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साहब चाहे जो करें, किसानों पर तो केस होगा

Mon, 30 Aug 2021 10:50 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 30 Aug 2021 10:50 PM IST
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Whatever you do sir, there will be a case against the farmers.
किसान फसलों की सुरक्षा के लिए कटीले तार लगवाए तो उस पर पशु क्रूरता के तहत मुकदमा हो सकता है जबकि गो आश्रय स्थलों में पशुपालन विभाग को खुद ही कटीले तार लगवा रहा है।
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किसान छुट्टा पशुओं से परेशान है। बार-बार प्रशासन से गुहार लगा रहा है कि वह छुट्टा पशुओं पर नियंत्रण करे। फसलों की बरबादी से क्षुब्ध किसानों ने कई बार पशुओं को स्कूलों में बंद कर विरोध प्रदर्शन किया। इसके बावजूद जिले भर में छुट्टा पशुओं के झुंड घूम रहे हैं। गो आश्रय स्थलों पर उनके लिए जगह नहीं है। किसानों ने फसलों की सुरक्षा के लिए ब्लेड वाले कटीले तार लगवाने शुरू किए तो शासन ने उस पर प्रतिबंध लगा दिया। तर्क दिया गया कि इनमें फंस कर पशुओं की मौत हो जाती है। लिहाजा कटीले तार की बाड़ लगवाने वालों पर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा किया जाएगा।
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किसानों पर तो सरकार ने प्रतिबंध लगाया है और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी से मुकदमा कराने को कहा है लेकिन गो आश्रय स्थलों पर पशुपालन विभाग खुद ही कटीले तारों की बाड़ लगवा रहा है। पल्हना विकास खंड के मियांपुर बासदेवा गांव में एक करोड़ 20 लाख की लागत से बनी स्थायी गोशाला में 300 पशु हैं। गोशाला की चारदीवारी की जगह कटीले तार लगवाए गए हैं, जिसमें पशु फंसकर घायल हो रहे हैं।
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पल्हना के मियांपुर में बने स्थायी गोशाला में पशुओं की देखभाल करने के लिए सर्वोच्च नारायण गोरक्षा एवं समाज सेवा ट्रस्ट गाजीपुर नामक एनजीओ को सौंपा गया है। उन्हें कटीले तार हटाने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। -डा. वीरेंद्र, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी
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