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Azamgarh News: जापानी बुखार से महिला की मौत, बड़ागांव पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम

Sat, 15 Aug 2026 01:29 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 15 Aug 2026 01:29 AM IST
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Woman dies of Japanese encephalitis; Health Department team reaches Baragaon.
निजामाबाद तहसील क्षेत्र के बड़ागांव में जापानी बुखार से शकुंतला देवी (55) की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। नागेंद्र मिश्र की पत्नी शकुंतला देवी की 11 अगस्त को लखनऊ के एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हुई थी।
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महिला की मौत के बाद परिजन शव लेकर बड़ागांव आए और दाह संस्कार आदि किया। इसकी सूचना मिलने के बाद शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची और टीकाकरण, दवा का छिड़काव और फॉगिंग कराई।
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डीएमओ संजीव कुमार सिंह के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे बड़ागांव पहुंची। टीम ने गांव में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और ग्रामीणों से बीमारी के संबंध में जानकारी ली।
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स्वास्थ्य कर्मियों ने लोगों को जापानी बुखार से बचाव के उपायों की जानकारी देते हुए मच्छरों से बचाव और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की अपील की। लोगों को इस बीमारी के लक्षण और बचाव के बारे में बताया गया।
ब्लॉक रानी सराय के चिकित्सा अधिकारी डॉ. कैप्टन मनीष कुमार त्रिपाठी ने बताया कि एहतियात के तौर पर गांव में छिड़काव कराया गया है। मृतक के घर के अगल-बगल के घरों के लोगों का टीकाकरण कराया गया है।
विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है। इस दौरान एएमओ राधेश्याम यादव, एसएमआई विजेंद्र पांडेय, चिकित्सा प्रभारी रानी की सराय डॉ. कैप्टन मनीष कुमार त्रिपाठी, अमर बहादुर सिंह, ममता प्रजापति, अर्चना आदि स्वास्थ्य कर्मचारी मौजूद रहे।
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बच्चों का कराया टीकाकरण, गांव में हुई फॉगिंग
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में बच्चों का टीकाकरण भी कराया। इसके साथ ही बीमारी के संभावित प्रसार को रोकने के लिए दवा का छिड़काव और फॉगिंग कराई गई। ग्रामीणों को घरों के आसपास साफ-सफाई रखने और कहीं भी पानी जमा न होने देने की सलाह दी गई। स्वास्थ्य कर्मियों ने कहा कि बीमारी के संदिग्ध लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। टीम ने ग्रामीणों से बातचीत कर बीमारी से संबंधित आवश्यक जानकारी जुटाई और विभाग की ओर से किए जा रहे बचाव कार्यों के बारे में बताया। स्वास्थ्य विभाग की टीम के पहुंचने के बाद गांव में स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियां तेज हो गईं।

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ये है जापानी बुखार
डॉ. कैप्टन मनीष कुमार त्रिपाठी ने बताया कि जापानी बुखार (जिसे जापानी एन्सेफलाइटिस या दिमागी बुखार भी कहते हैं) फ्लेविविरस के कारण होने वाला एक गंभीर वायरल संक्रमण है। यह संक्रमित क्यूलेक्स मच्छरों के काटने से फैलता है, जो मुख्य रूप से ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों, विशेषकर धान के खेतों के पास पाए जाते हैं। यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता है।
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लक्षण : तेज बुखार, सिरदर्द, गर्दन में अकड़न, ठंड लगना और कंपकंपी, मानसिक भ्रम, कमजोरी या बेहोशी।
बचाव : जापानी एन्सेफलाइटिस से बचाव के लिए सुरक्षित और असरदार टीका उपलब्ध है।
मच्छर से सुरक्षा : पूरी बांह के कपड़े पहनें और मच्छर भगाने वाली क्रीम का प्रयोग करें, आसपास सफाई रखें और घरों के पास पानी जमा न होने दें।
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