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स्वीट क्रांति प्रोजेक्ट की जानकारी दी
Updated Mon, 21 May 2018 12:44 AM IST
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बिनौली (बागपत)।
बिजवाडा के प्राथमिक विद्यालय नं.3 में रविवार को खादी और ग्रामोद्योग आयोग के तत्वावधान में स्वीट क्रांति प्रोजेक्ट के हनी मिशन कार्यक्रम के अंतर्गत गोष्ठी का आयोजन हुआ। इसमें मौन पालन के तरीके, ऋण उपलब्धता व रोजगार के अवसर के बारे में जानकारी दी।
गोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि छपरौली विधायक सहेंद्र सिंह रमाला ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र के समक्ष दीप जलाकर किया। उन्होंने कहा कि खादी आयोग की योजनाओं से रोजगार सृजन हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में भी लोग लघु उद्यम लगाकर आय बढ़ा सकते हैं। आयोग के कनिष्ठ कार्यकारी राजीव कुमार त्यागी ने मधुमक्खी पालन की तकनीकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मधुमक्खी द्वारा 70 प्रतिशत पोलीनेशन होता है, जिससे पालकों को उत्पादन में 30 से 40 फीसदी तक वृद्धि होती है। साथ ही शहद, मोम, रायल जैली, बी वेनम, प्रोपोलिस आदि से भी मधुमक्खी पालकों की आय में वृद्धि होती है।
गोष्ठी में आयोग के मंडलीय निदेशक आरए बुनकर ने खादी एवं ग्रामोद्योग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, ऋण वितरण, उत्पाद बिक्री, लाभ आदि की जानकारी दी और पीएम के स्वीट क्रांति कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर आयोग ने गांव के तीन प्राथमिक विद्यालयों सहित 300 बच्चों को शहद देखकर शहद सेवन के फायदे भी बताए। गोष्ठी की अध्यक्षता शोराज सिंह संचालन नरेंद्र पाल सिंह मुखिया ने किया। इसमें आयोग के अधीक्षक लक्ष्मण प्रसाद, सुरेंद्र पाल सिंह, ग्राम प्रधान अरविंद तोमर, मास्टर भंवर सिंह, बाबूराम भाटी, प्रधानाध्यापक नीलम सिंह, अमित तितरोदा, जयवीर सिंह, किरण पाल, ईश्वर आदि रहे।
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बिजवाडा के प्राथमिक विद्यालय नं.3 में रविवार को खादी और ग्रामोद्योग आयोग के तत्वावधान में स्वीट क्रांति प्रोजेक्ट के हनी मिशन कार्यक्रम के अंतर्गत गोष्ठी का आयोजन हुआ। इसमें मौन पालन के तरीके, ऋण उपलब्धता व रोजगार के अवसर के बारे में जानकारी दी।
गोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि छपरौली विधायक सहेंद्र सिंह रमाला ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र के समक्ष दीप जलाकर किया। उन्होंने कहा कि खादी आयोग की योजनाओं से रोजगार सृजन हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में भी लोग लघु उद्यम लगाकर आय बढ़ा सकते हैं। आयोग के कनिष्ठ कार्यकारी राजीव कुमार त्यागी ने मधुमक्खी पालन की तकनीकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मधुमक्खी द्वारा 70 प्रतिशत पोलीनेशन होता है, जिससे पालकों को उत्पादन में 30 से 40 फीसदी तक वृद्धि होती है। साथ ही शहद, मोम, रायल जैली, बी वेनम, प्रोपोलिस आदि से भी मधुमक्खी पालकों की आय में वृद्धि होती है।
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गोष्ठी में आयोग के मंडलीय निदेशक आरए बुनकर ने खादी एवं ग्रामोद्योग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, ऋण वितरण, उत्पाद बिक्री, लाभ आदि की जानकारी दी और पीएम के स्वीट क्रांति कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर आयोग ने गांव के तीन प्राथमिक विद्यालयों सहित 300 बच्चों को शहद देखकर शहद सेवन के फायदे भी बताए। गोष्ठी की अध्यक्षता शोराज सिंह संचालन नरेंद्र पाल सिंह मुखिया ने किया। इसमें आयोग के अधीक्षक लक्ष्मण प्रसाद, सुरेंद्र पाल सिंह, ग्राम प्रधान अरविंद तोमर, मास्टर भंवर सिंह, बाबूराम भाटी, प्रधानाध्यापक नीलम सिंह, अमित तितरोदा, जयवीर सिंह, किरण पाल, ईश्वर आदि रहे।
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