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जीपीएस सिस्टम से कराया जा रहा गन्ना सर्वे
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जीपीएस सिस्टम से कराया जा रहा गन्ना सर्वे
खेकड़ा। बागपत सहकारी चीनी मिल क्षेत्र में गन्ना फसल के सर्वे का जीपीएस सिस्टम से कार्य शुरू हो गया है। मिल क्षेत्र में दो दर्जन से अधिक टीमें जीपीएस मशीनों से 20 जून तक सर्वे का कार्य पूर्ण करेगी। साथ ही जिस किसान के खेत में गन्ना होगा उसको ही पर्ची जारी की जाएगी। इससे अनावश्यक फर्जीवाडे़ पर रोक लगेगी।
गन्ना किसानों को मिल की पर्चियों का उचित लाभ देने के लिए ब्रहस्पतिवार से जीपीएस मशीन से गन्ने के सर्वे का कार्य शुरू हो गया है। गन्ना समिति चेयरमैन कृष्णपाल सिंह ने बताया कि पौधा और पैडी दोनों ही फसलों के सर्वे का कार्य कराया जा रहा है। सर्वे करने के लिए किसानों की मौजूदगी में चीनी मिल और गन्ना विकास समिति के कर्मचारी शामिल है। गन्ना फसल का सही तरीके से सर्वे न होने से पर्चियों के जारी करने में बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं। इसलिए गन्ने का सर्वे जीपीएस सिस्टम से कराया जा रहा है। इसलिए सर्वेकर्ता गांव में किसी व्यक्ति विशेष के घर पर न जाकर सीधे किसानों के खेतों में पहुंचकर वहां गन्ना फसल वाले खेत की भुजाएं नापकर ऑनलाइन सर्वे करने का कार्य कर रहे हैं। साथ ही जीपीएस मशीन से निकलने वाली सर्वे रसीद किसान को मौके पर ही दी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि चीनी मिल क्षेत्र में कुल 30 सर्किल हैं। इसमें सर्वे के लिए 36 टीमें लगाई गई हैं। चेयरमन कृष्णपाल सिंह ने सभी किसानों से सर्वे में सहयोग करने की अपील की। उन्होने बताया कि जीपीएस सिसटम से गन्ने का सर्वे करने के चलते पर्ची सिस्टम में सुधार भी होगा। जिस किसान के खेतों में गन्ना होगा, कंप्यूटर उनकी ही पर्ची जारी करेगा। उक्त पारदर्शिता से किसानों को लाभ पहुंचेगा।
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खेकड़ा। बागपत सहकारी चीनी मिल क्षेत्र में गन्ना फसल के सर्वे का जीपीएस सिस्टम से कार्य शुरू हो गया है। मिल क्षेत्र में दो दर्जन से अधिक टीमें जीपीएस मशीनों से 20 जून तक सर्वे का कार्य पूर्ण करेगी। साथ ही जिस किसान के खेत में गन्ना होगा उसको ही पर्ची जारी की जाएगी। इससे अनावश्यक फर्जीवाडे़ पर रोक लगेगी।
गन्ना किसानों को मिल की पर्चियों का उचित लाभ देने के लिए ब्रहस्पतिवार से जीपीएस मशीन से गन्ने के सर्वे का कार्य शुरू हो गया है। गन्ना समिति चेयरमैन कृष्णपाल सिंह ने बताया कि पौधा और पैडी दोनों ही फसलों के सर्वे का कार्य कराया जा रहा है। सर्वे करने के लिए किसानों की मौजूदगी में चीनी मिल और गन्ना विकास समिति के कर्मचारी शामिल है। गन्ना फसल का सही तरीके से सर्वे न होने से पर्चियों के जारी करने में बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं। इसलिए गन्ने का सर्वे जीपीएस सिस्टम से कराया जा रहा है। इसलिए सर्वेकर्ता गांव में किसी व्यक्ति विशेष के घर पर न जाकर सीधे किसानों के खेतों में पहुंचकर वहां गन्ना फसल वाले खेत की भुजाएं नापकर ऑनलाइन सर्वे करने का कार्य कर रहे हैं। साथ ही जीपीएस मशीन से निकलने वाली सर्वे रसीद किसान को मौके पर ही दी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि चीनी मिल क्षेत्र में कुल 30 सर्किल हैं। इसमें सर्वे के लिए 36 टीमें लगाई गई हैं। चेयरमन कृष्णपाल सिंह ने सभी किसानों से सर्वे में सहयोग करने की अपील की। उन्होने बताया कि जीपीएस सिसटम से गन्ने का सर्वे करने के चलते पर्ची सिस्टम में सुधार भी होगा। जिस किसान के खेतों में गन्ना होगा, कंप्यूटर उनकी ही पर्ची जारी करेगा। उक्त पारदर्शिता से किसानों को लाभ पहुंचेगा।
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