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Azamgarh News: देवारा की कई ग्रामीण सड़कों पर बह रहा पानी, 15 हजार की आबादी प्रभावित
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महाराजगंज के पुरैनिया गांव में बंधे की कटती मिट्टी। संवाद
घाघरा में लगातार तीसरे दिन 3.16 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से देवारा में बाढ़ के हालात बनते जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को सगड़ी तहसील के कई गांवों को जोड़ने वाले संपर्क मार्गों पर पानी चढ़ गया।
लगातार जलस्तर में बढ़ाव होने से हालात विकट होते जा रहे हैं। घाघरा की बाढ़ से देवारा की करीब 15 हजार की आबादी प्रभावित हो रही है।
गांवों के सिवान में लगातार बाढ़ का पानी फैल रहा है। किसानों की बोई गई फसलें पानी की चपेट में आ रही हैं, तो वहीं ग्रामीणों को पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है।
उधर, महाराजगंज ब्लॉक के पुरैनिया गांव को कटान से बचाने के लिए 3.65 करोड़ से मिट्टी की बोरियों से बनाया गया बांध घाघरा की प्रचंड लहरों की जद में है। प्लास्टिक की बोरियां नदी में समा गई हैं तो कटान से बचाने के लिए बनाए गए कटर भी पानी में समा गए हैं। इधर, लहरों की लगातार टक्कर से बांध की मिट्टी कट रही है, जिससे गांव पर कटान और बाढ़ का दोहरा संकट मंडरा रहा है।
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लाटघाट : सगड़ी तहसील क्षेत्र में घाघरा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से तटवर्ती गांवों में दुश्वारियां बढ़ती जा रही हैं। नदी का पानी गांवों की ओर बढ़ने के साथ ही फसलों को भी नुकसान पहुंचने लगा है। कई संपर्क मार्गों पर पानी भर जाने से आवागमन प्रभावित हो गया है। साहडीह, बांका, बुढ़न पट्टी और मानिकपुर सहित कई गांवों के संपर्क मार्ग डूब गए हैं। ग्रामीण डॉ. रामनिवास, पलटन यादव और मोती चंद आदि ने बताया कि गांवों में अब तक क्लोरीन की गोलियां नहीं बांटी गई हैं। ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव भी नहीं कराया गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल शुद्ध पेयजल की व्यवस्था कराने, क्लोरीन की गोलियां वितरित करने और प्रभावित गांवों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराने की मांग की है।
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महुला-गढ़वल बांध से जुड़े मार्गों पर चढ़ा पानी
लाटघाट। घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने से सगड़ी तहसील क्षेत्र में बाढ़ का असर बढ़ता जा रहा है। महुला-गढ़वल बांध से जुड़े पांच प्रमुख संपर्क मार्गों पर पानी चढ़ जाने से करीब 15 हजार की आबादी प्रभावित हुई है। ग्रामीणों को आवागमन के लिए बाढ़ के पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। महुला-गढ़वल बांध से मानिकपुर संपर्क मार्ग, महुला-गढ़वल बांध से साहडीह संपर्क मार्ग, महुला-गढ़वल बांध से बांका-बुढ़न पट्टी संपर्क मार्ग, महुला-गढ़वल मार्ग से सोनौरा-अजगरा-अभन पट्टी संपर्क मार्ग और महुला-गढ़वल बांध से इस्माइलपुर संपर्क मार्ग पर पानी पहुंच गया है। इन मार्गों पर जलभराव होने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। जरूरी काम से बाहर निकलने वाले लोगों को पानी में होकर गुजरना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को हो रही है। यहां तक कि बीमार लोगों को भी पानी से होकर गुजरने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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सरयू में छूटा 3.16 लाख क्यूसेक पानी, बदरहुआ में 16 तो डिघिया में सात सेमी की बढ़ोतरी
