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नाग देवता की पूजा कर की सुख समृद्धि की कामना
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भंवरनाथ स्थित शिव मंदिर में नागपंचमीके अवसर पर पूजन अर्चन करते श्रद्घालु।
- फोटो : AZAMGARH
जिले में शुक्रवार को रविवार को नागपंचमी का पर्व पूरी श्रद्धा के साथ मनाया गया। लोगों ने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के लिए नाग देवता को दूध और लावा चढ़ाया। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों और महिलाओं ने झूला का जमकर लुत्फ उठाया।
नागपंचमी पर्व पर सुबह से ही नाग देवता को दूध चढ़ाने के लिए लोग दूध की तलाश में इधर-उधर घूमते नजर आए। तो दूसरी तरफ महिलाएं घर की साफ-सफाई में जुट गई थी। घर की सफाई के बाद घर में लावा और दूध का छिड़काव किया गया। नगर के अन्नतपुरा (हनुमानगढ़ी), बड़ादेव, रैदोपुर, कालीचौरा, भंवरनाथ, बौरहवा बाबा सहित अन्य मंदिरों पर सुबह से ही भोले भंडारी को लावा और दूध चढ़ाने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। बड़ादेव, अन्नतपुरा में डीह स्थान और रैदोपुर कालीचौरा पर महिलाओं ने कढ़ाही चढ़ाई।
वहीं पूरे दिन सपेरे सांप लेकर नगर क्षेत्र में घूमते रहे। लोगों ने नागों का दर्शन कर दान दिया। वहीं बच्चों के साथ युवा और महिलाओं ने झूले का आनंद लिया। रानी की सराय: क्षेत्र के अवंतिकापुरी धाम, काशीदास मंदिर सहित अन्य शिवमंदिरों पर सुबह से पूजन-अर्चन को भक्तों का तांता लगा रहा। मेजवां: नागपंचमी का पर्व क्षेत्र में आस्था और श्रद्धा के साथ मनाया गया। वहीं मुंडियार स्थित मुंडेश्वर नाथ मंदिर, शंकर तिराहा, मकसुदिया में झारखंड मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। पौराणिक स्थल दुर्वाषा में मेले जैसा दृश्य था। इसी क्रम में बिलारमऊ, माहुल, दीदारगंज, गोधना, मैगना, पुष्पनगर, कनेरी, खुरासों, गहनी जगदीशपुर, पुराधन्नी आदि स्थानों पर नागपंचमी का पर्व उल्लास के साथ मना।
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निजामाबाद: दत्ताश्रेय धाम, महादेवघाट पातालपुरी, फरहाबाद स्थित पुराना शिवमंदिर, शिवाला घाट आदि स्थानों पर सुबह से ही भगवान शिव के पूजन को भक्तों का तांता लगा था। इस दौरान लगे हर-हर महादेव के जयकारें से क्षेत्र गूंज उठा। बिंद्राबाजार: रानीपुर रजमों स्थित मां अगवानी के मंदिर पर नागपंचमी के अवसर शिवलिंग पर भक्तों ने दूध चढा़ कर पूजन-अर्चन के बाद महिलाओं ने कढ़ाही चढ़ाई और लोगों को प्रसाद बांटा। मां के स्थान पर जिले के अलावा अन्य जिलों से भक्त आए थे। पवई: क्षेत्र में नागपंचमी धूमधाम से मनाई गई।
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नागपंचमी पर्व पर सुबह से ही नाग देवता को दूध चढ़ाने के लिए लोग दूध की तलाश में इधर-उधर घूमते नजर आए। तो दूसरी तरफ महिलाएं घर की साफ-सफाई में जुट गई थी। घर की सफाई के बाद घर में लावा और दूध का छिड़काव किया गया। नगर के अन्नतपुरा (हनुमानगढ़ी), बड़ादेव, रैदोपुर, कालीचौरा, भंवरनाथ, बौरहवा बाबा सहित अन्य मंदिरों पर सुबह से ही भोले भंडारी को लावा और दूध चढ़ाने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। बड़ादेव, अन्नतपुरा में डीह स्थान और रैदोपुर कालीचौरा पर महिलाओं ने कढ़ाही चढ़ाई।
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वहीं पूरे दिन सपेरे सांप लेकर नगर क्षेत्र में घूमते रहे। लोगों ने नागों का दर्शन कर दान दिया। वहीं बच्चों के साथ युवा और महिलाओं ने झूले का आनंद लिया। रानी की सराय: क्षेत्र के अवंतिकापुरी धाम, काशीदास मंदिर सहित अन्य शिवमंदिरों पर सुबह से पूजन-अर्चन को भक्तों का तांता लगा रहा। मेजवां: नागपंचमी का पर्व क्षेत्र में आस्था और श्रद्धा के साथ मनाया गया। वहीं मुंडियार स्थित मुंडेश्वर नाथ मंदिर, शंकर तिराहा, मकसुदिया में झारखंड मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। पौराणिक स्थल दुर्वाषा में मेले जैसा दृश्य था। इसी क्रम में बिलारमऊ, माहुल, दीदारगंज, गोधना, मैगना, पुष्पनगर, कनेरी, खुरासों, गहनी जगदीशपुर, पुराधन्नी आदि स्थानों पर नागपंचमी का पर्व उल्लास के साथ मना।
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निजामाबाद: दत्ताश्रेय धाम, महादेवघाट पातालपुरी, फरहाबाद स्थित पुराना शिवमंदिर, शिवाला घाट आदि स्थानों पर सुबह से ही भगवान शिव के पूजन को भक्तों का तांता लगा था। इस दौरान लगे हर-हर महादेव के जयकारें से क्षेत्र गूंज उठा। बिंद्राबाजार: रानीपुर रजमों स्थित मां अगवानी के मंदिर पर नागपंचमी के अवसर शिवलिंग पर भक्तों ने दूध चढा़ कर पूजन-अर्चन के बाद महिलाओं ने कढ़ाही चढ़ाई और लोगों को प्रसाद बांटा। मां के स्थान पर जिले के अलावा अन्य जिलों से भक्त आए थे। पवई: क्षेत्र में नागपंचमी धूमधाम से मनाई गई।