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Azamgarh News: महिलाओं और बच्चों ने गरबा-डांडिया में लिया हिस्सा
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बरनवाल महिला समिति की ओर से सरायमीर में आयोजित डांडिया महोत्सव में शामिल महिलाएं। स्रोत-आयोजक
श्री बरनवाल महिला समिति की ओर से रैदोपुर स्थित एक होटल में छठवां डांडिया उत्सव आयोजित किया गया। इसमें महिलाओं और बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर समां बांधा। ग्रुप और एकल नृत्य के साथ भजनों की प्रस्तुति हुई।
महिलाओं ने गरबा-डांडिया और विभिन्न खेलों में हिस्सा लेकर उत्सव का आनंद लिया। आयोजन का उद्देश्य महिलाओं के बीच आपसी प्रेम, सौहार्द और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ देवी मां के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित करने और गणेश वंदना के साथ हुआ। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत हुई। पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने डांडिया नृत्य प्रस्तुत किया।
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बच्चों ने भी अपनी प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं पूनम बरनवाल ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज की महिलाओं और सखी-सहेलियों को एक मंच पर जोड़ने तथा आपसी मेल-मिलाप बढ़ाने का माध्यम हैं।
उन्होंने मां रानी के आदर्शों का स्मरण करते हुए कहा कि जिस प्रकार माता रानी ने असुरों का संहार कर धर्म और सत्य की स्थापना की, उसी तरह सभी को अपने भीतर की बुराइयों को दूर कर प्रेम और सत्य के मार्ग पर चलना चाहिए।
उत्सव में सुमन बरनवाल, सारिका बरनवाल, प्रियवन्दिता, प्रतिमा, अंजू बरनवाल, सुनीति बरनवाल, रागिनी बरनवाल, नीलम बरनवाल, प्रिया बरनवाल, स्वाति बरनवाल और डॉ. नेहा सहित समिति की अन्य सदस्य मौजूद रहीं।
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महिलाओं ने गरबा-डांडिया और विभिन्न खेलों में हिस्सा लेकर उत्सव का आनंद लिया। आयोजन का उद्देश्य महिलाओं के बीच आपसी प्रेम, सौहार्द और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना रहा।
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कार्यक्रम का शुभारंभ देवी मां के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित करने और गणेश वंदना के साथ हुआ। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत हुई। पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने डांडिया नृत्य प्रस्तुत किया।
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बच्चों ने भी अपनी प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं पूनम बरनवाल ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज की महिलाओं और सखी-सहेलियों को एक मंच पर जोड़ने तथा आपसी मेल-मिलाप बढ़ाने का माध्यम हैं।
उन्होंने मां रानी के आदर्शों का स्मरण करते हुए कहा कि जिस प्रकार माता रानी ने असुरों का संहार कर धर्म और सत्य की स्थापना की, उसी तरह सभी को अपने भीतर की बुराइयों को दूर कर प्रेम और सत्य के मार्ग पर चलना चाहिए।
उत्सव में सुमन बरनवाल, सारिका बरनवाल, प्रियवन्दिता, प्रतिमा, अंजू बरनवाल, सुनीति बरनवाल, रागिनी बरनवाल, नीलम बरनवाल, प्रिया बरनवाल, स्वाति बरनवाल और डॉ. नेहा सहित समिति की अन्य सदस्य मौजूद रहीं।