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लखनऊ जाने की जरूरत नहीं, व्हाट्स एप नंबर पर महिलाएं करें शिकायत
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बागपत। उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष सुषमा सिंह ने जिले में महिला उत्पीड़न के मामलों की समीक्षा करते हुए महिलाओं की शिकायतों को सुना और अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। आयोग द्वारा जारी व्हाट्स एप नंबर का प्रचार प्रसार करने और अस्पताल सहित महिला हेल्प लाइन के कार्यालय के बाहर पेंशनों की पूरी प्रक्रिया का पंप लेट लगने के लिए निर्देशित किया।
विकास भवन सभागार में शनिवार को उन्होंने कहा कि आयोग द्वारा प्रत्येक माह के प्रथम और तृतीय बुधवार को जन सुनवाई की जाती है। यह प्रक्रिया जिले में भी लागू कराई जाए, ताकि महिलाओं को लखनऊ आना न पडे़। आयोग द्वारा जारी व्हाटस एप नंबर 6306511708 पर शिकायतों का समाधान कराया जा रहा है। सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक इस पर शिकायत अपलोड कर सकते हैं। पीड़ित की शिकायत, आईडी प्रूफ और फोन नंबर अपलोड करना जरूरी है। अफसर इसका प्रचार-प्रसार करें। महिला और दिव्यांगों को पेंशन के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए सीएमओ अस्पतालों के बाहर पेंशन के आवेदनों की पूरी प्रक्रिया का पंपलेट चस्पा करवा दें। महिला हेल्प लाइन भी इस प्रक्रिया को करेगी। इसमें विभागीय अधिकारियों का सहयोग रहेगा।
उन्होंने एसडीएम और सीओ को निर्देशित किया कि जमीन के मामलों को गंभीरता से लेकर कार्रवाई करें। इस प्रकरण में महिला हेल्प लाइन केवल सहयोग कर सकती है और कुछ नहीं। निर्देश दिया कि सीडब्ल्यूसी के पास पहुंचने वाले बच्चों की पूरी पैरवी करें, क्योंकि दूसरे जनपदों में फर्जी प्रकरण मिल रहे हैं। महिला सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी से फोन पर जानकारी ली। संस्थाओं की भी जांच करने के लिए निर्देशित किया। इस दौरान गैंगरेप, स्कॉलरशिप और जमीन पर कब्जे की शिकायतें पहुंची। इस दौरान सीएमओ डॉ. सुषमा चंद्रा, एसडीएम विवेक कुमार यादव, डीडीओ हुब लाल, जिला प्रोबेशन अधिकारी विमल कुमार ढाका, सीओ दिलीप सिंह, दीपाजंलि, ममता शर्मा, रश्मि सिंह, खुशनसीब आदि मौजूद रहे।
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हत्या के मामले में आयोग में नहीं होगी सुनवाई
बागपत। उपाध्यक्ष सुषमा सिंह ने कहा कि जमीन मामले, सड़क दुर्घटना, अन्य प्रकरण में महिलाओं के पति की हत्या होने पर महिला की सुनवाई आयोग में नहीं होगी। केवल हेल्प लाइन की सदस्य महिला की सहयोग कर सकती है। वहीं आयोग में नौकरी लगवाने के नाम पर लिखित में कोई अपील न करें, इसके लिए वह मौखिक बात कर सकते हैं।
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विकास भवन सभागार में शनिवार को उन्होंने कहा कि आयोग द्वारा प्रत्येक माह के प्रथम और तृतीय बुधवार को जन सुनवाई की जाती है। यह प्रक्रिया जिले में भी लागू कराई जाए, ताकि महिलाओं को लखनऊ आना न पडे़। आयोग द्वारा जारी व्हाटस एप नंबर 6306511708 पर शिकायतों का समाधान कराया जा रहा है। सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक इस पर शिकायत अपलोड कर सकते हैं। पीड़ित की शिकायत, आईडी प्रूफ और फोन नंबर अपलोड करना जरूरी है। अफसर इसका प्रचार-प्रसार करें। महिला और दिव्यांगों को पेंशन के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए सीएमओ अस्पतालों के बाहर पेंशन के आवेदनों की पूरी प्रक्रिया का पंपलेट चस्पा करवा दें। महिला हेल्प लाइन भी इस प्रक्रिया को करेगी। इसमें विभागीय अधिकारियों का सहयोग रहेगा।
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उन्होंने एसडीएम और सीओ को निर्देशित किया कि जमीन के मामलों को गंभीरता से लेकर कार्रवाई करें। इस प्रकरण में महिला हेल्प लाइन केवल सहयोग कर सकती है और कुछ नहीं। निर्देश दिया कि सीडब्ल्यूसी के पास पहुंचने वाले बच्चों की पूरी पैरवी करें, क्योंकि दूसरे जनपदों में फर्जी प्रकरण मिल रहे हैं। महिला सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी से फोन पर जानकारी ली। संस्थाओं की भी जांच करने के लिए निर्देशित किया। इस दौरान गैंगरेप, स्कॉलरशिप और जमीन पर कब्जे की शिकायतें पहुंची। इस दौरान सीएमओ डॉ. सुषमा चंद्रा, एसडीएम विवेक कुमार यादव, डीडीओ हुब लाल, जिला प्रोबेशन अधिकारी विमल कुमार ढाका, सीओ दिलीप सिंह, दीपाजंलि, ममता शर्मा, रश्मि सिंह, खुशनसीब आदि मौजूद रहे।
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हत्या के मामले में आयोग में नहीं होगी सुनवाई
बागपत। उपाध्यक्ष सुषमा सिंह ने कहा कि जमीन मामले, सड़क दुर्घटना, अन्य प्रकरण में महिलाओं के पति की हत्या होने पर महिला की सुनवाई आयोग में नहीं होगी। केवल हेल्प लाइन की सदस्य महिला की सहयोग कर सकती है। वहीं आयोग में नौकरी लगवाने के नाम पर लिखित में कोई अपील न करें, इसके लिए वह मौखिक बात कर सकते हैं।