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पूछ रहे किसान, कब होगा समस्याओं का समाधान?
Updated Sun, 16 Dec 2018 01:31 AM IST
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बागपत। पेराई सत्र चरम पर है, लेकिन किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। भाव की मांग के लिए किसान अभी भी हंगामा कर रहे हैं, इसके अलावा गन्ना खातों में संशोधन और वितरण सिस्टम पटरी पर नहीं है। मलकपुर और बागपत समिति की पर्चियां इस बार वेंडर जारी कर रहे हैं, जबकि पहले गन्ना मिल पर्चियां जारी करती थी। नई व्यवस्था से किसानों को खातों में संशोधन से लेकर पर्चियां जारी करने तक की प्रक्रिया बिगड़ गई है। समितियों पर अभी भी किसान चक्कर काट रहे हैं। भले ही किसानों के खाते ऑनलाइन कर दिए गए हो, लेकिन समस्या जस की तस बनीं हुई है। प्रभारी जिला गन्ना अधिकारी विनीत कुमार का कहना है कि सिस्टम धीरे-धीरे पटरी पर आ गया है। पर्चियां जारी करने में कुछ समस्याएं सामने आई थी, जिनका समाधान प्राथमिकता से कराया जा रहा है।
समितियों को दिया जाए संशोधन कार्य
बागपत। मलकपुर गन्ना समिति के चेयरमैन धूम सिंह कहते हैं कि वेंडर संशोधन कार्य समय पर नहीं कर पा रहे हैं, इससे किसान परेशान हैं। संशोधन का कार्य अगर समितियों को दिया जाए तो एक सप्ताह में समस्याओं का समाधान हो जाएगा।
क्या कहते हैं किसान प्रतिनिधि
रालोद जिलाध्यक्ष सुखबीर सिंह गठीना कहते हैं कि गेहूं की बुआई पूरी तरह प्रभावित हो गई है। अगेती प्रजाति के किसान के खेत में भी गन्ना खड़ा है, सामान्य प्रजाति प्रजाति वालों को तो अभी इंडेंट जारी नहीं किया जा रहा है।
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सपा नेता सुरेंद्र पंवार का कहना है कि सामान्य प्रजाति के गन्ने की बुआई करने वाले किसान इंडेंट नहीं मिलने से परेशान है। आखिर यह किसान गेहूं की बुआई कैसे करेंगे। सरकार को किसानों की कोई चिंता नजर नहीं आती है।
सॉफ्ट लोन पर फैसला नहीं, 17 दिसंबर तक इंतजार
बागपत। मलकपुर चीनी मिल पर किसानों के गन्ना भुगतान के करीब 300 करोड़ रुपये बकाया हैं। सॉफ्ट लोन पर अभी फैसला नहीं हो सका है। चीनी मिल ने 230 करोड़ रुपये के सॉफ्ट लोन की मांग की थी, जिस पर अभी निर्णय नहीं हो सका है। हालांकि 100 करोड़ का लोन मंजूर हो जाने की चर्चा है, लेकिन इसकी पुष्टि न तो मिल अधिकारी कर रहे हैं और न ही गन्ना विभाग। डीसीओ विनीत कुमार कहते हैं कि सॉफ्ट लोन की पुष्टि नहीं हो सकी है, उन्हें इस विषय में किसी तरह की जानकारी नहीं दी गई है।
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समितियों को दिया जाए संशोधन कार्य
बागपत। मलकपुर गन्ना समिति के चेयरमैन धूम सिंह कहते हैं कि वेंडर संशोधन कार्य समय पर नहीं कर पा रहे हैं, इससे किसान परेशान हैं। संशोधन का कार्य अगर समितियों को दिया जाए तो एक सप्ताह में समस्याओं का समाधान हो जाएगा।
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क्या कहते हैं किसान प्रतिनिधि
रालोद जिलाध्यक्ष सुखबीर सिंह गठीना कहते हैं कि गेहूं की बुआई पूरी तरह प्रभावित हो गई है। अगेती प्रजाति के किसान के खेत में भी गन्ना खड़ा है, सामान्य प्रजाति प्रजाति वालों को तो अभी इंडेंट जारी नहीं किया जा रहा है।
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सपा नेता सुरेंद्र पंवार का कहना है कि सामान्य प्रजाति के गन्ने की बुआई करने वाले किसान इंडेंट नहीं मिलने से परेशान है। आखिर यह किसान गेहूं की बुआई कैसे करेंगे। सरकार को किसानों की कोई चिंता नजर नहीं आती है।
सॉफ्ट लोन पर फैसला नहीं, 17 दिसंबर तक इंतजार
बागपत। मलकपुर चीनी मिल पर किसानों के गन्ना भुगतान के करीब 300 करोड़ रुपये बकाया हैं। सॉफ्ट लोन पर अभी फैसला नहीं हो सका है। चीनी मिल ने 230 करोड़ रुपये के सॉफ्ट लोन की मांग की थी, जिस पर अभी निर्णय नहीं हो सका है। हालांकि 100 करोड़ का लोन मंजूर हो जाने की चर्चा है, लेकिन इसकी पुष्टि न तो मिल अधिकारी कर रहे हैं और न ही गन्ना विभाग। डीसीओ विनीत कुमार कहते हैं कि सॉफ्ट लोन की पुष्टि नहीं हो सकी है, उन्हें इस विषय में किसी तरह की जानकारी नहीं दी गई है।