{"_id":"5f4fd3d38ebc3e54685111ea","slug":"weavers-protest-against-keeping-the-powerloom-closed-azamgarh-news-vns544948958","type":"story","status":"publish","title_hn":"बुनकरों ने पावरलूम को बंद रख जताया विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बुनकरों ने पावरलूम को बंद रख जताया विरोध
विज्ञापन
जहानागंज में बिजली बिल को लेकर हड़ताल करते बुनकर।
- फोटो : AZAMGARH
अमिलो। लगातार आश्वासन देने के बावजूद भी सरकार की ओर से बिजली दर काफी महंगी करने के विरोध में बुनकरों की अनिश्चित कालीन हड़ताल बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रही। जहानागंज में मंगलवार से ही सभी पॉवरलूम और कारखाने पूरी तरह से बंद हैं। मुबारकपुर में पहले दिन बंद का खास असर दिखाई नहीं दिया था। बुधवार को दूसरे दिन मोहल्ला पूरा दीवान, पूरा दुल्हन और रसूलपुर आदि में अधिकतर पावरलूम बंद रहे। मोहल्ला पुरानी बस्ती और पुरारानी आदि क्षेत्रों में बंद का कोई प्रभाव दिखाई नहीं दिया।
मुबारकपुर बुनकर यूनियन के पदाधिकारी खैरुल बशर अंसारी, निहाल हाशिम और गुफरान अहमद ने बंदी में सक्रिय योगदान दिया। बुनकर सेवा समिति जहानागंज के अध्यक्ष शफीक अहमद की अध्यक्षता में कस्बे के बागीचे में बैठक कर सांकेतिक विरोध प्रकट किया गया। शफीक अहमद, मो. अजहर, खालिक अहमद ने कहा कि बुनकरों के लिए बिजली की दर प्रति पावरलूम के हिसाब से 71.50 रुपये प्रति महीना था। इसे समाप्त कर सरकार ने एक जनवरी 2020 को नए शासनादेश के जरिये मीटर यूनिट की व्यवस्था का एलान कर दिया है। इसके तहत बिजली दर अब प्रति पावर लूम करीब दो हजार रुपया प्रति महीना हो जाएगा। ये बुनकरों की एक महीने की पूरी आय का 50 फीसदी है। बुनकरों की इतनी कमाई हो ही नहीं पाती कि वो अपने परिवार के जीविकोपार्जन के साथ-साथ दो हजार बिजली बिल जमा कर सकें। बुनकरों के इसी संकट को देखते हुए उप्र बुनकर सभा ने एलान किया है कि फिलहाल सभी बुनकर अपना काम-धाम बंद करके कोविड-19 गाइड लाइन के अनुसार अपने अपने घरों में हड़ताल पर रहे। इस सिलसिले में सरकार से वार्ता चल रही है। पूर्व की बिजली व्यवस्था को बहाल कर दी गई तो पुन: अपना काम-धंधा प्रारंभ कर देंगे। अन्यथा संघर्ष को और गति देने के लिए बाध्य हो जाएंगे। इस मौके पर युनूस अंसारी, खलीक अहमद, नेसार अहमद, मो. अजहर, मो. सलमान, गुलाम नबी, नजर आलम, मौलाना आरिफ कमाल आदि उपस्थित थे ।
सपा ने बुनकरों की हड़ताल का किया समर्थन
सठियांव। सपा कार्यालय पर बुधवार को बैठक बुनकरों की समस्या को लेकर हुई। पूर्व जिलाध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि जब प्रधानमंत्री ने लालकिला से आपदा को अवसर में बदलने का एलान किया था और लोकतंत्र के लिए ओकल को आत्मनिर्भरता का सबसे बड़ा साधन बताया था तो पावरलूम चलाने वाले बुनकरों में अपने कारोबार को लेकर बड़ी उम्मीद जगी थी। सरकार ने फ्लेट रेट बिजली व्यवस्था को समाप्त कर मीटर रिडिंग सिस्टम लागू किया है। ये बुनकरों के साथ सरासर अन्याय हैं। सरकार की अदूरदर्शी