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डर के चलते स्टेशन और रोडवेज में बिताई रातें

Mon, 20 Jan 2020 11:30 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 20 Jan 2020 11:30 PM IST
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Vivek remained in railway station, roadways due to threats
आजमगढ़। सरायमीर थाने के कमालपुर गांव निवासी सपा नेता फौजदार पासवान की हत्या में शामिल बसपा के पूर्व मंत्री हीरालाल गौतम सहित तीन आरोपियों को प्रयागराज की एमपी-एमएलए कोर्ट में सोमवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट के निर्णय सुनकर पीड़ितों की आंखें भर आई। फौजदार के इकलौते बेटे ने बताया कि हीरालाल गौतम ने न सिर्फ हिस्ट्रीशीटरों से धमकी दिलवाई, वहीं रुपये देकर शूटरों को भी पीछे लगाया। न्याय के लिए वह लगातार छह साल तक घर से बाहर रहा। कभी रेलवे स्टेशन तो कभी रोडवेज परिसर में पेपर बिछाकर सोया। इस दौरान पुलिस ने भी पीड़िता का जमकर साथ दिया।
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सरायमीर थाने के कमालपुर गांव निवासी फौजदार पासवान के इकलौते बेटे विवेक पासवान ने बताया कि पिता की हत्या के बाद वह पूरी तरह से टूट चुका था। लेकिन उसकी मां और बहनों ने हिम्मत दी और उसने मुकदमे की पैरवी शुरू की । विवेक ने बताया कि हत्या में शामिल पूर्व मंत्री हीरालाल के अलावा इंदू उर्फ इंद्रभान और शिवकुमार दोनों पेशेवर अपराधी हैं। इंद्रभान की अच्छीखासी गिरोह है। उसके विरुद्ध हत्या, हत्या के प्रयास सहित अन्य एक दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। विवेक ने बताया कि मुकदमा खत्म करने के लिए हीरालाल सहित अन्य आरोपियों की तरफ से हर तरीका अपनाया गया। पूर्व मंत्री के प्रभाव में आकर आजमगढ़ सहित आसपास क्षेत्र का शायद ही कोई अपराधी या बाहुबली नेता बचा हो, जिसने धमकी न दी है। विवेक ने बताया कि वह लगातार छह साल परिवार से दूर रहा। बाहर-बाहर ही पैरवी करता और फिर गायब हो जाता। साल 2017 में इस मुकदमे की पैरवी के लिए एसपी ग्रामीण को राजपत्रित अधिकारी के तौर पर जिम्मेदारी सौंपी गई। एसपी ग्रामीण द्वारा ना केवल पीड़ित परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई गई, बल्कि सादे कपड़ों में पुलिस विवेक के परिवार की निगरानी करने लगे। विवेक को शस्त्र लाइसेंस के लिए रिपोर्ट लगाई गई, हालांकि डीएम के यहां मामला लंबित है।
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पीड़ितों की मदद और सुरक्षा करना पुलिस की जिम्मेदारी है। इस मुकदमे में सुरक्षा के बीच गवाहों की गवाही कराई गई। जिसका परिणाम रहा कि आरोपियों को उनके किए की सजा मिली। - नरेंद्र प्रताप सिंह, एसपी ग्रामीण
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