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जम्मू कश्मीर के राज्यपाल के गांव हिसावदा में नहीं मिलता टंकी से पानी

Fri, 11 Jan 2019 01:19 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 11 Jan 2019 01:19 AM IST
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जम्मू कश्मीर के राज्यपाल के गांव हिसावदा में नहीं मिलता टंकी से पानी
पिलाना (बागपत)। जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक के पैतृक गांव हिसावदा के लोग पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। करोड़ों की लागत से यहां ओवर हेड टैंक और पाइप लाइन बिछाई, लेकिन हर घर में पानी नहीं पहुंच रहा है। गांव के 25 प्रतिशत हिस्से में पाइप लाइन बिछाई गई है, जिस कारण लोगों शुद्ध जल से कोसो दूर हैं। ग्रामीण कहते हैं कि प्रशासन को पेयजल की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि लोगों को लाभ हो सकें।
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हिसावदा गांव की पहचान भले ही देशभर में हो, लेकिन यहां के लोग पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं। सरकार ने योजना पर करोड़ों रुपये तो खर्च किए, लेकिन लोगों तक शुद्ध जल नहीं पहुंचा। आलम यह कि 25 प्रतिशत गांव के हिस्से में ही पाइप लाइन बिछाई गई है, लेकिन जहां पाइप लाइन है वहां के लोगों को भी पानी नहीं मिल रहा है। ग्रामीण इसकी शिकायत अधिकारियों से कर चुके हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। सात वर्ष पूर्व चली यह योजना केवल दिखावा बनकर रह गई है। कई बस्ती ऐसी हैं, जहां पर हैंडपंप ही नहीं हैं। वहां के रहने वाले लोगों घरों में लगे सबमर्सेबल और दूसरी बस्ती से हैंडपंपों से पानी लाने को मजबूर होना पड़ता है।
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गांव की समस्या का कराया जा रहा समाधान : ग्राम प्रधान
बागपत। ग्राम प्रधान के पति उत्तम मलिक ने पाइप पेयजल योजना सात वर्ष पूर्व गांव में संचालित हुई थी। इसकी लाइन बिछाई जा रही है। पूरे गांव के योजना का लाभ पहुंचाया जाएगा। जिस बस्ती में हैंडपंप नहीं है वहां भी पानी की व्यवस्था कराई जाएगी।
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क्या कहते हैं ग्रामीण
हिसावदा गांव निवासी रणबीर ने कहा कि आधे से भी कम आबादी को पानी मुहैया हो रहा है। पानी सप्लाई में भी कटौती की जाती है। योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।
चंद्रपाल ने कहा कि गांव की हर बस्ती में पाइप लाइन नहीं बिछी है। जिस कारण लोगों को शुद्ध पानी नहीं मिल रहा है। ऐसी जगह पानी लाइन है जहां पहले से ही पानी के इंतजाम है।
अरूण पूनिया ने बताया कि सरकार द्वारा करोड़ों की लागत से गांव में पेयजल टंकी का निर्माण कराया। सात वर्ष बाद भी 25 प्रतिशत हिस्से में ही लाइन बिछाई गई, जो दुर्भाग्य है। सभी व्यक्ति को इसका लाभ मिलना चाहिए।
कौशल्या पूनिया ने कहा कि उनके आसपास पानी की सप्लाई वाली लाइन हीं है। कई बार संबंधित विभाग और अन्य अधिकारियों से इसकी शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। जल्द सभी को लाभ पहुंचाया जाए।
संजय प्रजापति पानी की सप्लाई बहुत कम है। सही प्रकार से लोगों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। गांव की हर बस्ती को शुद्ध जल पहुंचाया जाए, तभी योजना कारगर साबित होगी।


गांव में अगर पाइप लाइन बिछाने में बजट और टैक्नीकल समस्या है तो ग्राम प्रधान इसका प्रस्ताव कर सकते हैं। ग्रामीणों की समस्या का प्राथमिकता से समाधान होना चाहिए। इसके लिए उनके पास पर्याप्त बजट है।

पीसी जायसवाल, सीडीओ

दूषित पानी के विरोध में अधिवक्ताओं ने किया प्रदर्शन
बागपत। तहसील परिसर में लगे हैंडपंप के पानी का सैंपल फेल हो चुका है, इसके बाद भी दूषित पानी का लोग सेवन कर रहे हैं। बाल कल्याण समिति और किशोर न्याय बोर्ड में आने वाले बाल बंदी और उनके परिजनों को दूषित पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। जबकि तहसील में ओवर हेड टैंक है। शुद्ध पानी नहीं मिल रहा है। बृहस्पतिवार को अधिवक्ताओं ने इसके विरोध में हंगामा किया। एडवोकेट पवन तिवारी, एडवोकेट आलोक शर्मा, गौरव कुमार, प्रदीप कुमार, ब्रजपाल, आकिल खान, प्रदर्शन भारद्वाज, कमलकांत मौजूद रहे।
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