लाटघाट। बुधवार शाम चार बजे बदरहुआ नाले का जलस्तर 71.80 मीटर था, जो बृहस्पतिवार को 16 सेंटीमीटर बढ़कर 71.96 मीटर पहुंच गया। वहीं डिघिया नाले का जलस्तर 71.17 मीटर से सात सेंटीमीटर बढ़कर 71.24 मीटर हो गया। बदरहुआ नाले का खतरा बिंदु 71.68 मीटर निर्धारित है। इस लिहाज से जलस्तर खतरे के निशान से 28 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। यहां न्यूनतम जलस्तर 70.25 मीटर और अधिकतम 73.52 मीटर है। डिघिया नाले का खतरा बिंदु 70.40 मीटर है। वर्तमान जलस्तर 71.24 मीटर होने से यह खतरे के निशान से 84 सेंटीमीटर ऊपर है। डिघिया का न्यूनतम जलस्तर 68.90 मीटर और अधिकतम 72.59 मीटर है। वहीं गिरिजा बैराज, शारदा बैराज व सरयू बैराज से सरयू नदी में कुल 3,16,927 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया।
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घाघरा के बढ़ते पानी से पुरैनिया में बढ़ी बाढ़ की चिंता
महाराजगंज। ब्लॉक के अराजी मलहय पुरवा, गंगापुर और पुरैनिया गांव घाघरा नदी के मुहाने पर बसे हैं। नदी का जलस्तर बढ़ने से पुरैनिया गांव के आसपास बाढ़ का पानी फैलने लगा है। इससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। पुरैनिया गांव से पूरब और तिवारीपुर गांव से पश्चिम सिवान के रास्ते पानी गांव की ओर बढ़ रहा है। कटान को रोकने के लिए मिट्टी पाटकर बनाए गए बांध की मिट्टी घाघरा के पानी की तेज हिलोरों के टकराव से कट रही है। बचाव के लिए लगाए गए परकूपाइन भी पानी में डूब गए हैं। वहीं करीब 10 कटर ठोकर भी पानी में समा गए हैं। पूर्व प्रधान एहसान ने बताया कि घाघरा का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का पानी गांवों के आसपास फैल रहा है। पानी पुरैनिया, जजमन जोत, बसंतपुर और शंकरपुर गांवों तक पहुंच गया है। गंगापुर गांव के पश्चिम की ओर भी बाढ़ का पानी खेतों के रास्ते गांव की तरफ बढ़ रहा है। कुछ स्थानों पर पानी चकरोड के ऊपर से बह रहा है। ग्रामीण वृजभान ने बताया कि पानी बढ़ने से खेतों में बोई गई फसलों के डूबने और बर्बाद होने का खतरा है। वहीं बीरबल ने बताया कि बाढ़ का पानी बढ़ने पर पशुओं के चारे की समस्या भी गंभीर हो जाएगी।
-- वर्जन
बाढ़ से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। सोनौरा और मानिकपुर में पानी आ गया है, लेकिन अभी नाव चलाने के हालात नहीं बने हैं। अगर पानी बढ़ता है तो तुरंत नाव का संचालन किया जाएगा। सभी बाढ़ चौकियों को 24 घंटे सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। कोई भी कर्मचारी अगर मौजूद नहीं मिलेगा तो कार्रवाई की जाएगी। -नवीन निश्चल त्रिपाठी। तहसीलदार, सगड़ी।
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लगातार जलस्तर में बढ़ाव होने से हालात विकट होते जा रहे हैं। घाघरा की बाढ़ से देवारा की करीब 15 हजार की आबादी प्रभावित हो रही है।
गांवों के सिवान में लगातार बाढ़ का पानी फैल रहा है। किसानों की बोई गई फसलें पानी की चपेट में आ रही हैं, तो वहीं ग्रामीणों को पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है।
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उधर, महाराजगंज ब्लॉक के पुरैनिया गांव को कटान से बचाने के लिए 3.65 करोड़ से मिट्टी की बोरियों से बनाया गया बांध घाघरा की प्रचंड लहरों की जद में है। प्लास्टिक की बोरियां नदी में समा गई हैं तो कटान से बचाने के लिए बनाए गए कटर भी पानी में समा गए हैं। इधर, लहरों की लगातार टक्कर से बांध की मिट्टी कट रही है, जिससे गांव पर कटान और बाढ़ का दोहरा संकट मंडरा रहा है।
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लाटघाट : सगड़ी तहसील क्षेत्र में घाघरा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से तटवर्ती गांवों में दुश्वारियां बढ़ती जा रही हैं। नदी का पानी गांवों की ओर बढ़ने के साथ ही फसलों को भी नुकसान पहुंचने लगा है। कई संपर्क मार्गों पर पानी भर जाने से आवागमन प्रभावित हो गया है। साहडीह, बांका, बुढ़न पट्टी और मानिकपुर सहित कई गांवों के संपर्क मार्ग डूब गए हैं। ग्रामीण डॉ. रामनिवास, पलटन यादव और मोती चंद आदि ने बताया कि गांवों में अब तक क्लोरीन की गोलियां नहीं बांटी गई हैं। ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव भी नहीं कराया गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल शुद्ध पेयजल की व्यवस्था कराने, क्लोरीन की गोलियां वितरित करने और प्रभावित गांवों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराने की मांग की है।
