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Azamgarh News: डरपासों में भरा पानी, दिन में रहता रात जैसा अंधेरा
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मुबारकपुर क्षेत्र के कस्बा सराय में मानव रहित रेलवे क्रासिंग अंडरपास में भरा पानी। संवाद
लोगों की सुविधा के लिए जिले में रेलवे लाइन और पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर अंडरपास का निर्माण किया गया है। कार्यदायी संस्थाएं अपना कार्य करके चलती बनीं। हालत यह है कि इन अंडरपासों में प्रकाश की कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
इसके कारण इनमें दिन के समय भी रात जैसा अंधेरा पसरा रहता है। इतना ही नहीं, बरसात के मौसम में इनमें पानी भर जाता है, इसके कारण वाहन चालकों को परेशानी होती है।
रेलवे प्रशासन की ओर से जिले में दो अंडरपास बनवाए गए हैं। इसमें खरेवां और फरीउद्दीनपुर अंडरपास शामिल हैं। रेलवे प्रशासन की ओर से इन अंडरपासों का निर्माण तो करा दिया गया। इससे लोगों ने आवागमन भी शुरू कर दिया, लेकिन रेलवे ने इसके बाद फिर कभी इनकी सुधि नहीं ली।
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जबकि प्रकाश की व्यवस्था न होने के कारण इन अंडरपासों में दिन के समय भी अंधेरा पसरा रहता है। इतना ही नहीं, बरसात में इन अंडरपासों में एक से दो फीट तक पानी भर जाता है। इसके कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
वहीं, रेलवे प्रशासन की ओर से अब तक इन अंडरपासों से पानी निकालने का कोई प्रबंध नहीं किया गया है। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
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कस्बा सराय अंडरपास में भरा पानी
अमिलो। रेलवे प्रशासन की ओर से सठियांव रेलवे स्टेशन से पूरब कस्बा सराय स्थित मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर अंडरपास का निर्माण कराया गया है। इस अंडरपास से प्रतिदिन 1000 से अधिक लोगों का आवागमन होता है। अभी तक अंडरपास के ऊपर टिनशेड नहीं लगाया गया है। इसका परिणाम है कि अंडरपास में पानी भरा हुआ है। इसके कारण बसों के पहिए तक उसमें डूब जा रहे हैं। लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के अंडरपास भी अंधेरे में
वहीं, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर भी जिले में लगभग छह जगहों पर अंडरपास का निर्माण कराया गया है। इनकी भी हालत वैसी ही है। हालांकि, इनमें पानी तो नहीं भरता है, लेकिन रात के समय इनमें अंधेरा पसरा रहता है। इससे आवागमन करने वालों को हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है। इनमें सेमरहा, श्रीनगर सियरहा, किशुनदासपुर, बंहौर आदि शामिल हैं।
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तीन माह पूर्व अंडरपास के नीचे हुई थी दुर्घटना
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के सेहदा अंडरपास के पास तीन माह पूर्व दो कारों की टक्कर हो गई थी। इस घटना में दोनों कारों में सवार आठ लोग घायल हुए थे। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी को इलाज के लिए अस्पताल भेजा था।
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बोले लोग
- गांव के एलएचएस 52 रेलवे अंडरपास में दिन में भी अंधेरा जैसा रहता है। आने-जाने वालों से अक्सर आपस में टक्कर हो जाती है। फिलहाल अभी तक कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ है। बारिश में पानी अंडरपास के ऊपर से साइड में आता है, जिससे आवागमन बाधित होता है। -अब्दुल रहमान, खरेवां।
- गांव के रेलवे अंडरपास में पानी भरा रहता है। आने-जाने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। स्कूली बस और छात्राओं के लिए भी दिक्कत होती है और अंदर अंधेरा रहता है। लाइटिंग लग जाए तो बेहतर होगा। -राहुल यादव, फरीउद्दीनपुर।
