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अनाथ भतीजी की हत्या कर लाश को लगाया ठिकाने
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
Updated Thu, 21 Dec 2017 11:20 PM IST
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murder
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लाटघाट। रौनापार थाना क्षेत्र के सपहा पाठक गांव निवासी एक परिवार ने अपने बड़े भाई की अनाथ बेटी ममता की दो दिन पूर्व हत्या कर उसकी लाश को ठिकाने लगा दिया। गुुरुवार को बहन की तलाश में पहुंचे भाई को जब इसकी जानकारी हुई तो थाने में तहरीर दी।
घटना के संबंध में आरोपियों के परिवार की ओर से मौत के कई बहाने बनाए जा रहे है। हालांकि इस संबंध में अभी कोई रिपोर्ट नहीं दर्ज हो सकी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
रौनापार थाना क्षेत्र के महुला गांव निवासी रामजनम और उनकी पत्नी की मौत हो चुकी है। ऐसे में उसकी 19 वर्षीय बेटी ममता और छोटा बेटा रामआशीष अनाथ हैं। ममता को उसके चाचा सीताराम अपने घर सपहा पाठक लेकर चले आए थे।
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रामआशीष अपनी दादी भुनगी देवी के साथ रहता है। रामआशीष का आरोप है कि वह गुरुवार को अपनी बहन से मिलने के लिए सपहा पाठक गांव निवासी अपने चाचा सीताराम के घर पहुंचा। वहां बहन ममता नहीं मिली। आसपास के लोगों से पूछताछ करने पर पता चला कि ममता की 19 दिसंबर को मौत हो गई।
परिवार के लोगों ने ममता का अंतिम संस्कार कर दिया। बहन की मौत की सूचना पर रामआशीष ने थाने पहुंचकर तहरीर दी। इस संबंध में ममता के चाचा सीताराम सिंह ने बताया कि 19 दिसंबर को ममता के पेट में तेज दर्द हुआ।
जब तक उसे अस्पताल ले जाते, उसकी मौत हो गई। परिवार के अन्य सदस्यों का कहना है कि उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। कोई यह जानकारी नहीं दे रहा कि ममता का अंतिम संस्कार कहां किया गया। सीओ सगड़ी सुधाकर सिंह ने बताया कि तहरीर मिल चुकी है। रिपोर्ट दर्ज नहीं है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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घटना के संबंध में आरोपियों के परिवार की ओर से मौत के कई बहाने बनाए जा रहे है। हालांकि इस संबंध में अभी कोई रिपोर्ट नहीं दर्ज हो सकी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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रौनापार थाना क्षेत्र के महुला गांव निवासी रामजनम और उनकी पत्नी की मौत हो चुकी है। ऐसे में उसकी 19 वर्षीय बेटी ममता और छोटा बेटा रामआशीष अनाथ हैं। ममता को उसके चाचा सीताराम अपने घर सपहा पाठक लेकर चले आए थे।
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रामआशीष अपनी दादी भुनगी देवी के साथ रहता है। रामआशीष का आरोप है कि वह गुरुवार को अपनी बहन से मिलने के लिए सपहा पाठक गांव निवासी अपने चाचा सीताराम के घर पहुंचा। वहां बहन ममता नहीं मिली। आसपास के लोगों से पूछताछ करने पर पता चला कि ममता की 19 दिसंबर को मौत हो गई।
परिवार के लोगों ने ममता का अंतिम संस्कार कर दिया। बहन की मौत की सूचना पर रामआशीष ने थाने पहुंचकर तहरीर दी। इस संबंध में ममता के चाचा सीताराम सिंह ने बताया कि 19 दिसंबर को ममता के पेट में तेज दर्द हुआ।
जब तक उसे अस्पताल ले जाते, उसकी मौत हो गई। परिवार के अन्य सदस्यों का कहना है कि उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। कोई यह जानकारी नहीं दे रहा कि ममता का अंतिम संस्कार कहां किया गया। सीओ सगड़ी सुधाकर सिंह ने बताया कि तहरीर मिल चुकी है। रिपोर्ट दर्ज नहीं है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।