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बड़ौत तहसील के 13 ईट भट्ठे सील
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एसडीएम व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने जांच के बाद की कार्रवाई
157 ईट भट्ठे डिफाल्टर श्रेणी में किए गए शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। एसडीएम व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने मंगलवार को तहसील क्षेत्र के 13 ईट भट्ठों को सील कर दिया। निरीक्षण के दौरान भट्ठा संचालक पर्यावरण व अन्य मंजूरी नहीं दिखा पाएं थे। 157 ईट भट्ठे डिफाल्टर श्रेणी में किए गए शामिल किए है। उधर, प्रशासन की इस कार्रवाई से ईट भटठा संचालक नाराज दिखाई दिए।
मंगलवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अवर अभियंता प्रखर कटियार अन्य टीम के साथ तहसील पहुंचे। इसके बाद एसडीएम दुर्गेश कुमार मिश्र, तहसीलदार प्रदीप कुमार व सीओ आलोक सिंह के साथ जौहड़ी, सिनौली, रंछाड, माखर, नंगला, बिजरौल, बाछौड़, जौनमाना, ढिकाना में संचालित ईट भट्ठों पर निरीक्षण करने पहुंचे। भट्ठा संचालन के लिए पर्यावरण व अन्य मंजूरी के कागजात दिखाने को कहा। मगर, अधिकांश ईट भट्ठा संचालक एनओसी नहीं दिखा पाए। इसके बाद 13 ईंट भट्ठों को सील कर दिया गया।
एसडीएम दुर्गेश मिश्र ने बताया कि जिले में 157 ईंट भट्ठे डिफाल्टर श्रेणी में शामिल हैं, जिन्हें पूर्व में ही नोटिस तामील करा दिए गए थे। अब लखनऊ से मिले आदेश के बाद सील करने की कार्रवाई की गई है। इन भट्ठा मालिकों के पास पर्यावरण व अन्य मंजूरी नहीं है।
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हर माह होती है उगाही, फिर कार्रवाई क्यों
ईंट भट्ठों को सील किए जाने के बाद जैसे ही अधिकारी तहसील पहुंचे, वैसे ही काफी संख्या में ईट भट्ठा संचालक भी वहां पहुंच गए। आरोप लगाया कि एसोसिएशन के एक पदाधिकारी हर माह कार्रवाई से बचाने के लिए अधिकारियों के नाम पर रुपये एकत्रित करता है। फिर अधिकारी कार्रवाई क्यों कर रहे है। इस दौरान ईट भट्ठा संचालकों में काफी रोष दिखाई दिया।
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157 ईट भट्ठे डिफाल्टर श्रेणी में किए गए शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। एसडीएम व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने मंगलवार को तहसील क्षेत्र के 13 ईट भट्ठों को सील कर दिया। निरीक्षण के दौरान भट्ठा संचालक पर्यावरण व अन्य मंजूरी नहीं दिखा पाएं थे। 157 ईट भट्ठे डिफाल्टर श्रेणी में किए गए शामिल किए है। उधर, प्रशासन की इस कार्रवाई से ईट भटठा संचालक नाराज दिखाई दिए।
मंगलवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अवर अभियंता प्रखर कटियार अन्य टीम के साथ तहसील पहुंचे। इसके बाद एसडीएम दुर्गेश कुमार मिश्र, तहसीलदार प्रदीप कुमार व सीओ आलोक सिंह के साथ जौहड़ी, सिनौली, रंछाड, माखर, नंगला, बिजरौल, बाछौड़, जौनमाना, ढिकाना में संचालित ईट भट्ठों पर निरीक्षण करने पहुंचे। भट्ठा संचालन के लिए पर्यावरण व अन्य मंजूरी के कागजात दिखाने को कहा। मगर, अधिकांश ईट भट्ठा संचालक एनओसी नहीं दिखा पाए। इसके बाद 13 ईंट भट्ठों को सील कर दिया गया।
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एसडीएम दुर्गेश मिश्र ने बताया कि जिले में 157 ईंट भट्ठे डिफाल्टर श्रेणी में शामिल हैं, जिन्हें पूर्व में ही नोटिस तामील करा दिए गए थे। अब लखनऊ से मिले आदेश के बाद सील करने की कार्रवाई की गई है। इन भट्ठा मालिकों के पास पर्यावरण व अन्य मंजूरी नहीं है।
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हर माह होती है उगाही, फिर कार्रवाई क्यों
ईंट भट्ठों को सील किए जाने के बाद जैसे ही अधिकारी तहसील पहुंचे, वैसे ही काफी संख्या में ईट भट्ठा संचालक भी वहां पहुंच गए। आरोप लगाया कि एसोसिएशन के एक पदाधिकारी हर माह कार्रवाई से बचाने के लिए अधिकारियों के नाम पर रुपये एकत्रित करता है। फिर अधिकारी कार्रवाई क्यों कर रहे है। इस दौरान ईट भट्ठा संचालकों में काफी रोष दिखाई दिया।