{"_id":"5bda0990bdec22696f008c6a","slug":"141541015952-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में चलता नहीं मिलना चाहिए कोई भी भट्ठा : डीएम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले में चलता नहीं मिलना चाहिए कोई भी भट्ठा : डीएम
Updated Thu, 01 Nov 2018 01:29 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागपत। डीएम ऋषिरेंद्र कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखकर उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार पर विभिन्न स्तरों के वायु प्रदूषण के निदान के लिए केंद्र सरकार द्वारा ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान अधिसूचित किया है। इस प्लान के क्रियान्वयन का दायित्व पर्यावरण प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण प्राधिकरण को दिया है।
डीएम ने कहा कि ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान को प्रभावी तरीके से लागू किया जाएगा। संबंधित विभागों के फील्ड लेवल कर्मी तक उक्त प्लान के अनुसार कार्रवाई होगी। सभी बिंदुओं की पूर्ण जानकारी संबंध में संबंधित अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आहूत की गई। उन्होंने वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर को रोकने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। जिस विभाग से जो संबंधित है, वह अपनी पूर्व तैयारी के साथ कार्य करें। डीएम ने कहा एनजीटी के निर्देश पर यदि प्रदूषण का स्तर बढ़ता है तो क्या तैयारी की जानी है, इस संबंध में भी अति आवश्यक निर्देश दिए। यदि वायु प्रदूषण की स्थिति बिगड़ती है तो ईपीसीए की गाइड लाइन के अनुसार कार्रवाई की जाए। एनएचआई को निर्देश दिया कि जिन कार्यों से डस्ट से प्रदूषण फैल रहा है, उन्हें तत्काल बंद करें और ईट भट्ठों को भी बंद करने के लिए खनन अधिकारी को निर्देश दिए। जिन चिमनियों से धुआं निकलता है, इसलिए किसी भी स्थिति में कोई भट्ठा चलता नहीं पाया जाना चाहिए। कृषि विभाग को निर्देश दिए कि किसान अपने खेतों में पुआल आदि को न जलाएं । सभी संबंधित अधिकारी अपने कार्य को गंभीरता से लें और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का अनुपालन करें। इस दौरान एसपी शैलेश कुमार पांडे, सभी एसडीएम, प्रदूषण बोर्ड मेरठ के अधिकारी, एनएचआई, एआरटीओ और कृषि विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
डीएम ने कहा कि ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान को प्रभावी तरीके से लागू किया जाएगा। संबंधित विभागों के फील्ड लेवल कर्मी तक उक्त प्लान के अनुसार कार्रवाई होगी। सभी बिंदुओं की पूर्ण जानकारी संबंध में संबंधित अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आहूत की गई। उन्होंने वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर को रोकने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। जिस विभाग से जो संबंधित है, वह अपनी पूर्व तैयारी के साथ कार्य करें। डीएम ने कहा एनजीटी के निर्देश पर यदि प्रदूषण का स्तर बढ़ता है तो क्या तैयारी की जानी है, इस संबंध में भी अति आवश्यक निर्देश दिए। यदि वायु प्रदूषण की स्थिति बिगड़ती है तो ईपीसीए की गाइड लाइन के अनुसार कार्रवाई की जाए। एनएचआई को निर्देश दिया कि जिन कार्यों से डस्ट से प्रदूषण फैल रहा है, उन्हें तत्काल बंद करें और ईट भट्ठों को भी बंद करने के लिए खनन अधिकारी को निर्देश दिए। जिन चिमनियों से धुआं निकलता है, इसलिए किसी भी स्थिति में कोई भट्ठा चलता नहीं पाया जाना चाहिए। कृषि विभाग को निर्देश दिए कि किसान अपने खेतों में पुआल आदि को न जलाएं । सभी संबंधित अधिकारी अपने कार्य को गंभीरता से लें और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का अनुपालन करें। इस दौरान एसपी शैलेश कुमार पांडे, सभी एसडीएम, प्रदूषण बोर्ड मेरठ के अधिकारी, एनएचआई, एआरटीओ और कृषि विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन