विहर्ष सागर महाराज के सानिध्य मेें सुबह पांच बजे से ध्यान शिविर और 12 मई को ओके फाउंडेशन के सौजन्य से फ्री चिकित्सा शिविर अतिथि भवन में होगा। 13 मई को शिलान्यास समाज छोटा मंदिर मेें होगी। 20 से 27 मई संस्कार शिविर के माध्यम से बच्चों को जैन धर्म की शिक्षा दी जाएगी।
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