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शराब के खिलाफ सड़क पर उतरीं महिलाएं
azamgarh
Updated Mon, 10 Jul 2017 11:55 PM IST
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नगर पंचायत अजमतगढ़ में शराबबंदी को लेकर प्रदर्शन करतीं महिलाएं।
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जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के नगर पंचायत अजमतगढ़ में जहरीली शराब पीने से हुई छह लोगों की मौत से कस्बे में सन्नाटा पसरा हुआ है। शुक्रवार से महिलाओं की सिसकियां और पुलिस के गाड़ी का सायरन ही सुनाई दे रहा था। सोमवार को कस्बे की महिलाएं घरों से बाहर निकलीं और इस सन्नाटे को चीरते हुए अजमतगढ़ में पूरी तरह से शराब के बंदी की आवाज बुलंद की। लाठियों के साथ चेतावनी दी कि यदि समय रहते शराब पूरी तरह से बंद नहीं हुई तो इसका अंजाम बुरा होगा। महिलाएं आंदोलन के लिए बाध्य हो जाएंगी।
नगर पंचायत अजमतगढ़ में अधैध शराब के साथ शराब की पूर्ण बंदी के लिए महिलाएं मुखर हो गई हैं। और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को महिलाएं प्रदर्शन कर विरोध जताते हुए कहा कि शराब हर हाल में बंद होना चाहिए। अगर शराब की बंदी नहीं की गई तो हम लोग लाठी डंडा लेकर प्रदर्शन कर तोड़-फोड़ करेंगी। इनका कहना था कि मृतक परिवार को मुआवजा मिलना चाहिए। अब गरीब परिवार के बच्चों और आश्रितों का गुजर-बसर कैसे होगा।
पुलिस द्वारा भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। बता दें कि नगरपंचायत अजमतगढ़ में जहरीली शराब पीने से छह लोगों की मौत हो गई। इसमें फूलचंद सैनी, रामनयन गोड़, मोती धरिकार, विनोद शर्मा, रवि साहनी, बद्री राजभर का नाम शामिल है। कस्बे के एक साथ इतने लोगों की मौत से हड़कंप मचा हुआ है। बेसहारा हुए परिवार की दशा देखने के बाद सोमवार को महिलाएं आगे आई और शराब बंदी की आवाज बुलंद की।इस अवसर पर चंपा देवी, बिंदू, चिरई, चंद्रावती, गायत्री, मनौती, सुंदरी, कालिका, लीला, आरती आदि मौजूद रही।
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स्कूल और मंदिर के पास से हटाया जाए ठेका ः सगड़ी तहसील क्षेत्र में जहरीली शराब से 27 लोगों की मौत के बाद लोग शराब के विरोध में सड़क पर उतरने लगे हैं। सोमवार को अहरौला ब्लॉक के बस्ती भुजबल में स्कूल और मंदिर के सामने से शराब की दूकान हटाने की मांग लेकर ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। लोगों ने जमकर नारेबाजी की। मांग पूरी न होने पर वृहद आंदोलन की चेतावनी दी।
बता दें कि जिले के सगड़ी तहसील क्षेत्र में बीते तीन दिनों में जहरीली शराब पीने से लगभग 27 लोग अपनी जान गवां चुके हैं। वहीं कई की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और लोग अपना इलाज अलग-अलग अस्पताल में करा रहे हैं। उधर, दो दर्जन से अधिक लोगों की मौत के बाद लोग शराब बिक्री के विरोध में सड़क पर उतरने लगे हैं। इस क्रम में बस्ती भुजबल में स्कूल और शिवमंदिर से 50 मीटर की दूरी पर स्थित शराब की दूकान बंद कराने को लेकन ग्रामीण सोमवार की सुबह नौ बजे शिवमंदिर के पुजारी ज्ञानदास के नेतृत्व में प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों का कहना था कि कई बार शराब की दूकान को हटाने की मांग को लेकर लिखित और मौखिक रूप से शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। वहीं कुछ अराजकतत्वों ने प्राथमिक स्कूल का दरवाजा तोड़कर अंदर बैठ शराब पीते हैं। मना करने पर अभद्रता करते हैं। यही हाल मंदिर का है। पुजारी ने कहा कि मना करने पर अराजक तत्व दुर्व्यवहार करने के साथ मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। साथ ही इधर से गुजरने वाली महिलाओं से अभद्रता करते हैं। इस अवसर पर प्राथमिक स्कूल बस्ती भुजबल की प्रधानाध्यापिका सरोज यादव, लक्ष्मी चौबे, महंथ ज्ञान दास, अजय सिंह, मुक्ता यादव, गीता देवी, प्रियंका, पूर्व प्रधान काली चरन, अंगद शर्मा, रत्नेश चौबे, अमित यादव, इंदू, कौशल्या, इंद्रासनी, आरती, सुमन, हरिहर निषाद, कृष्ण मोहन तिवारी, बृजेश चौबे आदि मौजूद रहे।
