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सरूरपुर कलां गांव में दो ओर पशुओं की हुई मौत
Updated Mon, 17 Sep 2018 12:50 AM IST
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बागपत। सरूरपुर कलां गांव में मवेशियों का मरना अभी जारी है। रविवार को भी दो पशुओं की मौत हो गई। इससे गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। पशु चिकित्सा विभाग पर लीपापोती करने का आरोप लगाया। प्राइवेट चिकित्सकों से पशु पालक उपचार करवा रहे हैं।
हाईवे पर स्थित सरूरपुर कलां गांव में पशुओं में बीमारियां फैल रही है। बीमारी से कई पशुओं की मौत हो चुकी है और सैकड़ों मवेशी बीमार है। इससे पशु पालक टेंशन में हैं। डॉक्टर के अनुसार सभी जतन कर रहे है। देशी नुस्खे भी अजमा रहे हैं, लेकिन बीमारी कम नहीं हो रही है। रविवार की शाम दो मवेशियों की मौत हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि रविंद्र का बछड़ा और प्रदीप की गाय की बीमारी से मौत हो गई है। इससे परिवार में डर का माहौल बन रहा। सुभाष नैन, ओमपाल, शिवकुमार, सुधीर, विनोद, कोमिल, विकास, सत्यवीर, रामे, सचिन ने पशु चिकित्सा विभाग पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। जो डॉक्टर आते हैं वह औपचारिकताएं पूरी कर चलते जाते हैं। डीएम से इसकी शिकायत कर गांव की पशु स्वास्थ्य केंद्र पर नियमित डॉक्टरों के बैठने की मांग करेंगे। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजपाल सिंह ने कहा कि पशुओं में कोई भी जानलेवा रोग नहीं है। डॉक्टर हर रोज गांव में जाकर पशुओं की जांच कर रहे हैं।
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हाईवे पर स्थित सरूरपुर कलां गांव में पशुओं में बीमारियां फैल रही है। बीमारी से कई पशुओं की मौत हो चुकी है और सैकड़ों मवेशी बीमार है। इससे पशु पालक टेंशन में हैं। डॉक्टर के अनुसार सभी जतन कर रहे है। देशी नुस्खे भी अजमा रहे हैं, लेकिन बीमारी कम नहीं हो रही है। रविवार की शाम दो मवेशियों की मौत हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि रविंद्र का बछड़ा और प्रदीप की गाय की बीमारी से मौत हो गई है। इससे परिवार में डर का माहौल बन रहा। सुभाष नैन, ओमपाल, शिवकुमार, सुधीर, विनोद, कोमिल, विकास, सत्यवीर, रामे, सचिन ने पशु चिकित्सा विभाग पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। जो डॉक्टर आते हैं वह औपचारिकताएं पूरी कर चलते जाते हैं। डीएम से इसकी शिकायत कर गांव की पशु स्वास्थ्य केंद्र पर नियमित डॉक्टरों के बैठने की मांग करेंगे। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजपाल सिंह ने कहा कि पशुओं में कोई भी जानलेवा रोग नहीं है। डॉक्टर हर रोज गांव में जाकर पशुओं की जांच कर रहे हैं।
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