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महिला अस्पताल के स्टैंड से हटवाई गई गाड़ियां
अमर उजाला ब्यूरो/आजमगढ
Updated Sun, 31 Jul 2016 11:49 PM IST
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स्टैंड से हटवाई गई गाड़ियां
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जिला महिला अस्पताल परिसर में बने स्टैंड में महीनों से खड़ी लोगों की गाड़ियां रविवार को एसपी ट्रैफिक के नेतृत्व में हटवा दी गईं। ट्रैफिक पुलिस के जवानों ने सभी वाहनों को क्रेन से लाकर कोतवाली परिसर में खड़ा करवा दिया। देर शाम तक कोई व्यक्ति गाड़ी लेने के लिए नहीं पहुंचा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कागजात दिखाने के बाद गाड़ी मालिकों से जुर्माना वसूला जाएगा। इसके अलावा, शहर कोतवाल और ट्रैफिक प्रभारी की ड्यूटी लगाई गई है कि अब यहां कोई जबरन अपनी गाड़ी इस स्टैंड में खड़ी न कर सके।
बता दें कि शहर कोतवाली से महज सौ मीटर दूर मातबरगंज मुहल्ले में जिला महिला अस्पताल स्थित है। महिलाओं के इलाज के लिए जिले का इकलौता अस्पताल होने की वजह से यहां दिन और रात हमेशा मरीजों की भीड़ लगी रहती है। प्रसव के दौरान या प्रसव के बाद अस्पताल में तीरामदारों की भीड़ ज्यादा रहती है।
खासतौर से किशोरी, युवती और महिलाएं अधिक आती हैं। ऐसे में अक्सर छेडख़ानी, फबि्तयां कसने आदि के मामले भी आए दिन हो रहे थे। अस्पताल में आने वाले मरीजों के वाहन खड़ा करने के लिए मुख्य गेट के बगल में ही स्टैंड बनाया गया है। इसमें डाक्टर और मरीजों के साथ आने वालों के वाहन खड़ा करना है लेकिन कुछ स्थानीय लोग अपने वाहन कार, जीप, आटोरिक्शा आदि इसी स्टैंड में खड़ा किए हुए थे।
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डाक्टर और कर्मचारियों के विरोध करने पर वे लोग मारपीट करने पर अमादा हो जाते थे। स्टैंड से वाहन हटाने के लिए कई बार सीएमएस ने डीएम, एसपी सहित अन्य को पक्ष लिखा लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। 11 जुलाई के अंक में अमर उजाला ने इस समस्या को प्रमुखता से उठाया। जिसको संज्ञान में लेते हुए एसपी अजय कुमार साहनी ने एसपी ट्रैफिक एच रहमान को निर्देश दिया। रविवार को एसपी ट्रैफिक पुलिस और विभाग के जवानों संग पहुंचे और क्रेन से सभी वाहनों को खिंचवाकर कोतवाली परिसर में खड़ा करवा दिया।
आधा दर्जन से अधिक गाड़ियां यहां महीनों से पड़ी थीं। सभी गाड़ियों को कोतवाली परिसर में रखा गया है। शाम तक एक भी गाड़ी के वाहन स्वामी नहीं पहुंचे थे। कोतवाल को निर्देश दिया गया है कि कागजात देखने के बाद जुर्माना भरकर गाड़ी छोड़ी जाएगी। स्टैंड में दोबारा कोई गलत तरीके से वाहन न खड़ा करें। इसके लिए शहर कोतवाल और यातायात उपनिरीक्षक को निर्देश दिया गया है। - एच रहमान, पुलिस अधीक्षक, यातायात
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बता दें कि शहर कोतवाली से महज सौ मीटर दूर मातबरगंज मुहल्ले में जिला महिला अस्पताल स्थित है। महिलाओं के इलाज के लिए जिले का इकलौता अस्पताल होने की वजह से यहां दिन और रात हमेशा मरीजों की भीड़ लगी रहती है। प्रसव के दौरान या प्रसव के बाद अस्पताल में तीरामदारों की भीड़ ज्यादा रहती है।
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खासतौर से किशोरी, युवती और महिलाएं अधिक आती हैं। ऐसे में अक्सर छेडख़ानी, फबि्तयां कसने आदि के मामले भी आए दिन हो रहे थे। अस्पताल में आने वाले मरीजों के वाहन खड़ा करने के लिए मुख्य गेट के बगल में ही स्टैंड बनाया गया है। इसमें डाक्टर और मरीजों के साथ आने वालों के वाहन खड़ा करना है लेकिन कुछ स्थानीय लोग अपने वाहन कार, जीप, आटोरिक्शा आदि इसी स्टैंड में खड़ा किए हुए थे।
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डाक्टर और कर्मचारियों के विरोध करने पर वे लोग मारपीट करने पर अमादा हो जाते थे। स्टैंड से वाहन हटाने के लिए कई बार सीएमएस ने डीएम, एसपी सहित अन्य को पक्ष लिखा लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। 11 जुलाई के अंक में अमर उजाला ने इस समस्या को प्रमुखता से उठाया। जिसको संज्ञान में लेते हुए एसपी अजय कुमार साहनी ने एसपी ट्रैफिक एच रहमान को निर्देश दिया। रविवार को एसपी ट्रैफिक पुलिस और विभाग के जवानों संग पहुंचे और क्रेन से सभी वाहनों को खिंचवाकर कोतवाली परिसर में खड़ा करवा दिया।
आधा दर्जन से अधिक गाड़ियां यहां महीनों से पड़ी थीं। सभी गाड़ियों को कोतवाली परिसर में रखा गया है। शाम तक एक भी गाड़ी के वाहन स्वामी नहीं पहुंचे थे। कोतवाल को निर्देश दिया गया है कि कागजात देखने के बाद जुर्माना भरकर गाड़ी छोड़ी जाएगी। स्टैंड में दोबारा कोई गलत तरीके से वाहन न खड़ा करें। इसके लिए शहर कोतवाल और यातायात उपनिरीक्षक को निर्देश दिया गया है। - एच रहमान, पुलिस अधीक्षक, यातायात