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नगर पंचायत अजमतगढ़ में अधैध शराब के साथ शराब की पूर्ण बंदी के लिए महिलाएं मुखर हो गई हैं। और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को महिलाएं प्रदर्शन कर विरोध जताते हुए कहा कि शराब हर हाल में बंद होना चाहिए। अगर शराब की बंदी नहीं की गई तो हम लोग लाठी डंडा लेकर प्रदर्शन कर तोड़-फोड़ करेंगी। इनका कहना था कि मृतक परिवार को मुआवजा मिलना चाहिए। अब गरीब परिवार के बच्चों और आश्रितों का गुजर-बसर कैसे होगा।
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पुलिस द्वारा भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। बता दें कि नगरपंचायत अजमतगढ़ में जहरीली शराब पीने से छह लोगों की मौत हो गई। इसमें फूलचंद सैनी, रामनयन गोड़, मोती धरिकार, विनोद शर्मा, रवि साहनी, बद्री राजभर का नाम शामिल है। कस्बे के एक साथ इतने लोगों की मौत से हड़कंप मचा हुआ है। बेसहारा हुए परिवार की दशा देखने के बाद सोमवार को महिलाएं आगे आई और शराब बंदी की आवाज बुलंद की।इस अवसर पर चंपा देवी, बिंदू, चिरई, चंद्रावती, गायत्री, मनौती, सुंदरी, कालिका, लीला, आरती आदि मौजूद रही।
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स्कूल और मंदिर के पास से हटाया जाए ठेका ः सगड़ी तहसील क्षेत्र में जहरीली शराब से 27 लोगों की मौत के बाद लोग शराब के विरोध में सड़क पर उतरने लगे हैं। सोमवार को अहरौला ब्लॉक के बस्ती भुजबल में स्कूल और मंदिर के सामने से शराब की दूकान हटाने की मांग लेकर ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। लोगों ने जमकर नारेबाजी की। मांग पूरी न होने पर वृहद आंदोलन की चेतावनी दी।
बता दें कि जिले के सगड़ी तहसील क्षेत्र में बीते तीन दिनों में जहरीली शराब पीने से लगभग 27 लोग अपनी जान गवां चुके हैं। वहीं कई की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और लोग अपना इलाज अलग-अलग अस्पताल में करा रहे हैं। उधर, दो दर्जन से अधिक लोगों की मौत के बाद लोग शराब बिक्री के विरोध में सड़क पर उतरने लगे हैं। इस क्रम में बस्ती भुजबल में स्कूल और शिवमंदिर से 50 मीटर की दूरी पर स्थित शराब की दूकान बंद कराने को लेकन ग्रामीण सोमवार की सुबह नौ बजे शिवमंदिर के पुजारी ज्ञानदास के नेतृत्व में प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों का कहना था कि कई बार शराब की दूकान को हटाने की मांग को लेकर लिखित और मौखिक रूप से शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। वहीं कुछ अराजकतत्वों ने प्राथमिक स्कूल का दरवाजा तोड़कर अंदर बैठ शराब पीते हैं। मना करने पर अभद्रता करते हैं। यही हाल मंदिर का है। पुजारी ने कहा कि मना करने पर अराजक तत्व दुर्व्यवहार करने के साथ मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। साथ ही इधर से गुजरने वाली महिलाओं से अभद्रता करते हैं। इस अवसर पर प्राथमिक स्कूल बस्ती भुजबल की प्रधानाध्यापिका सरोज यादव, लक्ष्मी चौबे, महंथ ज्ञान दास, अजय सिंह, मुक्ता यादव, गीता देवी, प्रियंका, पूर्व प्रधान काली चरन, अंगद शर्मा, रत्नेश चौबे, अमित यादव, इंदू, कौशल्या, इंद्रासनी, आरती, सुमन, हरिहर निषाद, कृष्ण मोहन तिवारी, बृजेश चौबे आदि मौजूद रहे।