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कब आएगा नहर में पानी
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Thu, 12 May 2016 11:43 PM IST
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शारदा सहायक खंड-32 में पिछले तीन माह से पानी नहीं आया। नहर पूरी तरह से सूखी है। सिंचाई के अभाव में किसानों के गन्ने और चारे की फसल सूख रही है। वहीं नहर में पानी न होने से पशु-पक्षी भी बेहाल हैं। किसानों का कहना है कि पानी समय से आ जाता तो फसल अच्छी होती और उनकी आमदनी बढ़ती।
पानी छोडऩे की मांग करने पर संबंधित विभाग आश्वासन तो देता है लेकिन पानी नहीं छोड़ा जाता है। इसको लेकर नाराज किसानों ने जिलाधिकारी सहित विभाग के उच्चाधिकारियों से नहर में पानी छोड़ने की मांग की है।
सगड़ी तहसील क्षेत्र से होकर गुजरी शारदा सहायक खंड-32 से रामगढ़, बांसगांव, गडौरा मझौरा, कुदारन तिवारी, मनिका डीह, चकलालचंद, गडेरुआ, खाड़, आसपुर, दानशनिचरा, सरगहासागर, पुरा नारायन, बीबीपुर, बरोही फतेहपुर, बर्नापुर समेत कई गांवों के किसान इस नहर से फसलों की सिंचाई करते हैं। नहर में अभी तक पानी नहीं आया है। किसान नहर की तरफ टकटकी लगाए बैठे हैं कि आखिर कब पानी छोड़ा जाएगा।
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यह नहर सूख गई है और तीन माह से धूल उड़ रही है। पानी न आने से किसान गन्ना, हरी सब्जी, मक्का, ढैंचा आदि की बुआई नहीं कर पाए हैं। वर्तमान में किसानों के खेत खाली पड़े हैं। किसान विभाग को कोस रहे हैं कि यदि समय से पानी मिल जाता तो धान की फसल बोने के समय तक उक्त फसलों से कुछ लाभ मिल जाता।
जो किसान संपन्न है, वे प्राइवेट नलकूपों से खेतों की सिंचाई कर ले रहे हैं लेकिन गरीब किसान नहर के भरोसे हैं। नहर में पानी न होने की शिकायत की सुनवाई नहीं हो रही है। - श्रीप्रकाश मौर्य
गर्मी में खेतों में हर तीसरे दिन सिंचाई की आवश्यकता पड़ती है। नहर से सिंचाई हो या न हो विभाग के लोग वसूली को पहुंच जाते हैं। तीन महीने से नहर में पानी नहीं आया। - मुकेश राय
जब जरूरत होती है तो पानी नहीं नहीं छोड़ा जाता है। सरकार किसान हित में कार्य करने का दावा तो करती है लेकिन हर साल यही दशा रहती है। इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। - कैलाश राय
सिंचाई के अभाव में गन्ने, चारे की फसल सूख रही है। जल्द पानी नहीं आया तो गन्ने की फसल बर्बाद हो जाएगी। - मु. शाहेदीन
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पानी छोडऩे की मांग करने पर संबंधित विभाग आश्वासन तो देता है लेकिन पानी नहीं छोड़ा जाता है। इसको लेकर नाराज किसानों ने जिलाधिकारी सहित विभाग के उच्चाधिकारियों से नहर में पानी छोड़ने की मांग की है।
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सगड़ी तहसील क्षेत्र से होकर गुजरी शारदा सहायक खंड-32 से रामगढ़, बांसगांव, गडौरा मझौरा, कुदारन तिवारी, मनिका डीह, चकलालचंद, गडेरुआ, खाड़, आसपुर, दानशनिचरा, सरगहासागर, पुरा नारायन, बीबीपुर, बरोही फतेहपुर, बर्नापुर समेत कई गांवों के किसान इस नहर से फसलों की सिंचाई करते हैं। नहर में अभी तक पानी नहीं आया है। किसान नहर की तरफ टकटकी लगाए बैठे हैं कि आखिर कब पानी छोड़ा जाएगा।
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यह नहर सूख गई है और तीन माह से धूल उड़ रही है। पानी न आने से किसान गन्ना, हरी सब्जी, मक्का, ढैंचा आदि की बुआई नहीं कर पाए हैं। वर्तमान में किसानों के खेत खाली पड़े हैं। किसान विभाग को कोस रहे हैं कि यदि समय से पानी मिल जाता तो धान की फसल बोने के समय तक उक्त फसलों से कुछ लाभ मिल जाता।
जो किसान संपन्न है, वे प्राइवेट नलकूपों से खेतों की सिंचाई कर ले रहे हैं लेकिन गरीब किसान नहर के भरोसे हैं। नहर में पानी न होने की शिकायत की सुनवाई नहीं हो रही है। - श्रीप्रकाश मौर्य
गर्मी में खेतों में हर तीसरे दिन सिंचाई की आवश्यकता पड़ती है। नहर से सिंचाई हो या न हो विभाग के लोग वसूली को पहुंच जाते हैं। तीन महीने से नहर में पानी नहीं आया। - मुकेश राय
जब जरूरत होती है तो पानी नहीं नहीं छोड़ा जाता है। सरकार किसान हित में कार्य करने का दावा तो करती है लेकिन हर साल यही दशा रहती है। इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। - कैलाश राय
सिंचाई के अभाव में गन्ने, चारे की फसल सूख रही है। जल्द पानी नहीं आया तो गन्ने की फसल बर्बाद हो जाएगी। - मु. शाहेदीन