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ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे पर पार्क किए वाहनों से है खतरा
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बागपत। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे पर आए दिन हादसे हो रहे हैं। ओवर स्पीड हादसों की पहली वजह है। स्पीड नियंत्रण के लिए अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया। ऑटोमैटिक ट्रैफिक सिस्टम की शुरूआत नहीं हो सकी। इसके उद्घाटन के समय जिन जन सुविधाओं का एलान किया गया था, वह अभी तक एक्सप्रेस वे पर नजर नहीं आ रही है। एक्सप्रेस वे पर नियम को ताक पर रखकर खड़े किए जाने वाले वाहन भी हादसों की बड़ी वजह बन रहे हैं। ऑटो चालान का दावा भी हवाई साबित हुआ है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 मई 2018 को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे ( ईपीई ) का खेकड़ा में उद्घाटन किया। इस दौरान अधिकारियों ने हाईवे पर तमाम सुविधाएं देने की घोषणा की। नियम के मुताबिक एक्सप्रेस वे पर ऑटोमैटिक ट्रैफिक सिस्टम लागू होना था। इसके अलावा एक्सप्रेस-वे पर वीएमएस, सीसीटीवी, वीआईडीएस, वार्निंग डिवाइस, ओवर स्पीड चेकिंग सिस्टम, वेट इन मोशन के अलावा फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क की सुविधाएं देने का दावा भी किया गया, लेकिन एक साल बाद भी अधिकतर सुविधाओं की शुरूआत नहीं हो सकी है। यहां पर ओवर स्पीड और वाहनों को एक्सप्रेस वे पर कहीं भी पार्क कर दिए जाने के चलन ने मुसीबत बढ़ा दी है। इस कारण आए दिन एक्सप्रेस वे पर हादसे हो रहे हैं।
कहां बनाए गए हैं रेस्ट एरिया और वॉशरूम
बागपत। एक्सप्रेस वे पर ओवर स्पीड सिस्टम दम तोड़ चुका है। हादसे के बाद स्वास्थ्य सेवाओं का रेस्पांस टाइम भी अभी तक बेहतर नहीं रहा है। डीएम पवन कुमार ने स्वास्थ्य विभाग को दो एंबुलेंस आसपास ही खड़ी करने के निर्देश जारी किए हैं। एक्सप्रेस वे की बगल में पेट्रोल पंप, मोटल्स, रेस्ट एरिया, वॉश रूम, रेस्टोरेंट, दुकानें और रिपेयर सर्विस का दावा किया, लेकिन अभी तक इन सुविधाओं की शुरूआत नहीं हो सकी है। अवैध तरीके से एक्सप्रेस वे पर जगह-जगह मोबाइल ढाबों का संचालन किया जा रहा है। जन सुविधाएं लोगों को नहीं मिली है।
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दिल्ली पर बोझ घटा, लेकिन यहां मौत से सामना
बागपत। दिल्ली पर वाहनों का बोझ कम करने के लिए बनाए गए ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे अब वाहन चालकों का मौत से सामना हो जाता है। एनएचएआई ने इसे पूरी तरह एक्सिस कंट्रोल एक्सप्रेस वे बताया था। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश जाने के लिए लोगों को दिल्ली में एंट्री करने की जरूरत नहीं रही, लेकिन हादसों की वजह से अब लोग इस एक्सप्रेस वे पर गुजरने से डरने लगे हैं। पिछले दिनों ही लखीमपुर खीरी पिकअप सवार 40 मजदूर घायल हो गए थे।
बागपत से ऐसे गुजरता है एक्सप्रेस वे
बागपत। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे का बागपत में करीब 20.125 किमी का टुकड़ा है। काठा, मवी कलां, खेकड़ा, रावण उर्फ बड़ा गांव, नंगला बहेड़ी, लहचौड़ा, गौना, सिंगौली तगा, शरफाबाद, आलम गिरपुर उर्फ टुकाली एवं फुलैरा गांव से होकर एक्सप्रेस वे गुजरता है। मवी कलां में इंटरचेंज बनाया गया है, इससे जिले को लाभ है, लेकिन कुछ गांव के लोग साइड रोड बनाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 मई 2018 को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे ( ईपीई ) का खेकड़ा में उद्घाटन किया। इस दौरान अधिकारियों ने हाईवे पर तमाम सुविधाएं देने की घोषणा की। नियम के मुताबिक एक्सप्रेस वे पर ऑटोमैटिक ट्रैफिक सिस्टम लागू होना था। इसके अलावा एक्सप्रेस-वे पर वीएमएस, सीसीटीवी, वीआईडीएस, वार्निंग डिवाइस, ओवर स्पीड चेकिंग सिस्टम, वेट इन मोशन के अलावा फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क की सुविधाएं देने का दावा भी किया गया, लेकिन एक साल बाद भी अधिकतर सुविधाओं की शुरूआत नहीं हो सकी है। यहां पर ओवर स्पीड और वाहनों को एक्सप्रेस वे पर कहीं भी पार्क कर दिए जाने के चलन ने मुसीबत बढ़ा दी है। इस कारण आए दिन एक्सप्रेस वे पर हादसे हो रहे हैं।
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कहां बनाए गए हैं रेस्ट एरिया और वॉशरूम
बागपत। एक्सप्रेस वे पर ओवर स्पीड सिस्टम दम तोड़ चुका है। हादसे के बाद स्वास्थ्य सेवाओं का रेस्पांस टाइम भी अभी तक बेहतर नहीं रहा है। डीएम पवन कुमार ने स्वास्थ्य विभाग को दो एंबुलेंस आसपास ही खड़ी करने के निर्देश जारी किए हैं। एक्सप्रेस वे की बगल में पेट्रोल पंप, मोटल्स, रेस्ट एरिया, वॉश रूम, रेस्टोरेंट, दुकानें और रिपेयर सर्विस का दावा किया, लेकिन अभी तक इन सुविधाओं की शुरूआत नहीं हो सकी है। अवैध तरीके से एक्सप्रेस वे पर जगह-जगह मोबाइल ढाबों का संचालन किया जा रहा है। जन सुविधाएं लोगों को नहीं मिली है।
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दिल्ली पर बोझ घटा, लेकिन यहां मौत से सामना
बागपत। दिल्ली पर वाहनों का बोझ कम करने के लिए बनाए गए ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे अब वाहन चालकों का मौत से सामना हो जाता है। एनएचएआई ने इसे पूरी तरह एक्सिस कंट्रोल एक्सप्रेस वे बताया था। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश जाने के लिए लोगों को दिल्ली में एंट्री करने की जरूरत नहीं रही, लेकिन हादसों की वजह से अब लोग इस एक्सप्रेस वे पर गुजरने से डरने लगे हैं। पिछले दिनों ही लखीमपुर खीरी पिकअप सवार 40 मजदूर घायल हो गए थे।
बागपत से ऐसे गुजरता है एक्सप्रेस वे
बागपत। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे का बागपत में करीब 20.125 किमी का टुकड़ा है। काठा, मवी कलां, खेकड़ा, रावण उर्फ बड़ा गांव, नंगला बहेड़ी, लहचौड़ा, गौना, सिंगौली तगा, शरफाबाद, आलम गिरपुर उर्फ टुकाली एवं फुलैरा गांव से होकर एक्सप्रेस वे गुजरता है। मवी कलां में इंटरचेंज बनाया गया है, इससे जिले को लाभ है, लेकिन कुछ गांव के लोग साइड रोड बनाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।