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एड्स पीड़ित मासूम और उसके भाई को स्कूल से निकाला
Updated Thu, 03 May 2018 01:12 AM IST
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बागपत। शिक्षा के अधिकार के भले ही तमाम दावे किए जाते हो, लेकिन जिले के एक मासूम और उसके भाई से यह अधिकार छीना जा रहा है। वजह है कि कक्षा एक का मासूम एड्स पीड़ित है। उसके भाई को भी इसी वजह से स्कूल से निकाल दिया गया है। दोनों भाइयों को स्कूल से निकाले जाने के बाद एक एनजीओ तक यह मामला पहुंचा। एनजीओ के पदाधिकारियों ने बाल कल्याण समिति के पदाधिकारियों से मुलाकात की। शिक्षण संस्था को नोटिस जारी करने की तैयारी है। संस्था ने कहा मासूम को शिक्षा दिलाने के लिए लड़ाई लड़ी जाएगी।
जिले के एक स्कूल में पढ़ रहे कक्षा एक के छात्र को इसलिए निकाल दिया कि वह एचआईवी पॉजेटिव है। यही नहीं जैसे ही स्कूल प्रबंधन को यह पता चला कि इस छात्र का भाई कक्षा तीन में पढ़ता है, उसे भी निकाल दिया, जबकि वह एचआईवी पॉजेटिव नहीं था। अभिभावकों ने स्कूल के प्रबंधन से मुलाकात की, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने उनकी बात मानने से इंकार कर दिया। एड्स पीड़ितों के लिए कार्य करने वाली दिल्ली की संस्था तक यह मामला पहुंचा। बुधवार को संस्था के पदाधिकारी स्कूल में पहुंचे और प्रधानाचार्य से मुलाकात करने की कोशिश की, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद संस्था के पदाधिकारी न्यायपीठ बाल कल्याण समिति के कार्यालय पहुंचे और प्रकरण की जानकारी दी। न्यायपीठ के प्राधिकारी राजीव यादव ने प्रकरण की पुष्टि की है। उनका कहना है कि शिक्षण संस्था को नोटिस जारी कर जवाब तलब करने की तैयारी है, एचआईवी होने के कारण बच्चे से शिक्षा का अधिकार नहीं छीना जा सकता। समिति की सदस्य मालती शर्मा ने कहा कि बच्चे को उसकी शिक्षा का अधिकार दिलाया जाएगा।
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जिले के एक स्कूल में पढ़ रहे कक्षा एक के छात्र को इसलिए निकाल दिया कि वह एचआईवी पॉजेटिव है। यही नहीं जैसे ही स्कूल प्रबंधन को यह पता चला कि इस छात्र का भाई कक्षा तीन में पढ़ता है, उसे भी निकाल दिया, जबकि वह एचआईवी पॉजेटिव नहीं था। अभिभावकों ने स्कूल के प्रबंधन से मुलाकात की, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने उनकी बात मानने से इंकार कर दिया। एड्स पीड़ितों के लिए कार्य करने वाली दिल्ली की संस्था तक यह मामला पहुंचा। बुधवार को संस्था के पदाधिकारी स्कूल में पहुंचे और प्रधानाचार्य से मुलाकात करने की कोशिश की, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद संस्था के पदाधिकारी न्यायपीठ बाल कल्याण समिति के कार्यालय पहुंचे और प्रकरण की जानकारी दी। न्यायपीठ के प्राधिकारी राजीव यादव ने प्रकरण की पुष्टि की है। उनका कहना है कि शिक्षण संस्था को नोटिस जारी कर जवाब तलब करने की तैयारी है, एचआईवी होने के कारण बच्चे से शिक्षा का अधिकार नहीं छीना जा सकता। समिति की सदस्य मालती शर्मा ने कहा कि बच्चे को उसकी शिक्षा का अधिकार दिलाया जाएगा।
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