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बड़ौत एसडीएम करेंगे शकीला की मौत की जांच, परिजनों का हंगामा
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बागपत। छपरौली थाना क्षेत्र के टांडा गांव में पुलिस की दबिश के दौरान हुई महिला की मौत की जांच एसडीएम बड़ौत आशीष कुमार करेंगे। बुधवार को दो चिकित्सकों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया। जिला प्रशासन ने शव के पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी कराई। परिजनों के हंगामे के कारण मंगलवार की रात में एएसपी और कई थानों का पुलिस बल जिला अस्पताल में डेरा डाले रहे। परिजनों ने एसपी ऑफिस, एसपी आवास और जिला अस्पताल में हंगामा किया।
टांडा गांव निवासी मनसब और उसके बेटे नौशाद, शादाब, साबाज के कोर्ट से मारपीट के मामले में गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद मंगलवार की रात में छपरौली थाने के एसआई हरिओम गौतम पुलिस टीम के साथ आरोपियों को पकड़ने गए । परिजनों ने गिरफ्तारी का विरोध किया। पुलिस नौशाद को गिरफ्तार कर थाने ले गई। इसी दौरान नौशाद की मां शकीला (55) की मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने घर में घुसकर महिलाओं के साथ मारपीट की। इस कारण शकीला की मौत हुई। पुलिस की पिटाई से रीना, शमीना, बुशरा भी घायल हो गई। परिजन मंगलवार की रात में मृतक महिला के शव को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे और जमकर हंगामा किया।
सूचना मिलते ही एएसपी राजेश कुमार श्रीवास्तव, सीओ बागपत दिलीप सिंह, सीओ खेकड़ा आरपी सिंह, सीओ बड़ौत रामानंद कुशवाह, बड़ौत, छपरौली, बागपत पुलिस के साथ जिला अस्पताल पहुंचे। एएसपी के आश्वासन पर परिजनों ने शव पुलिस को सौंपा। तहसीलदार बागपत राम नयन सिंह की मौजूदगी में पुलिस ने शकीला के शव का पंचनामा भरा। बुधवार को दो चिकित्सकों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया। जिला प्रशासन ने पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी कराई। एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने महिला की मौत की मजिस्ट्रेटी जांच कराने के लिए डीएम ऋषिरेंद्र कुमार को पत्र लिखा। डीएम ने एसडीएम बड़ौत आशीष कुमार को जांच करने के निर्देश दिए। एसडीएम बड़ौत महिला की मौत की जांच करेंगे। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजन महिला का शव ले गए और शव को सुपुर्दे ए खाक कर दिया।
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यह था मामला :
बागपत। टांडा गांव निवासी फरमूद पुत्र महमूद ने 13 जुलाई 2016 को गांव के ही मनसब, उसके बेटे नौशाद, शादाब और साबाज के खिलाफ छपरौली थाने में धारा 323, 504 आईपीसी में मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में चारों आरोपी न्यायालय में पेश नहीं हो रहे थे। कोर्ट ने उनके गैर जमानती वारंट जारी किए हैं।
कई घंटे तक शव को लेकर घूमते रहे परिजन
बागपत। टांडा गांव में शकीला की मौत के बाद परिजन पूरी रात हंगामा करते रहे। मंगलवार की रात में परिजन पहले शव को एसपी दफ्तर लेकर पहुंचे। एसपी ऑफिस के गेट पर शव रख दिया। एक घंटे तक जब गेट नहीं खोले गए तो परिजन शव को एसपी शैलेश कुमार पांडेय के आवास पर ले गए। आवास के गेट के बाहर शव रख कर हंगामा किया। जब उनकी किसी ने नहीं सुनी तो उन्होंने जिला अस्पताल के गेट पर शव रख कर हंगामा किया। सूचना पर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
टांडा पुलिस चौकी इंचार्ज पर गिर सकती है गाज
बागपत। टांडा गांव में शकीला की मौत के मामले में टांडा पुलिस चौकी इंचार्ज हरिओम गौतम पर गाज गिर सकती है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक एसआई हरिओम गौतम को चौकी से हटाकर थाने में भेज दिया है। जल्दी ही उनका वहां से तबादला भी हो सकता है।
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टांडा गांव निवासी मनसब और उसके बेटे नौशाद, शादाब, साबाज के कोर्ट से मारपीट के मामले में गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद मंगलवार की रात में छपरौली थाने के एसआई हरिओम गौतम पुलिस टीम के साथ आरोपियों को पकड़ने गए । परिजनों ने गिरफ्तारी का विरोध किया। पुलिस नौशाद को गिरफ्तार कर थाने ले गई। इसी दौरान नौशाद की मां शकीला (55) की मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने घर में घुसकर महिलाओं के साथ मारपीट की। इस कारण शकीला की मौत हुई। पुलिस की पिटाई से रीना, शमीना, बुशरा भी घायल हो गई। परिजन मंगलवार की रात में मृतक महिला के शव को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे और जमकर हंगामा किया।
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सूचना मिलते ही एएसपी राजेश कुमार श्रीवास्तव, सीओ बागपत दिलीप सिंह, सीओ खेकड़ा आरपी सिंह, सीओ बड़ौत रामानंद कुशवाह, बड़ौत, छपरौली, बागपत पुलिस के साथ जिला अस्पताल पहुंचे। एएसपी के आश्वासन पर परिजनों ने शव पुलिस को सौंपा। तहसीलदार बागपत राम नयन सिंह की मौजूदगी में पुलिस ने शकीला के शव का पंचनामा भरा। बुधवार को दो चिकित्सकों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया। जिला प्रशासन ने पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी कराई। एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने महिला की मौत की मजिस्ट्रेटी जांच कराने के लिए डीएम ऋषिरेंद्र कुमार को पत्र लिखा। डीएम ने एसडीएम बड़ौत आशीष कुमार को जांच करने के निर्देश दिए। एसडीएम बड़ौत महिला की मौत की जांच करेंगे। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजन महिला का शव ले गए और शव को सुपुर्दे ए खाक कर दिया।
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यह था मामला :
बागपत। टांडा गांव निवासी फरमूद पुत्र महमूद ने 13 जुलाई 2016 को गांव के ही मनसब, उसके बेटे नौशाद, शादाब और साबाज के खिलाफ छपरौली थाने में धारा 323, 504 आईपीसी में मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में चारों आरोपी न्यायालय में पेश नहीं हो रहे थे। कोर्ट ने उनके गैर जमानती वारंट जारी किए हैं।
कई घंटे तक शव को लेकर घूमते रहे परिजन
बागपत। टांडा गांव में शकीला की मौत के बाद परिजन पूरी रात हंगामा करते रहे। मंगलवार की रात में परिजन पहले शव को एसपी दफ्तर लेकर पहुंचे। एसपी ऑफिस के गेट पर शव रख दिया। एक घंटे तक जब गेट नहीं खोले गए तो परिजन शव को एसपी शैलेश कुमार पांडेय के आवास पर ले गए। आवास के गेट के बाहर शव रख कर हंगामा किया। जब उनकी किसी ने नहीं सुनी तो उन्होंने जिला अस्पताल के गेट पर शव रख कर हंगामा किया। सूचना पर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
टांडा पुलिस चौकी इंचार्ज पर गिर सकती है गाज
बागपत। टांडा गांव में शकीला की मौत के मामले में टांडा पुलिस चौकी इंचार्ज हरिओम गौतम पर गाज गिर सकती है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक एसआई हरिओम गौतम को चौकी से हटाकर थाने में भेज दिया है। जल्दी ही उनका वहां से तबादला भी हो सकता है।