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वितविहीन शिक्षकों ने दी मूल्याकंन के बहिष्कार की चेतावनी
Updated Fri, 16 Mar 2018 12:48 AM IST
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बागपत। यूपी बोर्ड परीक्षा के बाद अब वित्त विहीन शिक्षकों ने उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्याकंन बहिष्कार की चेतावनी दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन डीआईओएस को सौंपा। चेतावनी दी जब तक मांग पूरी नहीं होगी, आंदोलन चलता रहेगा। मूल्याकन केंद्रों पर तालाबंदी की जाएगी।
माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा के पदाधिकारी बृहस्पतिवार को डीआईओएस दफ्तर में एकत्र हुए। मुख्यमंत्री के नाम डीआईओएस पीके मिश्रा को सौंपे ज्ञापन में उन्होंने कहा कि वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों का मानदेय अकारण बंद कर दिया गया है। पुरानी पेंशन बहाल न किए जाने, अध्ययन तदर्थ शिक्षकों को विनयमित न किए जाने, पारिश्रमिक दर को बढ़ाने एवं उच्चीकृत जूनियर हाईस्कूलों को सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार ग्रांट पर लेने और पिछला परीक्षा संबंधित भुगतान कराने के लिए सरकार से कई बार वार्ता हो चुकी है, लेकिन कोई परिणाम नहीं निकाला जा रहा है। इससे त्रस्त होकर शिक्षकों ने प्रदेशाध्यक्ष एवं एमएलसी उमेश द्विवेदी के आह्वान पर निर्णय लिया है यदि मांग नहीं मानी तो मूल्याकंन का बहिष्कार किया जाएगा। मूल्याकंन केंद्रों पर शिक्षक तालाबंदी करके गेट पर ही धरना प्रदर्शन कर विरोध प्रकट करेंगे।
डीआईओएस पीके मिश्रा ने कहा कि करीब 100 वित्तविहीन शिक्षकों की मूल्याकंन में ड्यूटी लगी होगी। अगर ये बहिष्कार कर रहे हैं तो इससे मूल्याकंन पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। जिलाध्यक्ष रमेश यादव, अजय, संजीव कुमार शर्मा, संजीव, अशोक बंधु, सत्यप्रकाश, मौजूद रहे।
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माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा के पदाधिकारी बृहस्पतिवार को डीआईओएस दफ्तर में एकत्र हुए। मुख्यमंत्री के नाम डीआईओएस पीके मिश्रा को सौंपे ज्ञापन में उन्होंने कहा कि वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों का मानदेय अकारण बंद कर दिया गया है। पुरानी पेंशन बहाल न किए जाने, अध्ययन तदर्थ शिक्षकों को विनयमित न किए जाने, पारिश्रमिक दर को बढ़ाने एवं उच्चीकृत जूनियर हाईस्कूलों को सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार ग्रांट पर लेने और पिछला परीक्षा संबंधित भुगतान कराने के लिए सरकार से कई बार वार्ता हो चुकी है, लेकिन कोई परिणाम नहीं निकाला जा रहा है। इससे त्रस्त होकर शिक्षकों ने प्रदेशाध्यक्ष एवं एमएलसी उमेश द्विवेदी के आह्वान पर निर्णय लिया है यदि मांग नहीं मानी तो मूल्याकंन का बहिष्कार किया जाएगा। मूल्याकंन केंद्रों पर शिक्षक तालाबंदी करके गेट पर ही धरना प्रदर्शन कर विरोध प्रकट करेंगे।
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डीआईओएस पीके मिश्रा ने कहा कि करीब 100 वित्तविहीन शिक्षकों की मूल्याकंन में ड्यूटी लगी होगी। अगर ये बहिष्कार कर रहे हैं तो इससे मूल्याकंन पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। जिलाध्यक्ष रमेश यादव, अजय, संजीव कुमार शर्मा, संजीव, अशोक बंधु, सत्यप्रकाश, मौजूद रहे।
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