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बारिश के कारण अंडरपासों में पानी भर रहा है। इन्हें निकालने की व्यवस्था की जा रही है। रही बात अंधेरे की तो जल्द ही इनमें लाइटिंग का कार्य कराया जाएगा। -हिमांशु राव, मुख्य प्रचार निरीक्षक रेलवे।
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इसके कारण इनमें दिन के समय भी रात जैसा अंधेरा पसरा रहता है। इतना ही नहीं, बरसात के मौसम में इनमें पानी भर जाता है, इसके कारण वाहन चालकों को परेशानी होती है।
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रेलवे प्रशासन की ओर से जिले में दो अंडरपास बनवाए गए हैं। इसमें खरेवां और फरीउद्दीनपुर अंडरपास शामिल हैं। रेलवे प्रशासन की ओर से इन अंडरपासों का निर्माण तो करा दिया गया। इससे लोगों ने आवागमन भी शुरू कर दिया, लेकिन रेलवे ने इसके बाद फिर कभी इनकी सुधि नहीं ली।
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जबकि प्रकाश की व्यवस्था न होने के कारण इन अंडरपासों में दिन के समय भी अंधेरा पसरा रहता है। इतना ही नहीं, बरसात में इन अंडरपासों में एक से दो फीट तक पानी भर जाता है। इसके कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
वहीं, रेलवे प्रशासन की ओर से अब तक इन अंडरपासों से पानी निकालने का कोई प्रबंध नहीं किया गया है। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
कस्बा सराय अंडरपास में भरा पानी
अमिलो। रेलवे प्रशासन की ओर से सठियांव रेलवे स्टेशन से पूरब कस्बा सराय स्थित मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर अंडरपास का निर्माण कराया गया है। इस अंडरपास से प्रतिदिन 1000 से अधिक लोगों का आवागमन होता है। अभी तक अंडरपास के ऊपर टिनशेड नहीं लगाया गया है। इसका परिणाम है कि अंडरपास में पानी भरा हुआ है। इसके कारण बसों के पहिए तक उसमें डूब जा रहे हैं। लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के अंडरपास भी अंधेरे में
वहीं, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर भी जिले में लगभग छह जगहों पर अंडरपास का निर्माण कराया गया है। इनकी भी हालत वैसी ही है। हालांकि, इनमें पानी तो नहीं भरता है, लेकिन रात के समय इनमें अंधेरा पसरा रहता है। इससे आवागमन करने वालों को हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है। इनमें सेमरहा, श्रीनगर सियरहा, किशुनदासपुर, बंहौर आदि शामिल हैं।
तीन माह पूर्व अंडरपास के नीचे हुई थी दुर्घटना
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के सेहदा अंडरपास के पास तीन माह पूर्व दो कारों की टक्कर हो गई थी। इस घटना में दोनों कारों में सवार आठ लोग घायल हुए थे। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी को इलाज के लिए अस्पताल भेजा था।
बोले लोग
- गांव के एलएचएस 52 रेलवे अंडरपास में दिन में भी अंधेरा जैसा रहता है। आने-जाने वालों से अक्सर आपस में टक्कर हो जाती है। फिलहाल अभी तक कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ है। बारिश में पानी अंडरपास के ऊपर से साइड में आता है, जिससे आवागमन बाधित होता है। -अब्दुल रहमान, खरेवां।
- गांव के रेलवे अंडरपास में पानी भरा रहता है। आने-जाने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। स्कूली बस और छात्राओं के लिए भी दिक्कत होती है और अंदर अंधेरा रहता है। लाइटिंग लग जाए तो बेहतर होगा। -राहुल यादव, फरीउद्दीनपुर।
बारिश के कारण अंडरपासों में पानी भर रहा है। इन्हें निकालने की व्यवस्था की जा रही है। रही बात अंधेरे की तो जल्द ही इनमें लाइटिंग का कार्य कराया जाएगा। -हिमांशु राव, मुख्य प्रचार निरीक्षक रेलवे।