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जो सेवाएं हैं, बस वही बेहतर हो जाए
Updated Fri, 02 Feb 2018 01:33 AM IST
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बागपत। स्वास्थ्य को लेकर बजट में कई घोषणाएं की गई है। इनमें से जिले के हिस्से में क्या आएगा, यह तो भविष्य में ही पता चलेगा। लेकिन लोगों का कहना है कि जो स्वास्थ्य सुविधाएं हैं, वही बेहतर हो जाए तो तस्वीर बदल जाएगी।
बजट में वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य बीमा पर छूट बढ़कर 50 हजार कर दी गई है। गरीबों को मुफ्त में डायलिसिस की सुविधा होगी। हर तीन संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में एक मेडिकल कॉलेज बनाना सुनिश्चित किया जाएगा। 24 नए मेडिकल खोले जाने का एलान किया गया। इन घोषणाओं में जिले के हिस्से में क्या आएगा, यह तो भविष्य में ही स्पष्ट होगा। लेकिन जिले की स्वास्थ्य सेवाएं खराब हैं। एक सौ बिस्तर का महिला अस्पताल बनकर तैयार है। तीन बार उद्घाटन हुआ, लेकिन अब तक इससे आम आदमी को लाभ नहीं हुआ। नर्सिंग होम चलाने वाले डा. शुचि नैन कहती हैं कि जो संसाधन और सुविधाएं हैं उन्हें बेहतर किया जाना चाहिए।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में यह हुई घोषणाएं
-हर तीन संसदीय क्षेत्रों में एक मेडिकल कॉलेज खोलना।
-टीबी के मरीजों को पूर्व से मिलते आ रहे फ्री इलाज के साथ डाइट के लिए हर महीने 500 रुपये मिलेंगे।
-हेल्थ बीमा के लिए मिलने वाली 30 हजार रुपये की धनराशि को बढ़ाकर पांच लाख रुपये किया गया।
-देश भर में सवा लाख अरोग्य स्वास्थ्य केंद्र खोले जाएंगे।
-24 नए मेडिकल कॉलेज देश भर में खोले जाएंगे।
चिकित्सकों और आमजन को यह थी उम्मीद
-स्वास्थ्य बजट जो 1.5 फीसदी से बढ़ाकर कम से कम दस फीसदी हो।
-दवाओं के दाम 50 प्रतिशत कम किए जाएं।
-स्वास्थ्य से जुड़ती जांच मशीनें और उपकरणों में टैक्स कम हो, जिससे वह सस्ती हों।
-मौजूदा अस्पतालों में चिकित्सकों और स्टाफ की कमी को दूर किया जाए।
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बजट में वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य बीमा पर छूट बढ़कर 50 हजार कर दी गई है। गरीबों को मुफ्त में डायलिसिस की सुविधा होगी। हर तीन संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में एक मेडिकल कॉलेज बनाना सुनिश्चित किया जाएगा। 24 नए मेडिकल खोले जाने का एलान किया गया। इन घोषणाओं में जिले के हिस्से में क्या आएगा, यह तो भविष्य में ही स्पष्ट होगा। लेकिन जिले की स्वास्थ्य सेवाएं खराब हैं। एक सौ बिस्तर का महिला अस्पताल बनकर तैयार है। तीन बार उद्घाटन हुआ, लेकिन अब तक इससे आम आदमी को लाभ नहीं हुआ। नर्सिंग होम चलाने वाले डा. शुचि नैन कहती हैं कि जो संसाधन और सुविधाएं हैं उन्हें बेहतर किया जाना चाहिए।
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स्वास्थ्य के क्षेत्र में यह हुई घोषणाएं
-हर तीन संसदीय क्षेत्रों में एक मेडिकल कॉलेज खोलना।
-टीबी के मरीजों को पूर्व से मिलते आ रहे फ्री इलाज के साथ डाइट के लिए हर महीने 500 रुपये मिलेंगे।
-हेल्थ बीमा के लिए मिलने वाली 30 हजार रुपये की धनराशि को बढ़ाकर पांच लाख रुपये किया गया।
-देश भर में सवा लाख अरोग्य स्वास्थ्य केंद्र खोले जाएंगे।
-24 नए मेडिकल कॉलेज देश भर में खोले जाएंगे।
चिकित्सकों और आमजन को यह थी उम्मीद
-स्वास्थ्य बजट जो 1.5 फीसदी से बढ़ाकर कम से कम दस फीसदी हो।
-दवाओं के दाम 50 प्रतिशत कम किए जाएं।
-स्वास्थ्य से जुड़ती जांच मशीनें और उपकरणों में टैक्स कम हो, जिससे वह सस्ती हों।
-मौजूदा अस्पतालों में चिकित्सकों और स्टाफ की कमी को दूर किया जाए।