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मौसम में बदलाव के साथ मरीजों की संख्या में हुआ इजाफा

Wed, 22 Dec 2021 11:24 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 22 Dec 2021 11:24 PM IST
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With the change in the weather, the number of patients increased
शहर स्थित जिला अस्पताल में सर्दी बढ़ने के साथ ही मरीजों की संख्या में भी इजाफा होने लगा है। जहां रोजाना करीब 1000 से 1200 मरीज आ रहे थे, वहीं अब मरीजों की संख्या 1200 से बढ़कर 1400 के करीब हो गई है। इसमें सर्दी लगने से होने वाली बीमारियों के मरीजों की संख्या ज्यादा है, इसके अलावा जुकाम, खांसी और निमोनिया के मरीजों की संख्या बढ़ी है।
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अचानक ठंड बढ़ने से ज्यादातर लोग सर्दी, जुखाम से प्रभावित हो रहे हैं। बालरोग विशेषज्ञ डा. अजीजी ने बताया कि ठंड से छोटे बच्चों को बचाने की आवश्यकता है, क्योंकि ठंड लगने से बच्चों में जल्द निमोनिया का असर हो जाता है। इसके अलावा ठंड लगने से दस्त की शिकायत होती है। फिजीशियन डा. एके मिश्रा का कहना है कि 60 प्रतिशत मरीज सर्दी से होने वाली बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। इस ठंड से बुर्जुगों को बचाने की जरूरत है, इसके अलावा सुगर और कार्डिक मरीजों को सावधान रहना चाहिए। इन मरीजों को बिना वजह इस मौसम में बाहर नहीं निकलना चाहिए। पिछले चार से पांच दिन से सुबह शाम ठंडक में तेजी आ गई है। ऐसे में मौसम के उतार-चढ़ाव के चलते और लापरवाही के कारण लोग कई बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। मरीजों को सर्दी की चपेट में आने पर अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है। एसआईसी डा. एके सिंह ने बताया कि मौसम के अनुसार मरीजों की संख्या बढ़ी है। बच्चों व बुर्जुगों के बुखार को लेकर सतर्कता बरतने की जरूरत है। बीमारी से ग्रसित होने पर इधर-उधर न भटके, सीधे सरकारी अस्पताल में आएं और इलाज कराएं। किसी मेडिकल स्टोर से दवा लेकर खाने से बीमारी बढ़ सकती है।
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वरिष्ठ फिजिशियन डा. एके मिश्रा की मानें तो सर्दी के मौसम में लगभग 33 प्रतिशत लोगों का ब्लडप्रेशर बढ़ जाता है क्योंकि ठंड की वजह से धमनियां सिकुड़ जाती हैं और उनकी सक्रियता कम हो जाती है। सर्द मौसम में हमारी अंत:स्रावी ग्रंथियों से कुछ ऐसे हार्मोंस निकलते हैं, जो शरीर को ठंडक से लड़ने के काबिल बनाते हैं, लेकिन इससे शरीर का मेटाबॉलिक रेट बढ़ जाता है। धमनियों पर ख़ून के बहाव का अधिक दबाव पड़ता है। इसी वजह से सर्दियों में लोगों का ब्लडप्रेशर बढ़ जाता है।इसलिए हाई बीपी के मरीजों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
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डा. एके मिश्रा ने बताया कि जब बहुत ज्यादा ठंड हो तो मॉर्निंग वॉक के लिए बाहर न निकलें। इस मौसम में 15 मिनट से ज्यादा एक्सरसाइज न करें। अगर ब्लडप्रेशर ज्यादा हो तो डॉक्टर की सलाह के बिना कोई एक्सरसाइज न करें। सुबह की सैर या व्यायाम के तुरंत बाद चाय-कॉफी का सेवन न करें। प्रतिदिन कम से कम आधे घंटे तक धूप में जरूर बैठें। क्योंकि सूर्य की किरणों में मौजूद विटमिन डी ब्लडप्रेशर को संतुलित रखने में मददगार होता है। इस मौसम में अक्सर पार्टियों और पिकनिक का दौर चलता है। इससे कई बार ओवरईटिंग हो जाती है, जो ब्लडप्रेशर बढ़ा देती है। इसलिए जहां तक संभव हो सादा और संतुलित खानपान अपनाएं।

बाल रोग विशेषज्ञ डा. अजीजी ने कहा कि ठंडे मौसम में बच्चों का अधिक ध्यान रखें। गर्म व फुल बांह के कपड़े पहनाएं। उन्हें ठंडा पानी या अन्य पेय पदार्थ देने से बचें। मास्क लगाकर रखें और सामाजिक दूरी का पालन अवश्य करें। बच्चों के साथ लापरवाही बरतने पर वह बुखार के साथ निमोनिया का भी शिकार हो सकते हैं।
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