नितियों के कारण देश के परम्परागत कुटीर उद्योग चौपट हो गए हैं। पावरलूम के कारोबार में देश की बड़ी आबादी के लोग लगे हैं। करोड़ों लोगों को रोजी-रोटी देने का काम यह उद्योग करता है। प्रदेश की सरकार को इस पर ध्यान देना होगा। समाजवादी पार्टी पावरलूम बुनकरों के हड़ताल का पूर्ण समर्थन करतीं हैं। ऋषिराज यादव, नित्यानंद यादव, रामकरन, रमेश, चंदन, हरेन्द्र, राजकिशोर, प्रदीप यादव, देवसी यादव आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुबारकपुर बुनकर यूनियन के पदाधिकारी खैरुल बशर अंसारी, निहाल हाशिम और गुफरान अहमद ने बंदी में सक्रिय योगदान दिया। बुनकर सेवा समिति जहानागंज के अध्यक्ष शफीक अहमद की अध्यक्षता में कस्बे के बागीचे में बैठक कर सांकेतिक विरोध प्रकट किया गया। शफीक अहमद, मो. अजहर, खालिक अहमद ने कहा कि बुनकरों के लिए बिजली की दर प्रति पावरलूम के हिसाब से 71.50 रुपये प्रति महीना था। इसे समाप्त कर सरकार ने एक जनवरी 2020 को नए शासनादेश के जरिये मीटर यूनिट की व्यवस्था का एलान कर दिया है। इसके तहत बिजली दर अब प्रति पावर लूम करीब दो हजार रुपया प्रति महीना हो जाएगा। ये बुनकरों की एक महीने की पूरी आय का 50 फीसदी है। बुनकरों की इतनी कमाई हो ही नहीं पाती कि वो अपने परिवार के जीविकोपार्जन के साथ-साथ दो हजार बिजली बिल जमा कर सकें। बुनकरों के इसी संकट को देखते हुए उप्र बुनकर सभा ने एलान किया है कि फिलहाल सभी बुनकर अपना काम-धाम बंद करके कोविड-19 गाइड लाइन के अनुसार अपने अपने घरों में हड़ताल पर रहे। इस सिलसिले में सरकार से वार्ता चल रही है। पूर्व की बिजली व्यवस्था को बहाल कर दी गई तो पुन: अपना काम-धंधा प्रारंभ कर देंगे। अन्यथा संघर्ष को और गति देने के लिए बाध्य हो जाएंगे। इस मौके पर युनूस अंसारी, खलीक अहमद, नेसार अहमद, मो. अजहर, मो. सलमान, गुलाम नबी, नजर आलम, मौलाना आरिफ कमाल आदि उपस्थित थे ।
विज्ञापन
सपा ने बुनकरों की हड़ताल का किया समर्थन
सठियांव। सपा कार्यालय पर बुधवार को बैठक बुनकरों की समस्या को लेकर हुई। पूर्व जिलाध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि जब प्रधानमंत्री ने लालकिला से आपदा को अवसर में बदलने का एलान किया था और लोकतंत्र के लिए ओकल को आत्मनिर्भरता का सबसे बड़ा साधन बताया था तो पावरलूम चलाने वाले बुनकरों में अपने कारोबार को लेकर बड़ी उम्मीद जगी थी। सरकार ने फ्लेट रेट बिजली व्यवस्था को समाप्त कर मीटर रिडिंग सिस्टम लागू किया है। ये बुनकरों के साथ सरासर अन्याय हैं। सरकार की अदूरदर्शी नितियों के कारण देश के परम्परागत कुटीर उद्योग चौपट हो गए हैं। पावरलूम के कारोबार में देश की बड़ी आबादी के लोग लगे हैं। करोड़ों लोगों को रोजी-रोटी देने का काम यह उद्योग करता है। प्रदेश की सरकार को इस पर ध्यान देना होगा। समाजवादी पार्टी पावरलूम बुनकरों के हड़ताल का पूर्ण समर्थन करतीं हैं। ऋषिराज यादव, नित्यानंद यादव, रामकरन, रमेश, चंदन, हरेन्द्र, राजकिशोर, प्रदीप यादव, देवसी यादव आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन