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हरियाणा के शिकारी ने लगाया था ककौर में खटका
Updated Sat, 27 Oct 2018 12:36 AM IST
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हरियाणा के शिकारी ने लगाया था ककौर में खटका
बागपत। ककौर गांव के जंगल में तेंदुए के खटके में फंसने और वन विभाग की सुपुर्दगी में मौत के मामले में जांच चल रही है। अज्ञात शिकारी और खेत मालिक के खिलाफ अज्ञात में ही मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है। उधर, विभाग और पुलिस की जांच में सामने आया है कि खटका हरियाणा के शिकारी की ओर से लगाया गया था।
वन संरक्षक एवं अपराध अनुसंधान नोएडा एचडी गिरीश ने मामले की जांच पूरी कर ली है। इसके अलावा डीएफओ बागपत अनिल कुमार मिश्र जांच में जुटे हुए हैं। यह स्पष्ट हो गया है कि खटका हरियाणा के पानीपत जिले के एक शिकारी ने लगाया था। शिकारी पहले भी गांव में कई बार शिकंजे लगा चुका था। विभाग का दावा है कि गांव के ही किसी व्यक्ति ने इस बार खटका लगाने के लिए शिकारी को बुलाया था। वन संरक्षक एवं अपराध अनुसंधान नोएडा एचडी गिरीश ने मामले की रिपोर्ट प्रदेश के मुख्य वन संरक्षक को भेज दी है।
बता दें कि ककौर गांव के जंगल में मंगलवार सुबह खटके में तेंदुआ फंस गया था। ग्रामीणों ने इसे शिकारी से बचाकर वन विभाग को सूचना दी। वन विभाग की टीम देरी से मौके पर पहुंची। जाल और पिंजारी लाने में देरी की। करीब दस घंटे बाद तेंदुए की मौत हो गई थी।
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जांच में साबित, वन विभाग से हुई चूक
बागपत। जांच में साबित हो गया है कि वन विभाग से बड़ी चूक हुई थी। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद अधिकारियों को सूचना देने, मौके पर पहुंचने, संसाधन ले जाने में अदूरदर्शिता, पिंजरा ट्रैक्टर-ट्रॉली से मंगाए जाने, पुलिस की मदद नहीं लेने और रेस्क्यू में देरी में चूक हुई है। वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की तैयारी है।
श्वांस नली फंटने से हुई थी मौत
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साबित हो गया था कि तेंदुए की मौत श्वांस नली फटने से हुई थी। गर्दन पर अधिक दबाव पडने से श्वांस नली फटने और फेफड़ों में ब्लीडिंग से तेंदुए की मौत हुई थी। बृहस्पतिवार को वन संरक्षक एवं अपराध अनुसंधान नोएडा एचडी गिरीश ने ककौर में पूरे मामले की जांच की थी।
ग्रामीण नाराज, चार जांच और घिर रहा वन विभाग
बागपत। प्रकरण की चार जांच चल रही हैं। एक जांच वन संरक्षक एवं अपराध अनुसंधान नोएडा एचडी गिरीश, दूसरी जांच डीएफओ और तीसरी जांच पुलिस ने शुरू कर दी है। इसके अलावा बरेली में जांच के लिए विसरा भेजा गया है। वन विभाग की लापरवाही सामने आ चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि किसी निर्दोष ग्रामीण को फंसाने की कोशिश की गई तो सही नहीं होगा।
यमुना किनारे घूमते हैं हरियाणा के शिकारी
