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किसानों ने सामूहिक आत्मदाह करने की दी चेतावनी
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दोघट (बागपत)।
बामनौली गांव में महेश पाल के आवास पर चकबंदी समस्या को लेकर किसानों की बैठक हुई। चेतावनी दी कि यदि चकबंदी में गड़बड़ी करने वाले दोषी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो 15 मार्च को किसान डीएम कार्यालय पर सामूहिक आत्मदाह करेंगे।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए मास्टर खिलारी सिंह ने कहा कि गांव की चकबंदी में बड़े पैमाने पर खामियां है। इनकी शिकायत किसान चकबंदी अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री तक कर चुके हैं। किसान चकबंदी को लेकर आत्महत्या भी कर चुके हैं, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं कराया। लखनऊ में आमरण अनशन के दौरान उन्हें आश्वासन मिला था कि चकबंदी प्रक्रिया में जो अधिकारी व कर्मचारी दोषी पाए, उनके खिलाफ एक सप्ताह में कार्रवाई कराई जाएगी। दो सप्ताह बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। चेतावनी दी यदि 15 मार्च से पहले चकबंदी प्रक्रिया में दोषी पाए कर्मियों के खिलाफ शासन से कार्रवाई नहीं कराई तो 15 मार्च को किसान एकत्र होकर सामूहिक रूप से डीएम कार्यालय पर आत्मदाह करेंगे। संचालन मा. महेंद्र सिंह ने किया। इसमें महिपाल सिंह, राजपाल, भूपेंद्र सिंह, श्रीपाल, नरेश सिंह, चाहीराम, राजवीर, पीतम सिंह, बिजेंद्र, राम कुमार, रामरतन, राजीव, रतना, कृष्णपाल आदि रहे।
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बामनौली गांव में महेश पाल के आवास पर चकबंदी समस्या को लेकर किसानों की बैठक हुई। चेतावनी दी कि यदि चकबंदी में गड़बड़ी करने वाले दोषी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो 15 मार्च को किसान डीएम कार्यालय पर सामूहिक आत्मदाह करेंगे।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए मास्टर खिलारी सिंह ने कहा कि गांव की चकबंदी में बड़े पैमाने पर खामियां है। इनकी शिकायत किसान चकबंदी अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री तक कर चुके हैं। किसान चकबंदी को लेकर आत्महत्या भी कर चुके हैं, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं कराया। लखनऊ में आमरण अनशन के दौरान उन्हें आश्वासन मिला था कि चकबंदी प्रक्रिया में जो अधिकारी व कर्मचारी दोषी पाए, उनके खिलाफ एक सप्ताह में कार्रवाई कराई जाएगी। दो सप्ताह बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। चेतावनी दी यदि 15 मार्च से पहले चकबंदी प्रक्रिया में दोषी पाए कर्मियों के खिलाफ शासन से कार्रवाई नहीं कराई तो 15 मार्च को किसान एकत्र होकर सामूहिक रूप से डीएम कार्यालय पर आत्मदाह करेंगे। संचालन मा. महेंद्र सिंह ने किया। इसमें महिपाल सिंह, राजपाल, भूपेंद्र सिंह, श्रीपाल, नरेश सिंह, चाहीराम, राजवीर, पीतम सिंह, बिजेंद्र, राम कुमार, रामरतन, राजीव, रतना, कृष्णपाल आदि रहे।
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