महुला-गढ़वल बांध से जुड़े मार्गों पर चढ़ा पानी
लाटघाट। घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने से सगड़ी तहसील क्षेत्र में बाढ़ का असर बढ़ता जा रहा है। महुला-गढ़वल बांध से जुड़े पांच प्रमुख संपर्क मार्गों पर पानी चढ़ जाने से करीब 15 हजार की आबादी प्रभावित हुई है। ग्रामीणों को आवागमन के लिए बाढ़ के पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। महुला-गढ़वल बांध से मानिकपुर संपर्क मार्ग, महुला-गढ़वल बांध से साहडीह संपर्क मार्ग, महुला-गढ़वल बांध से बांका-बुढ़न पट्टी संपर्क मार्ग, महुला-गढ़वल मार्ग से सोनौरा-अजगरा-अभन पट्टी संपर्क मार्ग और महुला-गढ़वल बांध से इस्माइलपुर संपर्क मार्ग पर पानी पहुंच गया है। इन मार्गों पर जलभराव होने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। जरूरी काम से बाहर निकलने वाले लोगों को पानी में होकर गुजरना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को हो रही है। यहां तक कि बीमार लोगों को भी पानी से होकर गुजरने को मजबूर होना पड़ रहा है।
सरयू में छूटा 3.16 लाख क्यूसेक पानी, बदरहुआ में 16 तो डिघिया में सात सेमी की बढ़ोतरी
लाटघाट। बुधवार शाम चार बजे बदरहुआ नाले का जलस्तर 71.80 मीटर था, जो बृहस्पतिवार को 16 सेंटीमीटर बढ़कर 71.96 मीटर पहुंच गया। वहीं डिघिया नाले का जलस्तर 71.17 मीटर से सात सेंटीमीटर बढ़कर 71.24 मीटर हो गया। बदरहुआ नाले का खतरा बिंदु 71.68 मीटर निर्धारित है। इस लिहाज से जलस्तर खतरे के निशान से 28 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। यहां न्यूनतम जलस्तर 70.25 मीटर और अधिकतम 73.52 मीटर है। डिघिया नाले का खतरा बिंदु 70.40 मीटर है। वर्तमान जलस्तर 71.24 मीटर होने से यह खतरे के निशान से 84 सेंटीमीटर ऊपर है। डिघिया का न्यूनतम जलस्तर 68.90 मीटर और अधिकतम 72.59 मीटर है। वहीं गिरिजा बैराज, शारदा बैराज व सरयू बैराज से सरयू नदी में कुल 3,16,927 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया।
घाघरा के बढ़ते पानी से पुरैनिया में बढ़ी बाढ़ की चिंता
महाराजगंज। ब्लॉक के अराजी मलहय पुरवा, गंगापुर और पुरैनिया गांव घाघरा नदी के मुहाने पर बसे हैं। नदी का जलस्तर बढ़ने से पुरैनिया गांव के आसपास बाढ़ का पानी फैलने लगा है। इससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। पुरैनिया गांव से पूरब और तिवारीपुर गांव से पश्चिम सिवान के रास्ते पानी गांव की ओर बढ़ रहा है। कटान को रोकने के लिए मिट्टी पाटकर बनाए गए बांध की मिट्टी घाघरा के पानी की तेज हिलोरों के टकराव से कट रही है। बचाव के लिए लगाए गए परकूपाइन भी पानी में डूब गए हैं। वहीं करीब 10 कटर ठोकर भी पानी में समा गए हैं। पूर्व प्रधान एहसान ने बताया कि घाघरा का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का पानी गांवों के आसपास फैल रहा है। पानी पुरैनिया, जजमन जोत, बसंतपुर और शंकरपुर गांवों तक पहुंच गया है। गंगापुर गांव के पश्चिम की ओर भी बाढ़ का पानी खेतों के रास्ते गांव की तरफ बढ़ रहा है। कुछ स्थानों पर पानी चकरोड के ऊपर से बह रहा है। ग्रामीण वृजभान ने बताया कि पानी बढ़ने से खेतों में बोई गई फसलों के डूबने और बर्बाद होने का खतरा है। वहीं बीरबल ने बताया कि बाढ़ का पानी बढ़ने पर पशुओं के चारे की समस्या भी गंभीर हो जाएगी।
बाढ़ से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। सोनौरा और मानिकपुर में पानी आ गया है, लेकिन अभी नाव चलाने के हालात नहीं बने हैं। अगर पानी बढ़ता है तो तुरंत नाव का संचालन किया जाएगा। सभी बाढ़ चौकियों को 24 घंटे सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। कोई भी कर्मचारी अगर मौजूद नहीं मिलेगा तो कार्रवाई की जाएगी। -नवीन निश्चल त्रिपाठी। तहसीलदार, सगड़ी।