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मौसम ने बदली करवट, किसानों की चिंता बढ़ी
Updated Thu, 22 Mar 2018 01:04 AM IST
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बागपत। मौसम ने करवट बदली है। ठंडी हवाएं चली और करीब 20 मिनट तक जिले के विभिन्न हिस्सों में बारिश भी हुई। मौसम के बदले रवैये से किसान चिंतित हैं। सरसों की फसल के अलावा गेहूं को नुकसान हो सकता है। कृषि वैज्ञानिकों की सलाह है कि फिलहाल गेहूं की सिंचाई का कार्य न करें। हवा चलने से फसल के गिरने का खतरा भी हो सकता है।
मंगलवार की रात से ही मौसम का मिजाज बदलना शुरू हो गया । देर रात कई बार आसमान में बादल तैरते दिखे, लेकिन बुधवार सुबह करीब छह बजे तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश करीब 20 मिनट तक ही हुई। इसके बाद सिर्फ दिन में कई बार बादल छाए रहे और कई बार तेज हवा के झोंके भी आए। सरसों की फसल पककर तैयार है। कृषि विज्ञान केंद्र खेकड़ा के अध्यक्ष डॉ. गजेंद्र सिंह ने कहा तेज और सीधी बारिश हुई तो सरसों की फसल झगड़ने का खतरा बन जाएगा। इसके अलावा गेहूं के जिन खेतों की सिंचाई की जा चुकी है, उन खेतों में फसल के गिरने का खतरा बन सकता है। ठंडी हवाएं चलने से तापमान में गिरावट रही। एडीओ एग्रीकल्चर छपरौली महेश खोखर ने कहा जिन गेहूं के खेत में बालियां निकल चुकी हैं, किसान उनकी सिंचाई न करें। बारिश अगर हुई तो इन खेतों की फसल गिरने का खतरा रहेगा।
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मंगलवार की रात से ही मौसम का मिजाज बदलना शुरू हो गया । देर रात कई बार आसमान में बादल तैरते दिखे, लेकिन बुधवार सुबह करीब छह बजे तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश करीब 20 मिनट तक ही हुई। इसके बाद सिर्फ दिन में कई बार बादल छाए रहे और कई बार तेज हवा के झोंके भी आए। सरसों की फसल पककर तैयार है। कृषि विज्ञान केंद्र खेकड़ा के अध्यक्ष डॉ. गजेंद्र सिंह ने कहा तेज और सीधी बारिश हुई तो सरसों की फसल झगड़ने का खतरा बन जाएगा। इसके अलावा गेहूं के जिन खेतों की सिंचाई की जा चुकी है, उन खेतों में फसल के गिरने का खतरा बन सकता है। ठंडी हवाएं चलने से तापमान में गिरावट रही। एडीओ एग्रीकल्चर छपरौली महेश खोखर ने कहा जिन गेहूं के खेत में बालियां निकल चुकी हैं, किसान उनकी सिंचाई न करें। बारिश अगर हुई तो इन खेतों की फसल गिरने का खतरा रहेगा।
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