{"_id":"5a566c064f1c1b0b198b4668","slug":"11515613190-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेटियों को आगे बढ़ाएं, कभी नहीं झकेगा सिर : दलाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेटियों को आगे बढ़ाएं, कभी नहीं झकेगा सिर : दलाल
Updated Thu, 11 Jan 2018 01:13 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागपत। देश की पहली डब्ल्यूडब्ल्यूई महिला रेसलर कविता दलाल ने कहा कि उपलब्धि हासिल करने के लिए उसे लंबा संघर्ष करना पड़ा। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 20 जनवरी को उसे सम्मानित करेंगे, यह उपलब्धि जींद और बागपत को समर्पित करती है। सभी लोगों को बेटियों को आगे बढ़ाना चाहिए।
बुधवार को अपने पति गौरव तोमर, बेटे अभिषेक तोमर के साथ बागपत पहुंची। बड़ौत रोड पर दादा बल्लभ पहलवान ने अखाड़े में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवार को अपनी बेटियों को आगे बढ़ाना चाहिए। जिन परिवारों ने बेटियों को आगे बढ़ाया, उनका सिर हमेशा गर्व से ऊंचा रहा है। इसके बाद कविता दलाल ने गुफा वाले मंदिर में पूजा अर्चना की और बिजवाड़ा के लिए रवाना हो गई। उनके पति गौरव तोमर ने बताया कि बृहस्पतिवार को केंद्रीय मंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह ने उनके घर पर सम्मानित करेंगे, जबकि 20 जनवरी को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद कविता दलाल को देश की पहली महिला रेसलर बन जाने पर सम्मानित करेंगे। सोना पहलवान, नीरज, सोनू, बॉबी, सौरभ, प्रवीण, अमन कुमार, मोहित, मनीष, अंकित, हिमांशु, राहुल मौजूद रहे।
कविता दलाल का परिचय
बागपत। जींद जिले के मालवी गांव में जन्मीं कविता ने हमेशा संघर्ष किया। किसान परिवार में जन्मी और पांच भाई-बहनों में सबसे छोटी कविता ने जुलाना के स्कूल में 12वीं तक पढ़ाई की। 2005 में बीए पूरी की। इसी बीच वह वेट लिफ्टिंग के खेल से जुड़ गई। कविता के बड़े भाई संजय दलाल हमेशा सपोर्ट बनकर खड़े रहे। 2008 में वह डोपिंग के आरोप घिर गई और जापान में एशियन चैंपियन में डोपिंग के कारण उस पर चार साल का बैन लग गया। 2009 में परिवार ने यूपी के बागपत जिले के एसएसबी में कार्यरत गौरव तोमर से कविता की शादी कर दी। बैन के दंश को कविता भूली भी नहीं थी कि 2010 में उनकी भाभी की मौत के बाद मां-बाप और भाई जेल चले गए। यह समय कविता के लिए बहुत मुश्किल रहा। परिवार ने उन्हें सपोर्ट किया और वेट लिफ्टिंग की बजाय वुशू खेलना शुरू कर दिया। मई 2016 में खली ने उन्हें जालंधर एकेडमी में मिलने के लिए बुलाया। वहीं से कविता की किस्मत का सितारा चमका।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुधवार को अपने पति गौरव तोमर, बेटे अभिषेक तोमर के साथ बागपत पहुंची। बड़ौत रोड पर दादा बल्लभ पहलवान ने अखाड़े में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवार को अपनी बेटियों को आगे बढ़ाना चाहिए। जिन परिवारों ने बेटियों को आगे बढ़ाया, उनका सिर हमेशा गर्व से ऊंचा रहा है। इसके बाद कविता दलाल ने गुफा वाले मंदिर में पूजा अर्चना की और बिजवाड़ा के लिए रवाना हो गई। उनके पति गौरव तोमर ने बताया कि बृहस्पतिवार को केंद्रीय मंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह ने उनके घर पर सम्मानित करेंगे, जबकि 20 जनवरी को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद कविता दलाल को देश की पहली महिला रेसलर बन जाने पर सम्मानित करेंगे। सोना पहलवान, नीरज, सोनू, बॉबी, सौरभ, प्रवीण, अमन कुमार, मोहित, मनीष, अंकित, हिमांशु, राहुल मौजूद रहे।
विज्ञापन
कविता दलाल का परिचय
बागपत। जींद जिले के मालवी गांव में जन्मीं कविता ने हमेशा संघर्ष किया। किसान परिवार में जन्मी और पांच भाई-बहनों में सबसे छोटी कविता ने जुलाना के स्कूल में 12वीं तक पढ़ाई की। 2005 में बीए पूरी की। इसी बीच वह वेट लिफ्टिंग के खेल से जुड़ गई। कविता के बड़े भाई संजय दलाल हमेशा सपोर्ट बनकर खड़े रहे। 2008 में वह डोपिंग के आरोप घिर गई और जापान में एशियन चैंपियन में डोपिंग के कारण उस पर चार साल का बैन लग गया। 2009 में परिवार ने यूपी के बागपत जिले के एसएसबी में कार्यरत गौरव तोमर से कविता की शादी कर दी। बैन के दंश को कविता भूली भी नहीं थी कि 2010 में उनकी भाभी की मौत के बाद मां-बाप और भाई जेल चले गए। यह समय कविता के लिए बहुत मुश्किल रहा। परिवार ने उन्हें सपोर्ट किया और वेट लिफ्टिंग की बजाय वुशू खेलना शुरू कर दिया। मई 2016 में खली ने उन्हें जालंधर एकेडमी में मिलने के लिए बुलाया। वहीं से कविता की किस्मत का सितारा चमका।
विज्ञापन