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जो दुख में काम आये वहीं होता है सच्चा दोस्त- अरूण मुनि
Updated Mon, 17 Jul 2017 12:23 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
जैन संत अरुण मुनि ने कहा सच्चा मित्र वहीं होता है, जो दुख में काम आए।
रविवार को जैन स्थानक शहर में संक्रांति के अवसर पर आयोजित मित्र मिलन में जैन संत ने कहा किसी के चरित्र के बारे में जानना हो तो उसकी सोसाइटी उसके मित्रों के द्वारा ही पता चल जाता है। शराबी का दोस्त शराबी होगा। कबाबी का दोस्त कबाबी होगा और चोर की दोस्ती चोर से ही होगी। उन्होंने कहा यदि किसी सोसाइटी में धार्मिक दोस्त हैं तो वह व्यक्ति भी धार्मिक होगा। आजकल तो दोस्तों का पैमाना ही अलग होता है। खाने-पीने व ऐश करने वाले दोस्त बनते हैं। दोस्त जिसे भी बनाओ, अच्छी प्रकार देखकर बनाओ और दोस्ती घर से बाहर ही रखो। उन्होंने कृष्ण-सुदामा की दोस्ती का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा आज के युग में ऐसी दोस्ती कहां मिलने वाली है। उन्होंने कहा जो अंडा, मांस, मदिरा सबका सेवन करने पर भी अपने आप को जैन कहते हैं, ऐसे व्यक्ति को धिक्कार है। जो जैन परिवार के लिए भी कलंक होते हैं। इससे पूर्व अमन मुनि ने भी धर्मसभा को संबोधित किया। धर्मसभा में भोपाल जैन, रमेश जैन, अमर चंद, सुशील जैन, राजन, दिनेश, धर्मप्रकाश वर्मा, हरपाल, हंस कुमार जैन, दीपक जैन आदि रहे।।
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जैन संत अरुण मुनि ने कहा सच्चा मित्र वहीं होता है, जो दुख में काम आए।
रविवार को जैन स्थानक शहर में संक्रांति के अवसर पर आयोजित मित्र मिलन में जैन संत ने कहा किसी के चरित्र के बारे में जानना हो तो उसकी सोसाइटी उसके मित्रों के द्वारा ही पता चल जाता है। शराबी का दोस्त शराबी होगा। कबाबी का दोस्त कबाबी होगा और चोर की दोस्ती चोर से ही होगी। उन्होंने कहा यदि किसी सोसाइटी में धार्मिक दोस्त हैं तो वह व्यक्ति भी धार्मिक होगा। आजकल तो दोस्तों का पैमाना ही अलग होता है। खाने-पीने व ऐश करने वाले दोस्त बनते हैं। दोस्त जिसे भी बनाओ, अच्छी प्रकार देखकर बनाओ और दोस्ती घर से बाहर ही रखो। उन्होंने कृष्ण-सुदामा की दोस्ती का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा आज के युग में ऐसी दोस्ती कहां मिलने वाली है। उन्होंने कहा जो अंडा, मांस, मदिरा सबका सेवन करने पर भी अपने आप को जैन कहते हैं, ऐसे व्यक्ति को धिक्कार है। जो जैन परिवार के लिए भी कलंक होते हैं। इससे पूर्व अमन मुनि ने भी धर्मसभा को संबोधित किया। धर्मसभा में भोपाल जैन, रमेश जैन, अमर चंद, सुशील जैन, राजन, दिनेश, धर्मप्रकाश वर्मा, हरपाल, हंस कुमार जैन, दीपक जैन आदि रहे।।