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60 लाख आवंटित होने पर भी सफाई की बांट जोह रहे रजबहे
Updated Tue, 13 Nov 2018 12:59 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
बिजवाड़ा रजबहे की सफाई कराने के नाम पर हर साल सिंचाई विभाग के अधिकारी लाखों रुपये डकार रहे हैं, जबकि हकीकत यह है कि पिछले कई साल से रजबहे की सफाई तक नहीं हुई। इस बार भी सिंचाई खंड बड़ौत को बिजवाड़ा सहित अन्य रजबहों की सफाई कराने के लिए शासन से 60 लाख रुपये की धनराशि आवंटित हुई है, लेकिन सफाई कार्य के प्रथम चरण मेें ही विभागीय अधिकारी ठेकेदारों से मिलीभगत कर सफाई में खेल कर रहे हैं, इससे किसानों में आक्रोश पनप रहा है और वे आंदोलन शुरू करने का मन बना रहे हैं।
जिला पंचायत सदस्य और भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह के अनुसार बिजवाड़ा रजबहे सें कासिमपुर खेड़ी, कंडेरा, बिजरौल, थल, गूंगा खेड़ी, जिवाना, जिवानी, जौहड़ी, वाजिदपुर, बिजवाड़ा आदि रजबहे जुडे़ हैं। पिछले दो-तीन साल से सिंचाई विभाग के अधिकारी ठेकेदारों व अवर अभियंताओं के साथ मिलकर हर साल कागजों में बिजवाड़ा रजबहे की सफाई दर्शाकर लाखों रुपये डकार रहे हैं, जबकि पिछले दो-तीन साल से रजबहे की सफाई नहीं हुई है। जिस कारण रजबहे में घास उग गई है, इससे इस रजबहे से जुडे़ दर्जनों गांव के किसानों के खेतों में पानी नहीं पहुंच रहा है। बताया कि पूर्व एसडीओ जेपी सिंह के पत्र पर डीएम व एसडीएम सहित सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने जांच की तो नहरों की सफाई मेें धांधली मिली थी। इस बार भी भारी धांधली की जा है। अधिशासी अभियंता संजीव कुमार का कहना था कि शासन से 60 लाख रुपये की धनराशि नहरों की सफाई के लिए मिली है। सफाई कार्य में धांधली बर्दास्त नहीं होगी। चेतावनी देने वालों में हरवीर सिंह, प्रधान बिल्लू, प्रधान संजीव, अनिल कुमार एडवोकेट, रूपेंद्र प्रधान, जगदीश, ओमप्रकाश, दीपक, सहेंद्र, देवेंद्र, अशोक आदि रहे।
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बिजवाड़ा रजबहे की सफाई कराने के नाम पर हर साल सिंचाई विभाग के अधिकारी लाखों रुपये डकार रहे हैं, जबकि हकीकत यह है कि पिछले कई साल से रजबहे की सफाई तक नहीं हुई। इस बार भी सिंचाई खंड बड़ौत को बिजवाड़ा सहित अन्य रजबहों की सफाई कराने के लिए शासन से 60 लाख रुपये की धनराशि आवंटित हुई है, लेकिन सफाई कार्य के प्रथम चरण मेें ही विभागीय अधिकारी ठेकेदारों से मिलीभगत कर सफाई में खेल कर रहे हैं, इससे किसानों में आक्रोश पनप रहा है और वे आंदोलन शुरू करने का मन बना रहे हैं।
जिला पंचायत सदस्य और भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह के अनुसार बिजवाड़ा रजबहे सें कासिमपुर खेड़ी, कंडेरा, बिजरौल, थल, गूंगा खेड़ी, जिवाना, जिवानी, जौहड़ी, वाजिदपुर, बिजवाड़ा आदि रजबहे जुडे़ हैं। पिछले दो-तीन साल से सिंचाई विभाग के अधिकारी ठेकेदारों व अवर अभियंताओं के साथ मिलकर हर साल कागजों में बिजवाड़ा रजबहे की सफाई दर्शाकर लाखों रुपये डकार रहे हैं, जबकि पिछले दो-तीन साल से रजबहे की सफाई नहीं हुई है। जिस कारण रजबहे में घास उग गई है, इससे इस रजबहे से जुडे़ दर्जनों गांव के किसानों के खेतों में पानी नहीं पहुंच रहा है। बताया कि पूर्व एसडीओ जेपी सिंह के पत्र पर डीएम व एसडीएम सहित सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने जांच की तो नहरों की सफाई मेें धांधली मिली थी। इस बार भी भारी धांधली की जा है। अधिशासी अभियंता संजीव कुमार का कहना था कि शासन से 60 लाख रुपये की धनराशि नहरों की सफाई के लिए मिली है। सफाई कार्य में धांधली बर्दास्त नहीं होगी। चेतावनी देने वालों में हरवीर सिंह, प्रधान बिल्लू, प्रधान संजीव, अनिल कुमार एडवोकेट, रूपेंद्र प्रधान, जगदीश, ओमप्रकाश, दीपक, सहेंद्र, देवेंद्र, अशोक आदि रहे।
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