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हरित प्रदेश बनाने का मुद्दा उठाया
Updated Mon, 03 Dec 2018 01:20 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
कासिमपुर खेड़ी गांव में रविवार को उत्तम प्रदेश निर्माण संगठन का सम्मेलन हुआ। इसमें हरित प्रदेश बनाने का मुद्दा उठाया गया। इसमें मुद्दे को अपना समर्थन देने का ऐलान हुआ।
भाकियू नेता व जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र सिंह के प्रतिष्ठान पर आयोजित सम्मेलन की अध्यक्षता इटावा के ग्राम प्रधान बिजेंद्र सिंह ने की। संचालन मास्टर आशीष तोमर ने किया। इसमें उत्तम प्रदेश निर्माण संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय पंवार ने कहा कि उप्र 240928 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है और इसकी जनसंख्या 24 करोड़ से अधिक हो चुकी है। 75 जिले, 822 ब्लाक व 58000 ग्राम पंचायत और एक लाख से ज्यादा गांव है। जिस कारण आज भी बहुत से गांव में विकास की दरकार है। जनसंख्या अधिक होने के कारण युवाओं को रोजगार, किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य व महिलाओं व व्यापारियों को सही ढंग से सुरक्षा नहीं मिल पा रही है। इसके अलावा पश्चिमी उप्र से इलाहाबाद कोर्ट की दूरी 850 किमी दूर है, जिस कारण यहां के नागरिकों को न्याय के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जबकि प्रदेश की राजधानी पश्चिमांचल से 700 किलोमीटर दूरी पर है। जबकि हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर की राजधानी हमसे नजदीक हैं। शिक्षा के क्षेत्र में भी पश्चिमांचल पूरी तरह से पिछड़ा हुआ है, जबकि पश्चिमांचल में 17 से अधिक जिलों में 8 करोड़ से अधिक आबादी है। इसलिए आज हरित प्रदेश बनाने की बहुत आवश्यकता है।
जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र सिंह ने कहा कि आर्थिक, सामाजिक, न्याय व्यवस्था, सांस्कृतिक व अराजनैतिक के लिए पश्चिमांचल को अलग राज्य बनाने की आवश्यकता है। अलग राज्य बनाने के लिए अब बड़े पैमाने पर आंदोलन व संघर्ष शुरू किया जाएगा। सम्मेलन में आए आसपास के लोगों ने अलग राज्य के मुद्दे को अपना पुरजोर समर्थन दिया। सम्मेलन में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आमिर हसन ने भी विचार व्यक्त किए। इस में मास्टर आशीष तोमर, संगठन सचिव हाजी वारिस, यशपाल सिंह, रामबीर सिंह, सुचेत सिंह, राजेंद्र प्रधान आदि रहे।
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कासिमपुर खेड़ी गांव में रविवार को उत्तम प्रदेश निर्माण संगठन का सम्मेलन हुआ। इसमें हरित प्रदेश बनाने का मुद्दा उठाया गया। इसमें मुद्दे को अपना समर्थन देने का ऐलान हुआ।
भाकियू नेता व जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र सिंह के प्रतिष्ठान पर आयोजित सम्मेलन की अध्यक्षता इटावा के ग्राम प्रधान बिजेंद्र सिंह ने की। संचालन मास्टर आशीष तोमर ने किया। इसमें उत्तम प्रदेश निर्माण संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय पंवार ने कहा कि उप्र 240928 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है और इसकी जनसंख्या 24 करोड़ से अधिक हो चुकी है। 75 जिले, 822 ब्लाक व 58000 ग्राम पंचायत और एक लाख से ज्यादा गांव है। जिस कारण आज भी बहुत से गांव में विकास की दरकार है। जनसंख्या अधिक होने के कारण युवाओं को रोजगार, किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य व महिलाओं व व्यापारियों को सही ढंग से सुरक्षा नहीं मिल पा रही है। इसके अलावा पश्चिमी उप्र से इलाहाबाद कोर्ट की दूरी 850 किमी दूर है, जिस कारण यहां के नागरिकों को न्याय के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जबकि प्रदेश की राजधानी पश्चिमांचल से 700 किलोमीटर दूरी पर है। जबकि हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर की राजधानी हमसे नजदीक हैं। शिक्षा के क्षेत्र में भी पश्चिमांचल पूरी तरह से पिछड़ा हुआ है, जबकि पश्चिमांचल में 17 से अधिक जिलों में 8 करोड़ से अधिक आबादी है। इसलिए आज हरित प्रदेश बनाने की बहुत आवश्यकता है।
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जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र सिंह ने कहा कि आर्थिक, सामाजिक, न्याय व्यवस्था, सांस्कृतिक व अराजनैतिक के लिए पश्चिमांचल को अलग राज्य बनाने की आवश्यकता है। अलग राज्य बनाने के लिए अब बड़े पैमाने पर आंदोलन व संघर्ष शुरू किया जाएगा। सम्मेलन में आए आसपास के लोगों ने अलग राज्य के मुद्दे को अपना पुरजोर समर्थन दिया। सम्मेलन में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आमिर हसन ने भी विचार व्यक्त किए। इस में मास्टर आशीष तोमर, संगठन सचिव हाजी वारिस, यशपाल सिंह, रामबीर सिंह, सुचेत सिंह, राजेंद्र प्रधान आदि रहे।
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