बागपत। तेंदुए को खटके में फंसाने के मामले में एक बार फिर हरियाणा के पानीपत और सोनीपत जिले के शिकारियों की भूमिका सामने आई है। इससे पहले सरूरपुर में तेंदुए के शिकार, हिसावदा में तेंदुए के मारे जाने के अलावा निरपुड़ा में तेंदुए की मौत के मामले में हरियाणा के शिकारियों पर ही जांच की गई थी। डीएफओ अनिल कुमार मिश्र का कहना है कि जो भी नाम सामने आएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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बागपत। ककौर गांव के जंगल में तेंदुए के खटके में फंसने और वन विभाग की सुपुर्दगी में मौत के मामले में जांच चल रही है। अज्ञात शिकारी और खेत मालिक के खिलाफ अज्ञात में ही मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है। उधर, विभाग और पुलिस की जांच में सामने आया है कि खटका हरियाणा के शिकारी की ओर से लगाया गया था।
वन संरक्षक एवं अपराध अनुसंधान नोएडा एचडी गिरीश ने मामले की जांच पूरी कर ली है। इसके अलावा डीएफओ बागपत अनिल कुमार मिश्र जांच में जुटे हुए हैं। यह स्पष्ट हो गया है कि खटका हरियाणा के पानीपत जिले के एक शिकारी ने लगाया था। शिकारी पहले भी गांव में कई बार शिकंजे लगा चुका था। विभाग का दावा है कि गांव के ही किसी व्यक्ति ने इस बार खटका लगाने के लिए शिकारी को बुलाया था। वन संरक्षक एवं अपराध अनुसंधान नोएडा एचडी गिरीश ने मामले की रिपोर्ट प्रदेश के मुख्य वन संरक्षक को भेज दी है।
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बता दें कि ककौर गांव के जंगल में मंगलवार सुबह खटके में तेंदुआ फंस गया था। ग्रामीणों ने इसे शिकारी से बचाकर वन विभाग को सूचना दी। वन विभाग की टीम देरी से मौके पर पहुंची। जाल और पिंजारी लाने में देरी की। करीब दस घंटे बाद तेंदुए की मौत हो गई थी।
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जांच में साबित, वन विभाग से हुई चूक
बागपत। जांच में साबित हो गया है कि वन विभाग से बड़ी चूक हुई थी। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद अधिकारियों को सूचना देने, मौके पर पहुंचने, संसाधन ले जाने में अदूरदर्शिता, पिंजरा ट्रैक्टर-ट्रॉली से मंगाए जाने, पुलिस की मदद नहीं लेने और रेस्क्यू में देरी में चूक हुई है। वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की तैयारी है।
श्वांस नली फंटने से हुई थी मौत
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साबित हो गया था कि तेंदुए की मौत श्वांस नली फटने से हुई थी। गर्दन पर अधिक दबाव पडने से श्वांस नली फटने और फेफड़ों में ब्लीडिंग से तेंदुए की मौत हुई थी। बृहस्पतिवार को वन संरक्षक एवं अपराध अनुसंधान नोएडा एचडी गिरीश ने ककौर में पूरे मामले की जांच की थी।
ग्रामीण नाराज, चार जांच और घिर रहा वन विभाग
बागपत। प्रकरण की चार जांच चल रही हैं। एक जांच वन संरक्षक एवं अपराध अनुसंधान नोएडा एचडी गिरीश, दूसरी जांच डीएफओ और तीसरी जांच पुलिस ने शुरू कर दी है। इसके अलावा बरेली में जांच के लिए विसरा भेजा गया है। वन विभाग की लापरवाही सामने आ चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि किसी निर्दोष ग्रामीण को फंसाने की कोशिश की गई तो सही नहीं होगा।
यमुना किनारे घूमते हैं हरियाणा के शिकारी
बागपत। तेंदुए को खटके में फंसाने के मामले में एक बार फिर हरियाणा के पानीपत और सोनीपत जिले के शिकारियों की भूमिका सामने आई है। इससे पहले सरूरपुर में तेंदुए के शिकार, हिसावदा में तेंदुए के मारे जाने के अलावा निरपुड़ा में तेंदुए की मौत के मामले में हरियाणा के शिकारियों पर ही जांच की गई थी। डीएफओ अनिल कुमार मिश्र का कहना है कि जो भी नाम सामने आएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।