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1300 कांवड़ियों की हालत हुई खराब
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Tue, 02 Aug 2016 12:32 AM IST
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भगदड़ में गिरी बैरिकेडिंग।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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श्रद्धा के पथरीले पथ पर बीमारियों ने भी कांवड़ियों की खूब परीक्षा ली। तीन दिन के मेले में 1300 कांवड़िए डिहाइड्रेशन, बुखार और अन्य बीमारियों की चपेट में आ गए। अकेले सोमवार को 255 कांवड़िए सीएचसी में भर्ती कराए गए। इनमें अधिकतर बेहोशी की हालत में पहुंचे थे।
पुरा गांव के परशुरामेश्वर महादेव मंदिर में 30 जुलाई से कांवड़ मेला शुरू हुआ था। हरिद्वार, गंगौत्री और ऋषिकेश से लंबा सफर तय कर यहां पहुंचे कांवड़िएं बीमारियों की चपेट में आ गए।
पुरा मेले की चिकित्सा व्यवस्था के प्रभारी डॉ यशवीर सिंह ने बताया कि तीन दिन में 1300 मरीज पहुंचे हैं। इनमें अधिकतर डिहाइड्रेशन का शिकार हुए। कई बेहोशी की हालत में लाए गए। उपचार के बाद छुट्टी दी गई है। कई को रेफर भी किया गया। अकेले सोमवार को ही 255 कांवड़िए बीमारी की हालत में सीएचसी पहुंचे।
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डॉ अमित गुप्ता ने बताया कि इनमें भी बेहोश होने वाले कांवडिए थे। कतार में धक्का-मुक्की और सफर में कांवड़ियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। बच्चों और महिलाओं को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
हालांकि अधिकतर कांवड़ियों को सोमवार शाम तक ही छुट्टी दे दी गई है। यहां से छुट्टी मिलने के बाद इन कांवड़ियों ने जलाभिषेक किया। मरहम पट्टी कराने वाले कांवड़ियों की भीड़ भी रही। उधर, नि:शुल्क चिकित्सा शिविर में भी मरीजों का आना जाना लगा रहा।
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पुरा गांव के परशुरामेश्वर महादेव मंदिर में 30 जुलाई से कांवड़ मेला शुरू हुआ था। हरिद्वार, गंगौत्री और ऋषिकेश से लंबा सफर तय कर यहां पहुंचे कांवड़िएं बीमारियों की चपेट में आ गए।
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पुरा मेले की चिकित्सा व्यवस्था के प्रभारी डॉ यशवीर सिंह ने बताया कि तीन दिन में 1300 मरीज पहुंचे हैं। इनमें अधिकतर डिहाइड्रेशन का शिकार हुए। कई बेहोशी की हालत में लाए गए। उपचार के बाद छुट्टी दी गई है। कई को रेफर भी किया गया। अकेले सोमवार को ही 255 कांवड़िए बीमारी की हालत में सीएचसी पहुंचे।
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डॉ अमित गुप्ता ने बताया कि इनमें भी बेहोश होने वाले कांवडिए थे। कतार में धक्का-मुक्की और सफर में कांवड़ियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। बच्चों और महिलाओं को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
हालांकि अधिकतर कांवड़ियों को सोमवार शाम तक ही छुट्टी दे दी गई है। यहां से छुट्टी मिलने के बाद इन कांवड़ियों ने जलाभिषेक किया। मरहम पट्टी कराने वाले कांवड़ियों की भीड़ भी रही। उधर, नि:शुल्क चिकित्सा शिविर में भी मरीजों का आना जाना लगा रहा।