{"_id":"59ac48764f1c1b6e6a8b486a","slug":"villagers-clean-the-drainage-drain","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्रामीणों ने कराई नाला सफाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्रामीणों ने कराई नाला सफाई
आजमगढ़/ ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Sun, 03 Sep 2017 11:52 PM IST
विज्ञापन
विंद्रा बाजार में जेसीबी से की गई नाले की सफाई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुहम्मदपुर विकास खंड के रानीपुर रजमों गांव स्थित बाहा की सफाई न होने और हाइवे के निर्माण के कारण पानी के बहाव में हुई रूकावट से पूरा गांव डूबने की कगार पर पहुंच गया है। रविवार को ग्रामीणों के कहने पर हाइवे के निर्माण में लगी कार्यदायी संस्था ने जेसीबी मशीन से पुलिया की सफाई कराई। जिससे गांव में रूके पानी की निकासी शुरू हुई।
रानीपुर रजमों गांव में पानी के निकास के लिए दो बाहा है। लेकिन इनकी सफाई न कराई गई। वहीं फोरलेन का निर्माण शुरू हो गया जिसमें गांव से पानी के निकास की व्यवस्था नहीं की गई। जिसके कारण गांव में पानी लग गया। कई लोगों के घरों में बारिश का पानी घुस गया। लेकिन किसी भी प्रशासनिक अधिकारी द्वारा गांव को डूबने से बचाने के लिए कोई प्रयास शुरू नहीं किया गया। जिसके कारण पूरा गांव पानी में डूब गया। रविवार को ग्रामीणों ने खुद हाइवे के निर्माण में जुटी कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर रमेश और अमित सिंह से सहयोग मांगा। ग्रामीणों के हित को देखते हुए प्रोजेक्ट मैनेजर ने दो घंटे के लिए ग्रामीणों को जेेसीबी मशीन उपलब्ध कराई। मशीन मिलने के बाद ग्रामीणों ने जाम पड़ी पुलिया की सफाई कराई। जिससे धीरे-धीरे गांव का पानी निकलना शुरू हुआ तब जाकर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। ग्रामीणों ने कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर को इसके लिए धन्यवाद दिया। इस मौके पर शिवप्रकाश, अनूप, रवि, बाबूलाल, मुखराम, राजेश, गणेश, बबलू, नेम सिंह, संजय, अवधेश, जयराम, बाबूलाल, लखन, बाटू, सरोज, हरि सोनकर आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन
रानीपुर रजमों गांव में पानी के निकास के लिए दो बाहा है। लेकिन इनकी सफाई न कराई गई। वहीं फोरलेन का निर्माण शुरू हो गया जिसमें गांव से पानी के निकास की व्यवस्था नहीं की गई। जिसके कारण गांव में पानी लग गया। कई लोगों के घरों में बारिश का पानी घुस गया। लेकिन किसी भी प्रशासनिक अधिकारी द्वारा गांव को डूबने से बचाने के लिए कोई प्रयास शुरू नहीं किया गया। जिसके कारण पूरा गांव पानी में डूब गया। रविवार को ग्रामीणों ने खुद हाइवे के निर्माण में जुटी कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर रमेश और अमित सिंह से सहयोग मांगा। ग्रामीणों के हित को देखते हुए प्रोजेक्ट मैनेजर ने दो घंटे के लिए ग्रामीणों को जेेसीबी मशीन उपलब्ध कराई। मशीन मिलने के बाद ग्रामीणों ने जाम पड़ी पुलिया की सफाई कराई। जिससे धीरे-धीरे गांव का पानी निकलना शुरू हुआ तब जाकर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। ग्रामीणों ने कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर को इसके लिए धन्यवाद दिया। इस मौके पर शिवप्रकाश, अनूप, रवि, बाबूलाल, मुखराम, राजेश, गणेश, बबलू, नेम सिंह, संजय, अवधेश, जयराम, बाबूलाल, लखन, बाटू, सरोज, हरि सोनकर आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन