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सीडब्ल्यूसी ने छह बच्चों को उनके माता-पिता को सौंपा
Updated Thu, 14 Dec 2017 12:42 AM IST
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बागपत। बड़ौत के मोहल्ला पठानकोट निवासी एक बच्चा जुनैद पुत्र बिलाल भटक कर मध्य प्रदेश के मुरैना पहुंच गया । वहां सीडब्ल्यूसी ने इस बालक को वहां के बालगृह में रखा। ट्रेस होने पर मुरैना पुलिस टीम जुनैद को लेकर बागपत सीडब्ल्यूसी पहुंची।
न्यायपीठ के न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. कुलदीप त्यागी ने बताया कि सीडब्ल्यूसी ने इस बच्चे जुनैद को उसके चाचा के हवाले कर दिया। इसके अलावा बदायूं का एक बच्चा बागपत में अपहरण के मामले में पकड़ा गया। किशोर न्याय बोर्ड में मामला के चलते उसे राजकीय संप्रेक्षण गृह भेजा। वहां पर 14 माह की पर्यवेक्षण अवधि पूरी होने पर मामले को सीडब्ल्यूसी रेफर कर दिया। सीडब्ल्यूसी ने बच्चे का घर का पता लगाकर उसके पिता को बागपत बुलवाया और बच्चे को उसे सौंपा। इसके अलावा माता-पिता के झगड़े के बाद पाबी गाजियाबाद में रह रहे चार बच्चे तीन लड़के और एक लड़की अपने पैतृक गांव गाधी आ गए । बच्चों ने सीडब्ल्यूसी के न्याय प्राधिकारी राजीव यादव, डॉ कुलदीप त्यागी और मालती शर्मा से लिखित शिकायत में अपने परिजनों पर मारपीट का आरोप लगाया। सीडब्ल्यूसी ने बच्चे की मां और चाचा को बुलाकर मामले की जानकारी ली तो मामला गंभीर लगा और उसे विचाराधीन रखा है। मामले के विचाराधीन रहने तक सीडब्ल्यूसी ने चारों बच्चों को उनकी मां को सौंप दिया।
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न्यायपीठ के न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. कुलदीप त्यागी ने बताया कि सीडब्ल्यूसी ने इस बच्चे जुनैद को उसके चाचा के हवाले कर दिया। इसके अलावा बदायूं का एक बच्चा बागपत में अपहरण के मामले में पकड़ा गया। किशोर न्याय बोर्ड में मामला के चलते उसे राजकीय संप्रेक्षण गृह भेजा। वहां पर 14 माह की पर्यवेक्षण अवधि पूरी होने पर मामले को सीडब्ल्यूसी रेफर कर दिया। सीडब्ल्यूसी ने बच्चे का घर का पता लगाकर उसके पिता को बागपत बुलवाया और बच्चे को उसे सौंपा। इसके अलावा माता-पिता के झगड़े के बाद पाबी गाजियाबाद में रह रहे चार बच्चे तीन लड़के और एक लड़की अपने पैतृक गांव गाधी आ गए । बच्चों ने सीडब्ल्यूसी के न्याय प्राधिकारी राजीव यादव, डॉ कुलदीप त्यागी और मालती शर्मा से लिखित शिकायत में अपने परिजनों पर मारपीट का आरोप लगाया। सीडब्ल्यूसी ने बच्चे की मां और चाचा को बुलाकर मामले की जानकारी ली तो मामला गंभीर लगा और उसे विचाराधीन रखा है। मामले के विचाराधीन रहने तक सीडब्ल्यूसी ने चारों बच्चों को उनकी मां को सौंप दिया।
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