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खनन के बवाल में दोनों पक्षों के बीच समझौता
Updated Mon, 05 Mar 2018 12:44 AM IST
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बागपत। गौरीपुर-निवाड़ा के यमुना खादर में हुए खनन के बवाल में ठेकेदार और किसानों के बीच समझौता हो गया। डीएम की मौजूदगी में दोनों पक्षों ने लिखित में अपने-अपने मुकदमे वापस लेने और समझौते की बात कही है। डीएम ऋषिरेंद्र कुमार का कहना है कि दोनों पक्षों ने पत्र दिए हैं, लेकिन कानून के हिसाब से ही अग्रिम कार्रवाई होगी।
रविवार को डीएम के आवास पर खनन ठेकेदार ज्ञानेंद्र कुमार और निवाड़ा के किसान पहुंचे। डीएम की मौजूदगी में काफी देर तक दोनों पक्षों में वार्ता हुई। सहमति बनीं कि दोनों पक्ष दर्ज कराए मुकदमों को वापस लेंगे। तय किया जिस जमीन पर फसल खड़ी है, अगर वहां पर खनन किया जाता है तो किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। घायल किसानों को इलाज का खर्च देने पर भी चर्चा की गई। डीएम ऋषिरेंद्र कुमार ने कहा दोनों पक्षों ने लिखित में प्रार्थना पत्र देकर समझौते की बात कही है। प्रशासन अग्रिम कार्रवाई कानून के हिसाब से करेगा।
क्या था मामला
22 फरवरी 2018 को गौरीपुर-निवाड़ा के यमुना खादर में खनन के रास्ते को लेकर ठेकेदार पक्ष के लोग आमने-सामने आ गए थे। फायरिंग में दो किसान गोली लगने से घायल हुए थे। लखनऊ तक खनन के बवाल का यह मामला गूंजा था। राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई थी। गौरीपुर की प्रधान के पति पर भी पांच लाख रुपये मांगने का मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है।
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रविवार को डीएम के आवास पर खनन ठेकेदार ज्ञानेंद्र कुमार और निवाड़ा के किसान पहुंचे। डीएम की मौजूदगी में काफी देर तक दोनों पक्षों में वार्ता हुई। सहमति बनीं कि दोनों पक्ष दर्ज कराए मुकदमों को वापस लेंगे। तय किया जिस जमीन पर फसल खड़ी है, अगर वहां पर खनन किया जाता है तो किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। घायल किसानों को इलाज का खर्च देने पर भी चर्चा की गई। डीएम ऋषिरेंद्र कुमार ने कहा दोनों पक्षों ने लिखित में प्रार्थना पत्र देकर समझौते की बात कही है। प्रशासन अग्रिम कार्रवाई कानून के हिसाब से करेगा।
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क्या था मामला
22 फरवरी 2018 को गौरीपुर-निवाड़ा के यमुना खादर में खनन के रास्ते को लेकर ठेकेदार पक्ष के लोग आमने-सामने आ गए थे। फायरिंग में दो किसान गोली लगने से घायल हुए थे। लखनऊ तक खनन के बवाल का यह मामला गूंजा था। राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई थी। गौरीपुर की प्रधान के पति पर भी पांच लाख रुपये मांगने का मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है।
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