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सीएचसी में एचआरपी डे पर गर्भवती की जांच कर फल बांटे
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खेकड़ा (बागपत)।
खेकड़ा सीएचसी परिसर में हाई प्रेग्नेंसी दिवस (एचआरपी डे) पर चिकित्सकों ने गर्भवती महिलाओं की जांच कर की और उनको फलों का वितरण भी किया।
शनिवार को एचआरपी दिवस में खेकड़ा सीएचसी परिसर में स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में हाई प्रेग्नेंसी दिवस मनाया गया। इस दौरान चिकित्सकों ने 72 गर्भवती महिलाओं की जांच कर उन्हें आयरन की गोली के साथ फलों का भी वितरण किया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अरविंद मलिक ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए। लापरवाही बरतने पर हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की चपेट में आने का खतरा बना रहता है। यदि किसी गर्भवती महिला को खून की कमी अथवा ब्लड प्रेशर की समस्या या मधुमेह से पीड़ित है, इसके अलावा पूर्व में ऑपरेशन से डिलीवरी हो चुकी है तो ऐसी महिलाओं को हाई रिस्क प्रेग्नेंसी यानि एचआरपी की श्रेणी में रखा जाता है। इस दौरान डॉ. प्रियंका कसाना, डॉ. प्रगति अग्रवाल, स्टाफ नर्सतबस्सुम आदि मौजूद रहे।
खतरा
मोटापे की शिकार महिलाओं को
जो खून की कमी से ग्रस्त हो
जिनका एक से अधिक बार गर्भपात हो चुका हो
मधुमेह, उच्च रक्तचाप, टीबी, पीलिया आदि रोग से ग्रस्त
बचाव
डॉक्टर की देखरेख में नियमित टेस्ट कराते रहना चाहिए।
साग, पालक और फलों का भरपूर मात्रा में सेवन करना चाहिए।
आलस छोड़कर एक्टिव बने रहना चाहिए।
डॉक्टर की सलाह से हल्का व्यायाम करना चाहिए।
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खेकड़ा सीएचसी परिसर में हाई प्रेग्नेंसी दिवस (एचआरपी डे) पर चिकित्सकों ने गर्भवती महिलाओं की जांच कर की और उनको फलों का वितरण भी किया।
शनिवार को एचआरपी दिवस में खेकड़ा सीएचसी परिसर में स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में हाई प्रेग्नेंसी दिवस मनाया गया। इस दौरान चिकित्सकों ने 72 गर्भवती महिलाओं की जांच कर उन्हें आयरन की गोली के साथ फलों का भी वितरण किया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अरविंद मलिक ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए। लापरवाही बरतने पर हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की चपेट में आने का खतरा बना रहता है। यदि किसी गर्भवती महिला को खून की कमी अथवा ब्लड प्रेशर की समस्या या मधुमेह से पीड़ित है, इसके अलावा पूर्व में ऑपरेशन से डिलीवरी हो चुकी है तो ऐसी महिलाओं को हाई रिस्क प्रेग्नेंसी यानि एचआरपी की श्रेणी में रखा जाता है। इस दौरान डॉ. प्रियंका कसाना, डॉ. प्रगति अग्रवाल, स्टाफ नर्सतबस्सुम आदि मौजूद रहे।
खतरा
मोटापे की शिकार महिलाओं को
जो खून की कमी से ग्रस्त हो
जिनका एक से अधिक बार गर्भपात हो चुका हो
मधुमेह, उच्च रक्तचाप, टीबी, पीलिया आदि रोग से ग्रस्त
बचाव
डॉक्टर की देखरेख में नियमित टेस्ट कराते रहना चाहिए।
साग, पालक और फलों का भरपूर मात्रा में सेवन करना चाहिए।
आलस छोड़कर एक्टिव बने रहना चाहिए।
डॉक्टर की सलाह से हल्का व्यायाम करना चाहिए।