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कार्यशाला में वैज्ञानिक तकनीक के बारे में बताया
Updated Wed, 14 Nov 2018 01:23 AM IST
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बिनौली (बागपत)। गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल, जिवाना में मंगलवार को स्वच्छ हरित तथा स्वस्थ राष्ट्र हेतु विज्ञान तकनीक और नवाचार विषय पर शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला हुई। इसमें छात्र-छात्राओं को वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने की जानकारी दी गई।
कार्यशाला में जिला कार्यक्रम डा. राजीव खोखर ने बताया कि इस आयोजन में दो बच्चे आपस में मिलकर अपनी समझ कल्पनाओं, अवधारणाओं के अनुरूप क्षेत्रीय समस्याओं पर चर्चा करके सर्वेक्षण एवं प्रयोगों के जरिए उनका विश्लेषण करके सूचीबद्ध करते हुए प्रोजेक्ट तैयार करते हैं। प्रोजेक्ट जिला स्तर से स्टेट लेवल एवं नेशनल लेवल पर पहुंच जाने पर वे बाल वैज्ञानिक कहलाते हैं। संस्थापक प्रो. बलजीत सिंह आर्य ने बताया कि प्रोजेक्ट के माध्यम से बच्चों के अंदर छिपी हुई प्रतिभा उभर कर बाहर निकल कर आती है। बच्चे स्वास्थ्य सफाई और स्वच्छता अपशिष्ट पदार्थों से धन, उपार्जन, पारंपरिक, ज्ञान प्रणाली आदि विषयों से संबंधित टॉपिक का चुनाव करके प्रोजेक्ट तैयार कर सकते हैं। विषय विशेषज्ञ रविंदर तोमर व उप प्रधानाचार्य डॉ. सुशील वत्स ने बताया कि घटता जल स्तर प्रदूषित जल पटाखों से प्रदूषित हवा आदि पर अपने शिक्षकों की मदद से प्रोजेक्ट पर कार्य किया जा सकता है। कार्यशाला में अरुण तोमर, ऋषि पाल सिंह, शील तोमर, अंशु तोमर, सविता समाज आदि उपस्थित रहे।
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कार्यशाला में जिला कार्यक्रम डा. राजीव खोखर ने बताया कि इस आयोजन में दो बच्चे आपस में मिलकर अपनी समझ कल्पनाओं, अवधारणाओं के अनुरूप क्षेत्रीय समस्याओं पर चर्चा करके सर्वेक्षण एवं प्रयोगों के जरिए उनका विश्लेषण करके सूचीबद्ध करते हुए प्रोजेक्ट तैयार करते हैं। प्रोजेक्ट जिला स्तर से स्टेट लेवल एवं नेशनल लेवल पर पहुंच जाने पर वे बाल वैज्ञानिक कहलाते हैं। संस्थापक प्रो. बलजीत सिंह आर्य ने बताया कि प्रोजेक्ट के माध्यम से बच्चों के अंदर छिपी हुई प्रतिभा उभर कर बाहर निकल कर आती है। बच्चे स्वास्थ्य सफाई और स्वच्छता अपशिष्ट पदार्थों से धन, उपार्जन, पारंपरिक, ज्ञान प्रणाली आदि विषयों से संबंधित टॉपिक का चुनाव करके प्रोजेक्ट तैयार कर सकते हैं। विषय विशेषज्ञ रविंदर तोमर व उप प्रधानाचार्य डॉ. सुशील वत्स ने बताया कि घटता जल स्तर प्रदूषित जल पटाखों से प्रदूषित हवा आदि पर अपने शिक्षकों की मदद से प्रोजेक्ट पर कार्य किया जा सकता है। कार्यशाला में अरुण तोमर, ऋषि पाल सिंह, शील तोमर, अंशु तोमर, सविता समाज आदि उपस्थित रहे।
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