{"_id":"633348ef0e950c6ebd588913","slug":"will-give-life-but-will-not-give-his-land-azamgarh-news-vns6762996193","type":"story","status":"publish","title_hn":"जान दे देंगे पर नहीं देंगे अपनी जमीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जान दे देंगे पर नहीं देंगे अपनी जमीन
विज्ञापन
कप्तानगंज। मंदुरी हवाई अड्डे के विस्तारीकरण किया जा रहा है। इसके लिए हवाई अड्डे से सटे गदनपुर इच्छनपट्टी गांव में मंगलवार को सर्वे करने के लिए एसडीएम व सीओ पहुंचे। ग्रामीणों ने सर्वे का विरोध कर दिया। ग्रामीणों ने कहा कि जान दे देंगे, जमीन नहीं देंगे। एसडीएम 80 प्रतिशत किसानों की सहमति के बाद ही सर्वे करने की बात कहते हुए टीम के साथ लौट गए।
मंदूरी हवाई पट्टी को भाजपा सरकार में हवाईअड्डा के रूप में तब्दील कर दिया गया है। अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाने के लिए इसका विस्तारीकरण किया जाना है। विस्तारीकरण की जद में आसपास के कई गांव पूरी तरह से आ रहे हैं। वहीं कंधरापुर थाना, प्राथमिक विद्यालय, स्वास्थ्य केंद्र व जूनियर विद्यालय भी जद में हैं।
खेती की जमीन के साथ ही गदनपुर इच्छनपट्टी गांव का अस्तित्व ही इस विस्तारीकरण के चलते समाप्त हो जाएगा। इसलिए विस्तारीकरण का गांव के लोग विरोध कर रहे हैं। मंगलवार को एसडीएम राजीव रतन सिंह सीओ सगड़ी व भारी संख्या में पुलिस बल के साथ गदनपुर इच्छनपट्टी गांव में सर्वे के लिए पहुंचे।
विज्ञापन
इस दौरान अधिकारियों की ग्रामीणों से जमकर नोकझोंक भी हुई। ग्रामीणों ने कहा कि किसी भी तरह की जोर जबरदस्ती को हम बर्दास्त नहीं करेंगे। मौके पर गदनपुर इच्छनपट्टी गांव के अलावा कंधरापुर, सौरा, सती, मधुबन, बल्देवमंदूरी, कुंआ देवचंद पट्टी आदि गांवों के लोग मौजूद थे। लोगों के आक्रोश को देखते हुए टीम ने सर्वे नहीं किया।
एसडीएम राजीव रतन सिंह ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि 80 प्रतिशत ग्रामीणों की सहमति के बाद ही सर्वे का कार्य शुरू कराया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि सर्किल रेट का चौगुना मुआवजा ग्रामीणों को दिया जाएगा। इस दौरान ग्राम प्रधान विजय कुमार, रामचंद्र प्रजापति समेत सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
विज्ञापन
मंदूरी हवाई पट्टी को भाजपा सरकार में हवाईअड्डा के रूप में तब्दील कर दिया गया है। अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाने के लिए इसका विस्तारीकरण किया जाना है। विस्तारीकरण की जद में आसपास के कई गांव पूरी तरह से आ रहे हैं। वहीं कंधरापुर थाना, प्राथमिक विद्यालय, स्वास्थ्य केंद्र व जूनियर विद्यालय भी जद में हैं।
विज्ञापन
खेती की जमीन के साथ ही गदनपुर इच्छनपट्टी गांव का अस्तित्व ही इस विस्तारीकरण के चलते समाप्त हो जाएगा। इसलिए विस्तारीकरण का गांव के लोग विरोध कर रहे हैं। मंगलवार को एसडीएम राजीव रतन सिंह सीओ सगड़ी व भारी संख्या में पुलिस बल के साथ गदनपुर इच्छनपट्टी गांव में सर्वे के लिए पहुंचे।
विज्ञापन
इस दौरान अधिकारियों की ग्रामीणों से जमकर नोकझोंक भी हुई। ग्रामीणों ने कहा कि किसी भी तरह की जोर जबरदस्ती को हम बर्दास्त नहीं करेंगे। मौके पर गदनपुर इच्छनपट्टी गांव के अलावा कंधरापुर, सौरा, सती, मधुबन, बल्देवमंदूरी, कुंआ देवचंद पट्टी आदि गांवों के लोग मौजूद थे। लोगों के आक्रोश को देखते हुए टीम ने सर्वे नहीं किया।
एसडीएम राजीव रतन सिंह ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि 80 प्रतिशत ग्रामीणों की सहमति के बाद ही सर्वे का कार्य शुरू कराया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि सर्किल रेट का चौगुना मुआवजा ग्रामीणों को दिया जाएगा। इस दौरान ग्राम प्रधान विजय कुमार, रामचंद्र प्रजापति समेत सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।