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Baghpat News: कुत्तों व बंदरों के काटने से 11 लोग घायल
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संवाद न्यूज एजेंसी
अग्रवाल मंडी टटीरी। कस्बे के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर शनिवार को कुत्तों और बंदरों के काटने से बच्चों सहित 11 लोग पहुंचे। इन सभी घायलों को तत्काल एंटी रेबीज वैक्सीन लगाई गई। यह घटना क्षेत्र में आवारा पशुओं के बढ़ते खतरे को उजागर करती है, जहां रोजाना ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉक्टर मनीष त्यागी ने बताया कि केंद्र पर प्रतिदिन 10 से अधिक लोग कुत्तों और बंदरों के काटने के बाद उपचार के लिए आते हैं। उन्होंने कहा कि यह समस्या अब गंभीर रूप ले चुकी है। शनिवार को जिन लोगों को वैक्सीन लगाई गई, उनमें गांधी निवासी मिथलेश शामिल थे। अग्रवाल मंडी टटीरी निवासी अमर, मुनेश, शांति और योगेश को भी उपचार दिया गया। इसके अतिरिक्त, मीतली निवासी लकी, ज्योति, सचिन और अंशिका को भी एंटी रेबीज वैक्सीन लगाई गई। ब्राह्मण पुट्ठी निवासी रामगोपाल भी घायलों में शामिल थे। इन घटनाओं से क्षेत्र के निवासियों में भय का माहौल है।
-कुत्तों और बंदरों को पकड़वाने की मांग
कुत्तों और बंदरों के लगातार हमलों से परेशान घायलों और स्थानीय निवासियों ने अधिकारियों से इनको पकड़वाने की मांग की है। उनका कहना है कि इन जानवरों के कारण बच्चों और बुजुर्गों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकालने का आग्रह किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो स्थिति बिगड़ सकती है।
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अग्रवाल मंडी टटीरी। कस्बे के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर शनिवार को कुत्तों और बंदरों के काटने से बच्चों सहित 11 लोग पहुंचे। इन सभी घायलों को तत्काल एंटी रेबीज वैक्सीन लगाई गई। यह घटना क्षेत्र में आवारा पशुओं के बढ़ते खतरे को उजागर करती है, जहां रोजाना ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉक्टर मनीष त्यागी ने बताया कि केंद्र पर प्रतिदिन 10 से अधिक लोग कुत्तों और बंदरों के काटने के बाद उपचार के लिए आते हैं। उन्होंने कहा कि यह समस्या अब गंभीर रूप ले चुकी है। शनिवार को जिन लोगों को वैक्सीन लगाई गई, उनमें गांधी निवासी मिथलेश शामिल थे। अग्रवाल मंडी टटीरी निवासी अमर, मुनेश, शांति और योगेश को भी उपचार दिया गया। इसके अतिरिक्त, मीतली निवासी लकी, ज्योति, सचिन और अंशिका को भी एंटी रेबीज वैक्सीन लगाई गई। ब्राह्मण पुट्ठी निवासी रामगोपाल भी घायलों में शामिल थे। इन घटनाओं से क्षेत्र के निवासियों में भय का माहौल है।
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-कुत्तों और बंदरों को पकड़वाने की मांग
कुत्तों और बंदरों के लगातार हमलों से परेशान घायलों और स्थानीय निवासियों ने अधिकारियों से इनको पकड़वाने की मांग की है। उनका कहना है कि इन जानवरों के कारण बच्चों और बुजुर्गों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकालने का आग्रह किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो स्थिति बिगड़ सकती है।
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