{"_id":"6182d25dc2140a60a57eeb9e","slug":"youth-commits-suicide-by-hanging-azamgarh-news-vns620913897","type":"story","status":"publish","title_hn":"युवक ने फांसी लगा कर की आत्महत्या, मचा कोहराम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
युवक ने फांसी लगा कर की आत्महत्या, मचा कोहराम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सगड़ी। जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के बर्जला गांगेपुर गांव निवासी एक युवक ने कर्ज न चुका पाने के कारम बुधवार की भोर में घर से कुछ दूरी पर पेड़ पर रस्सी के सहारे फंदा लगा कर आत्महत्या कर ली घटना की जानकारी होने पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बर्जला गांगेपुर गांव निवासी संत विजय राय (40) मंगलवार की रात खाना खाने के बाद घर में सो रहे थे। बुधवार की भोर में वह घर से निकले। पांच बजे के लगभग ग्रामीण शौच आदि के लिए जाने लगे तो गांव से लगभग आठ सौ मीटर की दुरी पर एक पेड़ पर संत विजय का शव रस्सी के सहारे लटकता देखा। सूचना परिजनों व पुलिस को दी गई। कुछ ही देर में परिजन व पुलिस मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने शव को फंदे से उतरवाया और पोस्टमार्टम के लिए मर्चरी भेज दिया। मृतक मां-बाप की इकलौती संतान थे। माता-पिता बांदा जिले में मकान बनवा कर रहते है। घर पर संत विजय अपने पत्नी व बच्चों के साथ रहता था। वह एक पुत्र व एक पुत्री का पिता था। ग्रामीणों के अनुसार उसने किसी काम से कर्ज लिया हुआ था। दीपावली के चलते कर्ज देने वाले उस पर कर्ज वापसी का दबाव बना रहे थेस जिसे वह वापस नहीं कर पा रहा था। कहा जा रहा है कि उसी के चलते उसने आत्महत्या कर ली। फिलहाल पुलिस जांच पड़ताल में जुटी हुई है।
विज्ञापन
बर्जला गांगेपुर गांव निवासी संत विजय राय (40) मंगलवार की रात खाना खाने के बाद घर में सो रहे थे। बुधवार की भोर में वह घर से निकले। पांच बजे के लगभग ग्रामीण शौच आदि के लिए जाने लगे तो गांव से लगभग आठ सौ मीटर की दुरी पर एक पेड़ पर संत विजय का शव रस्सी के सहारे लटकता देखा। सूचना परिजनों व पुलिस को दी गई। कुछ ही देर में परिजन व पुलिस मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने शव को फंदे से उतरवाया और पोस्टमार्टम के लिए मर्चरी भेज दिया। मृतक मां-बाप की इकलौती संतान थे। माता-पिता बांदा जिले में मकान बनवा कर रहते है। घर पर संत विजय अपने पत्नी व बच्चों के साथ रहता था। वह एक पुत्र व एक पुत्री का पिता था। ग्रामीणों के अनुसार उसने किसी काम से कर्ज लिया हुआ था। दीपावली के चलते कर्ज देने वाले उस पर कर्ज वापसी का दबाव बना रहे थेस जिसे वह वापस नहीं कर पा रहा था। कहा जा रहा है कि उसी के चलते उसने आत्महत्या कर ली। फिलहाल पुलिस जांच पड़ताल में जुटी हुई है।
विज्ञापन