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बिल जमा करने के बाद भी भेज दिए हजारों का बिल
Updated Mon, 14 Aug 2017 12:56 AM IST
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जमा करने के बावजूद भेज दिया हजारों का बिल
बड़ौत (बागपत)। विद्युत निगम के कर्मचारियों की गलतियों का खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। बड़का गांव का एक उपभोक्ता भी ऐसी ही गलती से परेशान है। वर्षों पहले सारा बकाया बिल जमा कराकर कनेक्शन कटवा लेने के बावजूद उसे हजारों का बिल भेज दिया गया। वह परेशान है, कोई सुनने को तैयार नहीं।
पीड़ित उपभोक्ता प्रेमचंद पुत्र टीका बड़का गांव का रहने वाला है। एसडीएम को शिकायती पत्र देते हुए उसने बताया कि गांव मेें वर्ष 2014-15 में कोल्हू चलाने के लिए 7.5 हार्स पावर का अस्थाई विद्युत कनेक्शन लिया था। सीजन खत्म होने पर छह अक्तूबर 2015 को अंतिम बकाया भुगतान 76652 जमा कराकर कनेक्शन कटा लिया था। आरोप है कि इसके बावजूद विभागीय अफसरों ने उसके पास 67873 रुपये का बिल भेज दिया। बार-बार शिकायतों के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। आरोप लगाया कि कुछ कर्मी मामले को निपटाने के लिए रिश्वत मांग रहे थे। मना करने पर अब प्रेमचंद के खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज करा दी गई है। पीड़ित उपभोक्ता इंसाफ के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहा है। उसने एसडीएम अरविंद द्विवेदी से मामले की जांच कराकर समाधान कराए जाने की मांग उठायी। साथ ही समाधान न होने पर भूख हड़ताल की चेतावनी दी। एक्सईएन द्वितीय एसपी टांक ने मामले की जांच कर कार्रवाई की बात कहीं।
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बड़ौत (बागपत)। विद्युत निगम के कर्मचारियों की गलतियों का खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। बड़का गांव का एक उपभोक्ता भी ऐसी ही गलती से परेशान है। वर्षों पहले सारा बकाया बिल जमा कराकर कनेक्शन कटवा लेने के बावजूद उसे हजारों का बिल भेज दिया गया। वह परेशान है, कोई सुनने को तैयार नहीं।
पीड़ित उपभोक्ता प्रेमचंद पुत्र टीका बड़का गांव का रहने वाला है। एसडीएम को शिकायती पत्र देते हुए उसने बताया कि गांव मेें वर्ष 2014-15 में कोल्हू चलाने के लिए 7.5 हार्स पावर का अस्थाई विद्युत कनेक्शन लिया था। सीजन खत्म होने पर छह अक्तूबर 2015 को अंतिम बकाया भुगतान 76652 जमा कराकर कनेक्शन कटा लिया था। आरोप है कि इसके बावजूद विभागीय अफसरों ने उसके पास 67873 रुपये का बिल भेज दिया। बार-बार शिकायतों के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। आरोप लगाया कि कुछ कर्मी मामले को निपटाने के लिए रिश्वत मांग रहे थे। मना करने पर अब प्रेमचंद के खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज करा दी गई है। पीड़ित उपभोक्ता इंसाफ के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहा है। उसने एसडीएम अरविंद द्विवेदी से मामले की जांच कराकर समाधान कराए जाने की मांग उठायी। साथ ही समाधान न होने पर भूख हड़ताल की चेतावनी दी। एक्सईएन द्वितीय एसपी टांक ने मामले की जांच कर कार्रवाई की बात कहीं।
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